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राज्यपालों के तबादले, नियुक्तियों की तैयारी

modi government transfer : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में फेरबदल को लेकर चल रही अटकलों के बीच खबर है कि सरकार कुछ राज्यपालों के तबादले और कुछ नई नियुक्तियों की सिफारिश राष्ट्रपति को करने वाली है। कुछ राज्यों में राज्यपाल, उप राज्यपाल, प्रशासक आदि के पद खाली हैं। कुछ जगह खाली होने वाले हैं और कुछ जगहों पर राज्यपालों का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन वे अपने पद पर काम कर रहे हैं। तभी कहा जा रहा है कि अगले कुछ दिन में इसकी घोषणा हो सकती है। मंत्रीजी का रुतबा.. रेलमंत्री ने आते ही इंजीनियर से कहा कि आप मुझे सर नहीं बॉस बोलोगे मिजोरम की राज्यपाल और लंबे समय तक राज्यसभा में उप सभापति रहीं नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल इसी महीने 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। उनकी जगह नया राज्यपाल नियुक्त हो सकता है। अगले महीने जगदीश मुखी का कार्यकाल भी पूरा होगा। उनको अगस्त 2016 में अंडमान निकोबार का उप राज्यपाल बनाया गया था और अक्टूबर 2017 में असम का राज्यपाल बनाया गया। जानकार सूत्रों का कहना है कि हरियाणा और एक-दो और राज्यों के राज्यपालों का तबादला हो सकता है। मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर… Continue reading राज्यपालों के तबादले, नियुक्तियों की तैयारी

कोश्यारी को स्पीकर नियुक्ति की चिंता!

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ( governor bhagat singh koshyari ) को इस बात की चिंता है कि विधानसभा में अभी तक स्पीकर की नियुक्ति क्यों नहीं हुई। गौरतलब है कि कांग्रेस के नाना पटोले स्पीकर थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उसके बाद से अभी तक कांग्रेस पार्टी स्पीकर का नाम नहीं तय कर पाई है। पर इसके बगैर कोई आफत नहीं आ रही है, जिसकी वजह से राज्यपाल को सवाल पूछना पड़े। लेकिन क्या सचमुच राज्यपाल की चिंता है या भाजपा की चिंता है? पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता देवेंद्र फड़नवीस एक प्रतिनिधिमंडल लेकर राज्यपाल से मिलने गए थे और उसके अगले ही दिन राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से यह सवाल पूछ दिया कि स्पीकर कब तक नियुक्त होगा। यह राज्यपाल की स्वाभाविक चिंता नहीं है। भाजपा को इस समय कांग्रेस, एनसीपी और शिव सेना के बीच चल रही खींचतान पर राजनीति करनी है इसलिए उसने यह मुद्दा उठाया है। यह भी पढ़ें: यूपी में किसान वोट बांटने का खेल सवाल है कि जिस राज्यपाल को समय पर स्पीकर नियुक्ति की इतनी चिंता है उसने विधान परिषद के 12 सदस्यों का मनोनयन क्यों आठ महीने से लटका रखा है? महाराष्ट्र… Continue reading कोश्यारी को स्पीकर नियुक्ति की चिंता!

उप राज्यपाल और प्रशासक भी नियुक्त होंगे

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच यह भी खबर है कि जल्दी ही कुछ राज्यपाल, उप राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अनिल बैजल की जगह नया उप राज्यपाल नियुक्त होना है। वैसे बैजल का कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर तक है लेकिन जिस तक तरह से पुड्डुचेरी से किरण बेदी को चार-पांच महीने पहले हटा दिया गया वैसे ही बैजल की भी विदाई हो सकती है। चूंकि अब केंद्र सरकार ने दिल्ली में उप राज्यपाल को ही सरकार का दर्जा दे दिया है इसलिए संभव है कि पार्टी के किसी पुराने नेता को उप राज्यपाल बनाया जाए। हालांकि उसमें भाजपा के कई नेता नुकसान देख रहे हैं तभी हाल में रिटायर हुए कुछ अधिकारियों के नाम की भी चर्चा है। उधर पुड्डुचेरी में किरण बेदी को हटाने के बाद से उप राज्यपाल का पद खाली है। तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन वहां का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं। जल्दी ही वहां नए उप राज्यपाल की नियुक्ति होगी। लक्षद्वीप के प्रशासक पूर्व आईपीएस अधिकारी दिनेश्वर शर्मा के निधन से वहां का पद खाली है। हालांकि दादर नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा… Continue reading उप राज्यपाल और प्रशासक भी नियुक्त होंगे

UP : राज्यपाल से मिले यूपी प्रभारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच रविवार को पार्टी के प्रभारी राधा मोहन सिंह ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। इससे पहले शनिवार को वे दिल्ली में थे, जहां पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल हुए। वहां से अचानक वे लखनऊ पहुंचे और रविवार को राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद राधा मोहन सिंह ने कहा है कि प्रभारी बनने के बाद वे राज्यपाल से मिले नहीं थे, इसलिए उन्होंने शिष्टाचार मुलाकात की है। हालांकि उनकी मुलाकात की बाद राज्य सरकार में बदलाव की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार में फेरबदल की अटकलों के बारे में उन्होंने कहा है कि इसका फैसला मुख्यमंत्री खुद करेंगे। उन्होंने कहा- जो भी पद खाली हैं, उचित समय आएगा तो उन्हें मुख्यमंत्री स्वयं भरेंगे। मुख्यमंत्री बदले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा- सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। सभी उनका लोहा मानते हैं, कोरोना से निपटने में उन्होंने किस तरह काम किया है, यह सब जानते हैं। राधा मोहन सिंह ने कहा- सरकार और संगठन अच्छे से काम कर रही है। कुछ लोगों के अपने दिमाग की खेती है, जो कुछ भी… Continue reading UP : राज्यपाल से मिले यूपी प्रभारी

ये हम हैं और ये हमारी बरबादी है

आप पाएंगे कि हर कोई अपने काम में देर कर रहा है। मसलन, मद्रास हाईकोर्ट ने यह कहने में कितनी देर कर दी कि चुनाव आयोग ही कोरोना की दूसरी लहर का जिम्मेदार है और अगर चुनाव आयोग पर हत्या का मुकदमा दायर किया जाए तो भी गलत नहीं होगा। यह तल्ख टिप्पणी तब आई है जब पश्चिम बंगाल का चुनाव अंतिम चरण में पहुंच गया है। जब चुनाव की घोषणा हुई थी, उस समय भी कोरोना जारी था और सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नियम लागू थे। तो जब आठ चरणों में चुनाव कराने का ऐलान हुआ तभी क्यों नहीं हमारे किसी हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया? उसके बाद भी, सारे नियम-कायदे त्याग कर, पूरी नंगई से, रैलियां व रोड-शो चलते रहे, तब भी किसी अदालत को ख्याल नहीं आया कि यह गलत हो रहा है। और अगर सचमुच देश में चल रहे मौजूदा कोहराम के लिए चुनाव आयोग ही दोषी है तो अदालत केवल कह कर क्यों रुक गई, उसने सचमुच उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश क्यों नहीं दे दिया? ऐसा करने के लिए उसे और क्या चाहिए? क्या उसके लिए इससे भी ज्यादा तबाही की दरकार है? कुछ दिन पहले दिल्ली… Continue reading ये हम हैं और ये हमारी बरबादी है

कोरोना का मोर्चा क्या गृह मंत्रालय संभालेगा?

केंद्र सरकार ने दिल्ली में एनसीटी कानून ऐसे समय लागू किया है, जब राज्य कोरोना वायरस की गिरफ्त में है। पूरे राज्य में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है और देश के दूसरे किसी भी राज्य के मुकाबले संक्रमण की दर ज्यादा दिख रही है। दिल्ली में पिछले 10 दिन से संक्रमण की दर लगातार 32 फीसदी के आसपास है। यानी टेस्ट कराने वाले तीन में से एक व्यक्ति संक्रमित मिल रहा है। ऐसे समय में दिल्ली सरकार के सारे अधिकार लेकर उप राज्यपाल को देना और उप राज्यपाल को दिल्ली सरकार बनाना एक जोखिम भरा फैसला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय इस कानून की अधिसूचना थोड़े समय और टाल सकता था। आखिर नागरिकता संशोधन कानून के पास होने के डेढ़ साल बाद भी नियम नहीं बने हैं और कानून अधिसूचित नहीं हुआ है। उसी तरह यह कानून भी थोड़े दिन टला रह सकता था। लेकिन कोरोना वायरस के पीक के समय केंद्र सरकार ने दिल्ली की चुनी हुई अरविंद केजरीवाल सरकार को अपंग बनाया है तो उसके पीछे जैसी भी हो, जरूर कोई योजना होगी। बहरहाल, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब कोरोना से जंग का मोर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय और उसके मंत्री अमित शाह संभालेंगे? क्या दिल्ली… Continue reading कोरोना का मोर्चा क्या गृह मंत्रालय संभालेगा?

सुनील अरोड़ा क्या राज्यपाल बनेंगे?

भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के रिटायर चीफ जस्टिस को राज्यपाल बना चुकी है और एक रिटायर चीफ जस्टिस को राज्यसभा में मनोनीत कर चुकी है। इसलिए अगर वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से पिछले ही हफ्ते रिटायर हुए सुनील अरोड़ा को राज्यपाल बना देती है तो यह कोई हैरानी की बात नहीं होगी। आखिर इस सरकार को संवैधानिक नैतिकता से क्या लेना-देना है! बहरहाल, चर्चा है कि 12 अप्रैल को कार्यकाल पूरा करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी सुनील अरोड़ा को सरकार गोवा का राज्यपाल बनाएगी। ध्यान रहे गोवा के राज्यपाल का पद अभी खाली है और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ही वहां का कामकाज देख रहे हैं। गोवा के अलावा कई और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल, उप राज्यपाल या प्रशासक का पद  खाली है। केंद्र सरकार को वहां जल्दी ही नियुक्ति करनी है। कहा जा रहा है कि पांच राज्यों का चुनाव खत्म होने के बाद मई में नई नियुक्तियां होंगी। वैसे एक अटकल दिल्ली में उपराज्यपाल होने की भी है। पिछले दिनों किरण बेदी को समय से पहले ही पुड्डुचेरी के उप राज्यपाल पद से हटाया गया था। तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाइ सौंदर्यराजन वहां की प्रभारी उप राज्यपाल हैं। कुछ समय पहले ही… Continue reading सुनील अरोड़ा क्या राज्यपाल बनेंगे?

राज्यपालों के साथ बैठक का क्या मतलब है!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी, जिसमें कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की गई। उसके एक हफ्ते बाद 14 अप्रैल को उन्होंने राज्यपालों के साथ बैठक की और उनके साथ भी कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की और उसे रोकने की रणनीति बनाई। उन्होंने राज्यपालों से सक्रिय भूमिका निभाने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि राज्यपाल जन भागीदारी के एक मजबूत स्तंभ हैं। अब सोचें, किसी महामारी या स्वास्थ्य संकट के समय राज्यपाल क्या सक्रिय भूमिका निभा सकता है और राज्यपाल किस तरह से जन भागीदारी का मजबूत या कमजोर कैसा भी स्तंभ है? राज्यपाल जन भागीदारी से नहीं चुने जाते हैं और न संविधान के जरिए उनकी कोई सक्रिय भूमिका बनाई गई है। इसलिए प्रधानमंत्री का राज्यपालों के साथ बैठक करना और उन्हें सक्रिय भूमिका के लिए कहना, राज्यों के कामकाज में जबरदस्ती के हस्तक्षेप से ज्यादा कुछ नहीं है। यह संघीय व्यवस्था को कमजोर करने का बड़ा प्रयास है। भारत में जो व्यवस्था बनाई गई है उसके मुताबिक राज्यपाल का पद सजावटी होता है और प्रशासनिक कामकाज में उसकी कोई भूमिका नहीं होती है। यही स्थिति केंद्र में राष्ट्रपति की होती है। सोचें, अगर… Continue reading राज्यपालों के साथ बैठक का क्या मतलब है!

Bihar : RJD नेता तेजस्वी यादव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अलोकतांत्रिक सरकार को बर्खास्त करने की मांग की

बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में विपक्ष व राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने राज्यपाल फागू चैहान (Fagu Chauhan) को पत्र लिखकर बिहार की निरंकुश और अलोकतांत्रिक सरकार को बर्खास्त करने की सिफारिश करने का अनुरोध किया है।

बिहार और महाराष्ट्र की सूची का फर्क

शिव सेना ने हिंदी फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर का नाम भेजा है तो नितिन बानगुडे पाटिल का भी नाम भेजा है, जो नामी मोटिवेशनल स्पीकर हैं।

शिव सेना ने राज्यपाल को वापस बुलाने को कहा

महाराष्ट्र सरकार और राज्यपाल के बीच चल रहे टकराव में एक नया मोड़ आ गया है। राज्य में सत्तारूढ़ शिव सेना ने कहा है कि केंद्र सरकार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को वापस बुलाए

राज्यपाल के फैसले पर नजरें

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी राज्य सरकार की ओर से विधान परिषद में मनोनीत करने के लिए भेजे गए नामों पर क्या फैसला करते हैं

राज्यपाल को सरकारी विमान से उतारा!

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राज्य सरकार के विमान से देहरादून जाने और वहां से एक आधिकारिक समारोह के लिए मसूरी जाने से रोक दिया गया।

केरल को पुलिस राज बना रहे हैं विजयन

केरल में कमाल हो रहा है। सारे देश में सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा की सरकारों के खिलाफ इस बात की लड़ाई लड़ रहे हैं कि भाजपा की सरकारें लोगों की आवाज दबा रही है

केरल का उल्टा अध्यादेश

केरल की वामपंथी सरकार को हुआ क्या है ? उसने ऐसा अध्यादेश जारी करवा दिया है, जिसे अदालतें तो असंवैधानिक घोषित कर ही देंगी, उस पर अब उसके विपक्षी दलों ने भी हमला बोल दिया है।

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