भारत के रक्षामंत्री की China-Pakistan को चेतावनी! कहा- उकसाने पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार

नई दिल्ली | Warning to China-Pakistan: भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख से गरजते हुए भारत के पड़ोसी देशों को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि भारत शांतिप्रिय देश है जिसने कभी कोई आक्रामण नहीं किया, लेकिन उकसाने या धमकाने पर वह मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहता है। ये भी पढ़ें:- UP में गरमाई राजनीति! प्रियंका गांधी के बेहद करीबी नेता ने छोड़ा Congress का हाथ, BJP में शामिल होने के कयास रक्षामंत्री की चीन-पाकिस्तान को चेतवानी! (Warning to China-Pakistan) पूर्वी लद्दाख से राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पड़ोसी देशों के साथ संवाद के जरिए मुद्दों का समाधान करना चाहता है लेकिन, देश की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं कर सकता। राजनाथ सिंह की इन बातों को भारत के पड़ोसी चीन और पाकिस्तान को दी गई चेतवानी के तौर पर जा रहा है। इसके अलावा रक्षा मंत्री ने लद्दाख में सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाये गये 63 पुलों का उद्घाटन भी किया। ये भी पढ़ें:- Uttar Pradesh Election 2022: सपा ने चुनावी गीत के बहाने योगी सरकार पर कसा तंज, नेताओं ने ‘खेला होबै’ का भोजपुरी वर्जन ‘खेला होई’ का… Continue reading भारत के रक्षामंत्री की China-Pakistan को चेतावनी! कहा- उकसाने पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार

भारत-चीन का कारोबार डेढ़ गुना बढ़ा

चीन ने भारत की जमीन कब्जाई हुई है, पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में अपनी सेना तैनात किए हुए बैठा है, पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए और चीन को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार ने उसके एक सौ से ज्यादा मोबाइल ऐप बंद कर दिए।लेकिन हकीकत यह है कि भारत और चीन के बीच इस साल के पहले पांच महीने में दोतरफा कारोबार डेढ़ गुना से ज्यादा हो गया। चीन की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक पहले पांच महीने में कारोबार 70 फीसदी बढ़ा है लेकिन भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इसमें 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह भी पढ़ें: मौत का आंकड़ा कितना होगा? सोचें, कहां तो देश के महाप्रतापी प्रधानमंत्री द्वारा चीन को सबक सीखा देने की खबरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं और कहां दोतरफा कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। चीन के आंकड़ों के मुताबिक इस साल के पहले पांच महीने में दोनों देशों के बीच 48 अरब डॉलर का कारोबार हुआ है। भारत के आंकड़ों के मुताबिक दोतरफा कारोबार करीब 45 अरब डॉलर का है। अगर भारत के आंकड़ों पर ही यकीन… Continue reading भारत-चीन का कारोबार डेढ़ गुना बढ़ा

कश्मीर में चुनाव और सही फैसले का वक्त

विधानसभा चुनावों के बाद की राजनीति में जम्मू-कश्मीर पर बार-बार ध्यान जाता है। क्या वहां भी ऐसे ही चुनाव होंगे, जैसे बंगाल में हो रहे हैं? साम दाम दंड भेद सबका उपयोग करते हुए! लगता तो नहीं है केन्द्र सरकार जम्मू कश्मीर में ऐसी गलती करेगी। उसे मालूम है कि वहां ऐसा गलती का मतलब बहुत गंभीर है और फायदा किसी को नहीं सिर्फ पाकिस्तान का होगा। जिसकी ताक में वह बैठा हुआ है। कश्मीर में उसके पास अब कोई पत्ते नहीं हैं, सिवाय इसके कि वह हमारी किसी बड़ी गलती का इंतजार करे। पाकिस्तान धीरे धीरे भारत की तरफ शांति के रास्ते पर बढ़ रहा है। इस बात का कोई ज्यादा महत्व नहीं है कि उसने किसी व्यापारिक समझौते की तरफ हाथ बढ़ाए और फिर वापस खींच लिए। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वह अब धारा 370 की बहाली पर जोर नहीं दे रहा है। यूएन के रायशुमारी वाले प्रस्ताव की बात करके अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नहीं उकसा रहा है। इसके आंतरिक और बाहरी दोनों कारण हैं। आंतरिक कारणों में प्रमुख इमरान सरकार की डांवाडोल राजनीतिक स्थिति है तो बाहरी में चीन और अमेरिका द्वारा कश्मीर मामले में पाकिस्तान की मदद न करने के स्पष्ट संकेत देना है। इन्हीं… Continue reading कश्मीर में चुनाव और सही फैसले का वक्त

एक इंच जमीन नहीं खोई: नरवणे

चीन के साथ सीमा पर कई महीनों तक रहे गतिरोध के बाद दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने के मसले पर सेना की ओर से पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है।

क्या लद्दाख पर कांग्रेस का कहा काल्पनिक?

जिस दिन से चीन और भारत की सरकार ने लद्दाख में शांति बहाली के समझौते और सैनिकों की चरणबद्ध वापसी का ऐलान किया है उस दिन से कांग्रेस इस बात को लेकर हमलावर है कि सरकार ने ‘भारत माता की जमीन चीन को सौंप दी’।

लद्दाख में सैनिकों की वापसी शुरू?

चीन की सरकार ने दावा किया है कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर भारत के साथ नौ महीने से चल रहा टकराव खत्म हो गया है।

जम्मू कश्मीर में 4जी सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर में डेढ़ साल बाद एक बार फिर पूरे राज्य में इंटरनेट की 4जी सेवा बहाल हो गई है।

कश्मीर और लद्दाख में हल्की बर्फबारी, बारिश होने की संभावना

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ठंडी हवाओं के चलने का सिलसिला आज भी जारी रहा। मौसम विभाग ने कल यहां हल्की बर्फबारी और बारिश के होने का अनुमान लगाया है।

फिर हुई भारत-चीन कमांडरों की वार्ता

करीब ढाई महीने तक स्थगित रहने के बाद एक बार फिर भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच वार्ता हुई।

सरकार निश्चिंत क्यों है?

ताजा खबरों के बीच ये बात बेमतलब है कि कांग्रेस के शासन के दौरान भारत ने चीन के हाथों अपनी कितनी जमीन गंवाई।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में दोबारा हिमपात की संभावना

मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी और लद्दाख में 22 जनवरी से फिर से हिमपात होने का अनुमान लगाया है। लेकिन इससे पहले यहां बुधवार को न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है।

अरुणाचल में चीन का कब्जा!

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले आठ-नौ महीने से चल रहे गतिरोध के बीच चीन की घुसपैठ की एक और बड़ी खबर आई है।

कश्मीर, लद्दाख में हड्डियां कंपा देने वाली ठंड

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में सोमवार को हाड़ कंपा देने वाली ठंड रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि यहां 24 जनवरी को एक बार फिर हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश हो सकती है।

दशकों बाद कश्मीर में पड़ी भीषण ठंड

जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में चल रही बफीर्ली हवाओं और भीषण ठंड ने यहां के निवासियों को शुक्रवार सुबह घर के अंदर रहने को मजबूर कर दिया।

चीन की तैयारियां और भारत!

भाजपा के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अच्छा याद दिलाया। उन्होंने ट्विट करके कहा कि वैक्सीन के हल्ले में सरकार यह न भूले कि देश की अर्थव्यवस्था ढह रही है और चीन ने लद्दाख में भारत की चार हजार वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा कर ली है

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