झोलाछाप विशेषज्ञों के हवाले कोरोना का प्रबंधन

भारत में कोरोना वायरस का प्रबंधन कौन संभाल रहा है? प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री या स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी? इनका जिक्र इसलिए क्योंकि चारों तरफ इन्हीं के चेहरे दिखाई देते हैं। पर असल में प्रबंधन का काम चिकित्सा क्षेत्र के कुछ विशेषज्ञों के हाथ में है। नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉक्टर वीके पॉल या आईसीएमआर… Continue reading झोलाछाप विशेषज्ञों के हवाले कोरोना का प्रबंधन

इलाज का प्रोटोकॉल बनाए सरकार

भारत में कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ जिस अंदाज में जंग लड़ी जा रही है वह दुनिया में सबसे अनोखी है। इस जंग की सबसे अनोखी बात यह है कि किसी को पता नहीं है इससे कैसे लड़ा जा रहा है। सेनापति कौन है, जंग की रणनीति क्या है, अस्त्र-शस्त्र कौन से हैं यह… Continue reading इलाज का प्रोटोकॉल बनाए सरकार

पीक आएगा तो कितने मामले होंगे

कोरोना वायरस से लड़ने की रणनीति बना रहे लोगों को अंदाजा हो गया है कि अभी भारत में इस वायरस का संक्रमण बढ़ेगा और जून-जुलाई तक पीक आएगा। हालांकि यह भी अधूरी बात है क्योंकि जून-जुलाई तक पीक उन जगहों पर आएगा, जहां अभी ढेर सारे मामले आ रहे हैं।

लोगों पर भी फोड़ेंगे ठीकरा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स के रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार को कई बातें ऐसी कहीं, जिनसे भविष्य का अंदाजा लग रहा है। इसमें खासतौर से गौर करने वाली एक बात उन्होंने कही। गुलेरिया ने कहा कि लॉकडाउन से भारत को फायदा हुआ है, इससे संक्रमण की रफ्तार कम हुई और मेडिकल तैयारियों के लिए वक्त मिला।

कहा जाने लगा जून-जुलाई में पीक आएगा!

कोराना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन की शर्तों में छूट दिए जाने के बीच ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भारत में अभी पीक नहीं आया है।

मलेरिया की दवा से इलाज नुकसानदेह!

नई दिल्ली। मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। इस दवा को कोरोना के इलाज में मददगार बताए जाने पर एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि लैब से मिले कुछ आंकड़ों से पता चलता है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोविड-19… Continue reading मलेरिया की दवा से इलाज नुकसानदेह!