अयोध्या से आगे अब क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला सवा साल भारतीय जनसंघ और भाजपा की ओर से किए गए गए वादों को पूरा करने का समय रहा। जनसंघ और भाजपा ने मुख्य रूप से तीन वादे किए थे। पहला और सबसे पुराना वादा अनुच्छेद 370 खत्म करने का था, जो जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय ने किया था।

राम पर मोदी का अद्भुत भाषण लेकिन…

अयोध्या में राम मंदिर के भव्य भूमि-पूजन का कार्यक्रम अद्भुत रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में जैसा पांडित्य प्रकट हुआ है, वह विलक्षण ही है। किसी नेता के मुंह से पिछले 60-70 साल में मैंने राम और रामायण पर इतना सारगर्भित भाषण नहीं सुना।

मंदिर, मोदी और कोरोना

बुधवार होने के कारण मुझे सुबह पूजा नहीं करनी थी व रोज की तुलना में मैं अपेक्षाकृत थोड़ा खाली था। अतः अखबारों पर नजर डालने के बाद समय काटने के लिए टीवी देखने लगा। हर चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के शिला पूजन के समाचार चल रहे थे।

6 दिसंबर के बिना यह भूमिपूजन संभव नहीं था!

कल बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में भूमिपूजन होने के साथ राम मंदिर पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ हो गया। प्रस्तावित राम मंदिर पत्थर और सीमेंट का एक भवन ना होकर भारत की सनातन बहुलतावादी संस्कृति की पुनर्स्थापना का प्रतीक है

मोदी ने रखी मंदिर की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से भले भूमिपूजन और शिलान्यास के मौके पर कम लोग थे इसके बावजूद भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन किया

राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास करने के बाद कहा कि उन्हें तो अयोध्या आना ही था क्योंकि ‘राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम’। भूमिपूजन और शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वहां बने मंच से लोगों को संबोधित किया और कहा कि आज सदियों का इंतजार समाप्त हो रहा है।

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