us voting laws republican : अमेरिका की प्रतिगामी दिशा

ट्रंप ये आरोप लगाते हुए पद से हटे थे कि जो बाइडेन चुनावी धांधली से जीते तो अब रिपब्लिकन पार्टी अपने शासन वाले राज्यों में उन कथित धांधलियों की संभावना खत्म करने में जुटी हुई है। वहां मतदान के ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, कमजोर वर्ग के लोगों के लिए वोट डालना कठिन… Continue reading us voting laws republican : अमेरिका की प्रतिगामी दिशा

तो जो बाइडेन क्या करें?

राष्ट्रपति की मंशा समाज में गुस्से को बढ़ाने के बजाय सबको साथ लेकर चलने की है। इसलिए वे टकराव के बजाय समझौते का रुख अपनाए हुए हैं। मगर इससे रिपब्लिकन पार्टी पर कोई फर्क पड़ रहा है, अगर इसका कोई भ्रम किसी को रहा भी हो, तो वह पिछले हफ्ते टूट गया होगा। अमेरिका में… Continue reading तो जो बाइडेन क्या करें?

बाइडेन के अच्छे, भले सौ दिन!

पृथ्वी के साढ़े सात अरब लोगों की सांस दो संकटों में अटकी है। एक, कोविड-19 के विषाणुओं से। दूसरे, तानाशाह-नीच प्रवृत्ति के उन नेताओं से जो वायरस से अपनी सत्ता और साम्राज्यवादी मंसूबों का मौका मानते हैं। चीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग से लेकर रूस के राष्ट्रपति पुतिन जैसे नेता अपने वर्चस्ववादी-निरंकुश मॉडल… Continue reading बाइडेन के अच्छे, भले सौ दिन!

सवाल साख का है

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अमेरिका की साख इतनी कमजोर है कि वहां से होने वाली घोषणाएं दिलचस्पी से ज्यादा सवाल पैदा करती हैं। इसीलिए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन के मुकाबले के लिए जो अमेरिकी योजना पेश की है, हालांकि वो प्रभावशाली है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता पर सवाल बने हुए हैँ। ये सवाल… Continue reading सवाल साख का है

क्या होगा सोशल मीडिया का?

फेसबुक, ट्विटर और गूगल को राहत नहीं मिल रही है। कुछ महीने पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पेश होना पड़ा था। तब ये डेमोक्रेटिक पार्टी के निशाने पर थे।

देश, कौम का जिंदा होना क्या?

इसे जानना हो तो दुनिया पर गौर करें। एक अमेरिका है और दूसरा भारत! एक अमेरिका है और उसके आगे रूस या चीन हैं। क्या फर्क बूझ पड़ता है? फर्क यह कि अकेले अमेरिका जिंदा और जिंदादिल देश है।