मुस्लिम शासन का मूल्याकंन

तारिक फतह पर जावेद अख्तर के हमले के बाद अनेक लोग भारतीय इतिहास में मुस्लिम शासन के गीत गा रहे हैं। यह यहाँ लंबे समय से इतिहास के व्यवस्थित मिथ्याकरण का ही कुफल है। जिन से यह सुधारने की अपेक्षा थी, वे खुद वैचारिक खस्ताहाल हैं।

जावेद अख्तर का मुगलिया रंग

फिल्मी हस्ती जावेद अख्तर भारत में मुगल शासन को खुशहाली का समय मानते हैं। तुलना करते हुए वे अकबर, जहाँगीर को महान और अंग्रेजों को गया-गुजरा बताते हैं। मुख्यतः इसी मतभेद पर वे तारिक फतह को हिन्दू सांप्रदायिकों का ‘प्रवक्ता’ कहते हुए जलील कर रहे हैं।