मिथिलालोक फाउंडेशन अध्यक्ष

क्या दिवाली पर पटाखे जलाना प्राचीन भारतीय संस्कृति का परिचायक है?

रोशनी का पर्व दिवाली पर दीये जलाने की परंपरा शुरू होने के संबंध में कतिपय पौराणिक आख्यान मिलते हैं, लेकिन बारूद के खिलौने अर्थात पटाखे जलाकर खुशियां मनाने के संबंध में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता है कि यह भारतीय सभ्यता-संस्कृति का परिचायक है।
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