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अयोध्या : आतंकियों की नजर अयोध्या के राम मंदिर पर, मंगाई जाएगी स्पेशल स्कैनिंग मशीन…

खुफिया विभाग ने भारत सरकार को सूचित किया है कि आतंकियों की नजर अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर पर है. रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि मंदिर निर्माण कार्य के दौरान ही…

गूगल मैप्स, आरओ वाटर, गंगा-व्यू कैफे के साथ गठजोड़: राम मंदिर की समय सीमा दूर, पीएम मोदी की प्रमुख वाराणसी परियोजना ..

मोदी ने मार्च 2018 में अपने संसदीय क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये की परियोजना का शुभारंभ किया। जिसे भगवान शिव के प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास लंगर डाला जा रहा है।

राम मंदिरः कांग्रेस चुप रहे तो बेहतर!

लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी का जमीन से पूरी तरह से नाता टूट गया है और पार्टी के प्रवक्ताओं से लेकर शीर्ष नेता सब सोशल मीडिया में खबरें देख कर प्रतिक्रिया देने को आतुर रहते हैं। अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें भाजपा का मुख्य मुद्दा अयोध्या का राम मंदिर है। इसलिए बेहतर होता कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मसले पर कांग्रेस या तो चुप रहती या सोच समझ कर बयान देती। लेकिन चूंकि सपा और आप के नेता बयान दे रहे थे और बयान सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहे थे इसलिए हम कहीं पीछे न छूट जाएं, इस सोच में प्रियंका गांधी वाड्रा से लेकर रणदीप सुरजेवाला तक ने जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगा दिया। यह भी पढ़ें: किसान इमरजेंसी का विरोध क्यों कर रहे हैं? असल में राम जन्मभूमि की जमीन खरीद को लेकर जिस घोटाले की बात कही जा रही है वह पहली नजर में कोई घोटाला नहीं लग रहा है। समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सनसनी बनाने के लिए उसे यह ट्विस्ट दिया कि पांच मिनट में दो करोड़ की जमीन साढ़े 18 करोड़ की हो गई। असल में दो करोड़ की… Continue reading राम मंदिरः कांग्रेस चुप रहे तो बेहतर!

कांग्रेस ने अपना नुकसान किया

राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदने में कथित घोटाले के मसले पर बयान देकर कांग्रेस ने अपना नुकसान किया है। कांग्रेस इस मामले में चुप रहती तो बेहतर होता क्योंकि इस पूरे मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। यह समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच का मामला है। जमीन बेचने वाली पार्टी सपा नेताओं की करीबी है और खरीदने वाला ट्रस्ट भाजपा नेताओं के करीबियों का है। कांग्रेस इसमें कहीं नहीं है। कांग्रेस पहले भी इसमें कहीं नहीं थी। वह न तो मंदिर मामले में पक्षकार है और न उसके नेताओं ने मंदिर निर्माण के लिए बढ़-चढ़ कर चंदा दिया है। दिग्विजय सिंह और एकाध दूसरे नेताओं को छोड़ दें तो किसी कांग्रेस नेता ने मंदिर निर्माण में चंदा नहीं दिया है। लेकिन चंदे का हिसाब मांगने के लिए सब आगे आ गए। यह भी पढ़ें: राम मंदिरः कांग्रेस चुप रहे तो बेहतर! राम जन्मभूमि निर्माण क्षेत्र ट्रस्ट एक निजी ट्रस्ट है, जिसमें रामभक्तों ने चंदा दिया है उस चंदे से मंदिर के लिए जमीन खरीदी जानी है और निर्माण होना है। जिन लोगों ने चंदा दिया है वे चुप हैं और कांग्रेस के नेता हिसाब मांग रहे हैं! तभी उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने… Continue reading कांग्रेस ने अपना नुकसान किया

पूरा हुआ राम मंदिर का इंतजार, ट्रस्ट के महासचिव ने की घोषणा..तीन तरह के पत्थर बढ़ाएंगे राम मंदिर की भव्यता

आयोध्या : श्री राम जन्मभूमि आयोध्या में अब जल्द ही एक उत्सव की तैयारी होने वाली है। भक्तों को बेसब्री से इंतज़ार है आयोध्या में राम मंदिर बनने का। आखिरकार भक्तों का ये इंतजार खत्म होने वाला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि 2024 तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। राम मंदिर का निर्माण कार्य बड़ें ही जोरो-शोरों से किया जा रहा है। आपकों बता दें कि राम मंदिर में नींव भराई का काम 5 अगस्त 2020 को हुआ था यह शुभ काम करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी को मिला था। राम मंदिर सबसे भव्य मंदिर होगा ऐसा मंदिर आयोध्या का सबसे भव्य मंदिर होगा। राम मंदिर में हर कोने को अलीशान बनाने के अथक प्रयास किए जा रहे है। राम मंदिर में तीन अलग-अलग पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा है। राम मंदिर के लिए कोरोड़ों रूपये का दान आया है। पुरा देश इस भव्य मंदिर के बनने का इंतजार कर रहा है। also read: Puri Rath Yatra 2021: इस बार भी बिना भक्तों के नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे भगवान जगन्नाथ मंदिर में छह लेयर का काम हुआ पूरा धर्मनगरी आयोध्या में राम मंदिर में नींव भराई का काम बड़ी… Continue reading पूरा हुआ राम मंदिर का इंतजार, ट्रस्ट के महासचिव ने की घोषणा..तीन तरह के पत्थर बढ़ाएंगे राम मंदिर की भव्यता

राम मंदिर का काम तभी पूरा होगा, जब देश एक साथ होगा : आरएसएस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का काम केवल तभी पूरा होगा, जब देश भर में सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक आत्मसात (समावेश) संबंधी कार्य पूरा हो जाएगा।

परंपरा – कर्मकांड किसकी ? राष्ट्र की या धर्म की…?

क्या ऋषिकेश की गंगा को कानपुर की मैली गंगा में भी शुद्ध रखा जा सकता हैं ? वर्षों से केंद्र की काँग्रेस और अब मोदी सरकार कोशिश करती रही हैं, पर परिणाम वही “ढाक के तीन पात” रहे।

वक्त मंदिर और किसानों के चंदे का!

खबर है कि राम मंदिर के लिए रिर्काड तोड़ चंदा इकठ्ठा हो रहा है। तभी धारणा बनती है कि हिंदू राजनीति अभी भी पीक पर है।

राम मंदिर और मुसलमान

अयोध्या के राम मंदिर और मस्जिद का मामला शांतिपूर्वक हल हो रहा है, यह भारत के हिंदुओं और मुसलमानों दोनों की उदारता और सहिष्णुता का प्रमाण है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कुछ मुसलमान संस्थाएं और सज्जन राम मंदिर निर्माण में उत्साहपूर्वक सहयोग कर रहे हैं।

अयोध्या का श्रेय अकेले मोदी को!

अब अयोध्या आंदोलन की विरासत का क्या होगा? यह आंदोलन इतिहास में किस रूप में दर्ज होगा? इसका जवाब यह है कि बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को तोड़े जाने के मामले में लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद अब इस आंदोलन की स्मृतियां धीरे धीरे लोगों के जेहन से खत्म हो जाएंगी।

पितृपक्ष के बाद शुरू होगा राम मंदिर का निर्माण

अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम मंदिर का निर्माण पितृपक्ष की समाप्ति यानी 17 सितंबर के बाद शुरू होगा। पितृपक्ष के दौरान हिंदू अपने पूर्वजों के प्रति आभार जताते हैं और इस दौरान कोई भी पवित्र कार्य नहीं किया जाता।

अयोध्या में राम मंदिर का नक्शा पास

अयोध्या में श्रीराम जन्मभू मंदिर के नक्शे को मंजूरी मिल गई है। बुधवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण, एडीए बोर्ड की बैठक में इसे कुछ मिनटों में मंजूरी दे दी गई।

बिहार में 370 और मंदिर का मुद्दा!

भारतीय जनता पार्टी ने भले ऐलान किया है कि बिहार में नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा और वे मुख्यमंत्री के दावेदार हैं पर असल में भाजपा के अपने उम्मीदवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम, चेहरे और काम पर चुनाव लड़ेंगे।

सन 2022-23 में चुनाव सब हों साथ!

हां,वक्त यदि वायरस का है तो क्योंकर बिहार में विधानसभा चुनाव हो? वायरस की हकीकत, जान-माल की बरबादी में आगामी सभी विधानसभा चुनाव टलने चाहिए। कोई फर्क नहीं पड़ेगा यदि विधानसभा के कार्यकाल के खत्म होने के बाद प्रदेशों में राष्ट्रपति शासन लगे।

अब क्या मथुरा-काशी की बारी है

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन और शिलान्यास के बाद अचानक पूरे देश में मथुरा और काशी की चर्चा शुरू हो गई है।

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