शिवराज ने हीरे गिनाए कमलनाथ ने मांगी साइकिल

दरअसल, कितना भी गंभीर मामला हो लेकिन सदन में हास – परिहास के दौर हो ही जाते हैं शेरो-शायरी कहने में भी कभी-कभी होड़ सी लग जाती है। ऐसा ही कुछ नजारा शुक्रवार को विधानसभा का था

सदन में सामना और सहमति के प्रयास

दरअसल, सदन के अंदर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को अच्छा अवसर माना जाता है। वहीं सरकार के लिए अपनी उपलब्धियों का बखान करने का भी बेहतर मंच माना जाता है।