दिल्ली में 12 दिन पहले पहुंचेगा मॉनसून

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में इस साल मॉनसून समय से काफी पहले पहुंच रहा है। दिल्ली में 12 दिन पहले तो उत्तर भारत के कई इलाकों में 15 दिन पहले मॉनसून पहुंच रहा है। केरल में दो दिन की देरी से पहुंचने के बाद मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्य भारत तक पहुंच चुका है। वहां से मॉनसून देश के उत्तरी इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके अगले दो दिनों में पूरे उत्तरी भारत में छाने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में मॉनसून इस बार 15 दिन पहले पहुंच रहा है। राजधानी दिल्ली में मॉनसून पहुंचने से पहले पारा चढ़ने से न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार सुबह हवा में नमी का स्तर 67 फीसदी था। दिल्ली में इस साल मॉनसून सामान्य समय से 12 दिन पहले यानी 15 जून को दस्तक दे सकता है। इससे पहले साल 2008 में भी मॉनसून 15 जून को दिल्ली पहुंचा था। उधर मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पहुंचने के बाद से ही लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञान विभाग ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों में 13… Continue reading दिल्ली में 12 दिन पहले पहुंचेगा मॉनसून

क्या होता है लेप्टोस्पायरोसिस..मायानगरी पर क्यो छाया इसका साया, जानें इसके लक्षण और उपचार

मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में कोरोना ने अपना बेइंतहा कहर बरसाया है। कोरोना के बाद बारिश ने मुंबई को खूब भिगोया है। कई निचले इलाके वाले मकानों में पानी भर जाने से उनको समस्या का सामना करना पड़ा। मानसून के आगमन पर मायानगरी पर खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में बृह्न्मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) ने गुरुवार को लेप्टोस्पायरोसिस को लेकर परामर्श जारी किया है।मौसम विभाग ने मायानगरी में भयंकर बारिश के आसार बताये है। अनुमान लगाया है कि मुंबई में मूसलाधार बारिश हो सकती है। नगर निगम ने लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों के बढ़ने की चेतावनी जारी की है। लोग अगर पानी में उतरते हैं, या सड़कों भरे पानी में बगैर गम बूट पहने चलते हैं तो ऐसे लोगों को संक्रमण का ज्यादा खतरा है। अगर कोई जिसके पैरों में या शरीर के किसी हिस्से में चोट लगी हुई है और वो रुके हुए पानी में चलता है तो उसे लेप्टोस्पायरोसिस का मध्यम खतरा है। यह बारिश के पानी से होने वाला एक प्रकार का संक्रमण होता है। होता क्या है लेप्टोस्पायरोसिस ये एक तरह का दुर्लभ बैक्टीरियल संक्रमण होता है, लेप्टोस्पायरोसिस की बीमारी इंसानों में जानवरों के जरिये फैलता है, ऐसा तब होता है जब शरीर में… Continue reading क्या होता है लेप्टोस्पायरोसिस..मायानगरी पर क्यो छाया इसका साया, जानें इसके लक्षण और उपचार

बिहार में 12-15 जून के मध्य दस्तक देगा मानसून, सितंबर तक बरसेगा

पटनाः बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान यास अब ठंडा पड़ चुका है। लेकिन इसने बंगाल, ओडिशा,झारखंड और बिहार में तबाही मचाई थी। यास के प्रभाव से यहां जमकर बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी पटना समेत कई जिला मुख्यालय जलमग्न हो गये है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर बिहार में आज (शनिवार) भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे बिहार के अधिकतर जिलों में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने इस बीच गया और नवादा जिला के लिए विशेष तौर पर अलर्ट जारी किया है क्योंकि यहां मध्यम से भारी बारिश के बीच वज्रपात की भी आशंका है। ऐसे में मौसम विभाग का कहना है कि 12-15 जून के मध्य बिहार में मानसून दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यास अब यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हवा की रफ्तार और बारिश की तीव्रता कम हो गई है। अगले 24 घंटों में यह और भी कम हो जाएगी। चक्रवात यास कम दबाव के क्षेत्र के रूप में बदलकर राज्य के उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ गया है और अगले 24 घंटों… Continue reading बिहार में 12-15 जून के मध्य दस्तक देगा मानसून, सितंबर तक बरसेगा

Cyclone Yaas Update: तूफान यास को हल्के में न लें, NDRF के डीजी ने यह कहा

नई दिल्ली | चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas in India) अगले दो दिन में भीषण रूप ले सकता है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इसे हलके में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि यह एक भीषण तूफान में बदल सकता है और बड़ी तबाही मचा सकता है। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से उठा यह चक्रवाती तूफान यास पश्चिम बंगाल और ओड़िशा की तरफ आगे बढ़ रहा है। 26 मई की शाम तक इसके उत्तरी ओड़िशा के पारादीप और पश्चिम बंगाल के सागर आइलैंड से टकराने की संभावना है। मौसम विभाग ने यास को बहुत गंभीर चक्रवात की श्रेणी में शामिल किया है। इसका असर पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, और अंडमान निकोबार द्वीप समूह जैसे राज्यों में दिख सकता है। इस बीच पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, एनडीआरएफ की 85 टीमें पांच राज्यों में तैनात की हैं। तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इन राज्यों में 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं… Continue reading Cyclone Yaas Update: तूफान यास को हल्के में न लें, NDRF के डीजी ने यह कहा

Cyclone Yaas: ताऊ ते की विदाई के बाद YAAS के लिए तैयार रहे..मौसम विभाग का अलर्ट

चक्रवात ‘ताउते’ का तांडव अभी थमा नहीं है कि इसी बीच एक और चक्रवात की आहट ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। दरअसल मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि 23-24 मई के आस-पास बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर दवाब विकसित होता दिख रहा है, जो कि साइक्लोन में तब्दील हो सकता है। मौसम विभाग की नजर इस दवाब पर बनी हुई है। आईएमडी ने कहा है कि इस वक्त सारी परिस्थितियां बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवात के अनुकूल हैं और इसी वजह से तूफान आ रहे हैं। इस आने वाले तूफान का नाम यास है। इस बार तूफान का नाम ओमान ने दिया है। मौसम विभाग इस पर पूरी नज़र रख रहा है। ताऊ ते ने एक ओर जहां गुजरात में 13 लोगों की तूफान से मौत हुई तो वहीं महाराष्ट्र में 6 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की सूचना है। इसके साथ ही जिन जगहों से तूफान गुजरा, वहां तबाही का अलग ही मंजर दिखा। इसे भी पढ़ें Rajasthan में तूफान ‘Tauktae’: 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश, सैंकड़ों पेड़ धराशाही, नदी-नालों में उमड़ा पानी का सैलाब मौसम विभाग ने अगले तूफान की दी सूचना भारत मौसम… Continue reading Cyclone Yaas: ताऊ ते की विदाई के बाद YAAS के लिए तैयार रहे..मौसम विभाग का अलर्ट

कमजोर हुआ तूफान, खतरा टला

नई दिल्ली। अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान ताउते धीरे धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है। कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में कई जगह तट से टकराने के बाद यह कमजोर हुआ और उसके बाद राजस्थान की ओर बढ़ा। मंगलवार को देर रात इसके राजस्थान पहुंचने की संभावना है। इसकी वजह से कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसका असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि दिल्ली में अगले दो दिन बारिश हो सकती है। इस तूफान की वजह से पिछले तीन दिन में पांच राज्यों में कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। चक्रवाती तूफान ताउते की वजह से गुजरात के कई जिलों में सोमवार रात और मंगलवार को भारी बारिश हुई है। तेज हवा चलने से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और मकान गिर गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक एसएन प्रधान ने मंगलवार को कहा कि तूफान का सबसे खराब दौर गुजर गया है। कुछ घंटों में यह काफी कमजोर पड़ जाएगा। इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने बताया कि तूफान की वजह से राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है। तेज हवाओं की वजह से 40 हजार पेड़ गिर… Continue reading कमजोर हुआ तूफान, खतरा टला

Cyclone Storm Tauktae ने मुंबई में मचाई तबाही, कई पेड़ धराशाई, कुछ मकान क्षतिग्रस्त

मुंबई | चक्रवाती तूफान तौकते (Cyclone Tauktae) ने आज मुंबई (Mumbai) में जोरदार तबाही मचाई। करीब 60-75 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के साथ तेज आंधी ने मुंबई (Mumbai) में जोरदार तबाही मचाई जिसमें कई पेड़ टूट गए और कुछ घरों को नुकसान पहुंचा । सड़क पर यातायात बाधित (Traffic interrupted) हो गया लेकिन किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी। ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Cyclone Storm) के रूप में वर्गीकृत, इसके प्रभाव रविवार-सोमवार की आधी रात के तुरंत बाद महसूस किए गए। कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई, कुछ स्थानों में गरज और बिजली के साथ तेज हवाएं भी चलीं। उसके बाद यह सिंधुदुर्ग से उत्तर की ओर घूम गया था । अब ये रत्नागिरी रायगढ़-मुंबई की ओर से गुजरात तट के पास पहुंचेगा। एक अधिकारी ने कहा कि एक बड़े एहतियाती उपाय के तौर पर राज्य के अधिकारियों ने सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और ठाणे में लगभग 4,000 के अलावा तट के साथ संवेदनशील स्थानों से 7,866 लोगों को पहले ही स्थानांतरित कर दिया है। इसे भी पढ़ें –  Unique Temple: दुनिया का एक मात्र मंदिर जहां शिवलिंग की नहीं, भोले नाथ के अंगूठे की होती है पूजा आज सुबह तक, शहर में 8.37… Continue reading Cyclone Storm Tauktae ने मुंबई में मचाई तबाही, कई पेड़ धराशाई, कुछ मकान क्षतिग्रस्त

Cyclone Tauktae live updates: तूफान का खतरा बढ़ा, पांच की मौत

नई दिल्ली। देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में चक्रवाती तूफान तौकते का खतरा बढ़ गया है। यह चक्रवाती तूफान रविवार को गोवा के तट से टकराया, जिसकी वजह से गोवा और उससे सटे कर्नाटक के कई इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई है। कर्नाटक के छह तटीय जिले इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। वहां अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मिला कर इस तूफान की वजह से अब तक पांच लोगों की मौत हुई है। गुजरात, महाराष्ट्र और केरल के साथ सात राज्यों में इसका व्यापक असर होने की आशंका है। कर्नाटक के छह जिलों पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है। इन जिलों के 73 गांव इससे प्रभावित हुए हैं। राज्य में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। सभी छह जिलों में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश हो रही है और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा हालात पर नजर बनाए हुए हैं। तूफान के कारण गोवा के कई जिलों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है, जहां सबसे पहले तूफान तटीय क्षेत्र से टकराया। उधर दक्षिण के राज्यों में केरल में सर्वाधिक असर की आशंका है। वहां… Continue reading Cyclone Tauktae live updates: तूफान का खतरा बढ़ा, पांच की मौत

अप्रैल के महीने में भी Himachal Pradesh में हो रही बर्फबारी, पर्यटक ले रहे मौसम का आनंद

शिमला | अप्रैल महीना खत्म होने वाला है और अभी हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के इलाकों में पर्यटक (Tourist) अपने रिसॉर्ट से बर्फबारी (Snowfall) का लुफ्त उठा रहे हैं। इसकी जानकारी आज मौसम अधिकारियों (Weather officials) ने दी। राज्य की राजधानी शिमला (Shimla) में रात में तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यहां इस दौरान 16.2 मिमी बारिश (Rain) भी हुई। शहर मनाली में 43 मिमी बारिश (Rain) के साथ 4.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि इसके आस-पास के स्थानों जैसे कि अटल टनल में मौसम के अनुसार हल्की बर्फबारी हुई। मौसम विभाग (Weather department) के एक अधिकारी ने बताया कि मध्य पर्वतीय इलाकों में गरज और तेज हवाओं के साथ बारिश (Rain) हुई और राज्य में ऊंची जगहों में बर्फबारी (Snowfall) के साथ न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति के दूरस्थ जिलों, किन्नौर और चंबा में रात के दौरान हल्की बर्फबारी (Snowfall) हुई और सुबह बादल छाए रहे और मौसम बेहद ठंडा रहा। इसे भी पढ़ें – हाल-ए-इलाज : यहां ट्रक पहुंचते ही परिजनों ने लूट लिये ऑक्सीजन के सिलेंडर …. लाहौल-स्पीति के केलांग में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो राज्य का सबसे ठंडा तापमान… Continue reading अप्रैल के महीने में भी Himachal Pradesh में हो रही बर्फबारी, पर्यटक ले रहे मौसम का आनंद

जानें, कोरोना से दुनिया को डराने के बाद क्यों पीली पड़ी चीन की राजधानी बीजिंग

New Delhi: पूरी दुनिया को कोरोना (Corona) ने परेशान किया है. ये परेशानी भी ऐसी की कई देश अबतक इससे उबर नहीं पाये हैं. यहीं कारण है कि अब विश्व के सभी देशों का ध्यान चीन(China) में होने वाली हर हलचल पर होती है. सोमवार की सुबह चीन के लिए खास थी. चीन की राजधानी बीजिंग(Beijing) में आज  सुबह जब लोगों ने आखें खोलीं तो पाया कि चारों ओर पीली रौशनी फैली हुई थी. जो तस्वीरें चीन से आयी वो सामान्य लोगों के लिए जरूर हैरान करने वाली थी. लेकिन चीन के लोगों के लिए ये हर साल होने वाली एक सामान्य घटना थी. बता दें कि ये नजारा सुखद नहीं होता या ये कोई प्रकृति का तोहफा (nature gift) भी नहीं होता. दरअसल, चीन की राजधानी बीजिंग चारों ओर फैली भूरी धूल के कारण पीली दिखाई दे रही थी. जानकारी के अनुसार भीतरी मंगोलिया और उत्तर-पश्चिमी चीन के कई इलाकों में भारी हवाएं चल रही हैं. यहीं कारण है कि  बीजिंग में साल का सबसे खराब सैंडस्टॉर्म देखने को मिला . चीन की मौसम विज्ञान (meteorological department) ने भी इसे इसे एक दशक का सबसे बड़ा सैंडस्टॉर्म कहा जिस कारण स्थिति भयावह दिख रही है. इसे भी पढ़ें- इस भाजपा… Continue reading जानें, कोरोना से दुनिया को डराने के बाद क्यों पीली पड़ी चीन की राजधानी बीजिंग

जम्मू-कश्मीर में बारिश, बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर में आज क-रुक कर बारिश और बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में अगले 36 घंटों के दौरान शनिवार तक हल्की से सामान्य बारिश और बर्फबारी होने की बात कही है।

जम्मू-कश्मीर में ताजा बर्फबारी, बारिश

जम्मू-कश्मीर के मैदानी ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आज ताजा बर्फबारी हुई जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहने की बात कही है।

जम्मू-कश्मीर में हुई बारिश और हल्की बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर में आज मैदानी इलाकों में बारिश हुई और ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को दोपहर बाद से मौसम में सुधार होगा।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 दिन तक शुष्क रहेगा मौसम

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बादल छाए रहने से आज न्यूनतम तापमान में थोड़ा सुधार हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में अगले 2 दिन तक मोटे

6 दिन बाद कश्मीर के मौसम में हुआ सुधार

कश्मीर घाटी में 6 दिनों के बाद बादलों से छनकर आई सूरज की किरणों ने सोमवार को मौसम में सुधार किया। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब अगले 48 घंटों यानि कि

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