अखंड भारत के दो विकल्प

मुहम्मदी मजहब में तो जिहाद एक अभिन्न कर्तव्य है। उस की खुली घोषणा है कि दुनिया में शान्ति तभी होगी ‘जब पूरी दुनिया अल्लाह और प्रोफेट मुहम्मद की हो जाएगी’।