क्षत्रपों के लिए राज्यों में मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में वह प्रयोग किया है, जिसकी भारत में कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसकी कुछ कुछ कुमारस्वामी कामराज की 1963 की योजना से तुलना की जा सकती है।

लोकतंत्र के मंदिर की असली बेअदबी क्या है?

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू भावुक हो गए। उन्होंने राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे को लेकर कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की बेअदबी हुई है और उनको रात भर नींद नहीं आई।

जम्मू-कश्मीर के बाहर के 2 व्यक्तियों ने 370 के बाद से संपत्ति खरीदी है: केंद्र

सरकार ने आज संसद में कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और दो केंद्र शासित प्रदेशों को अलग कर दो साल में बाहर से केवल दो व्यक्तियों ने जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदी है।

उत्तरप्रदेश में बदलने जा रहा इस रेलवे स्टेशन का नाम, जानें क्या तय हुआ नाम और कब तक बदला जाएगा..

योगी सरकार ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करने का प्रस्ताव दिया है। इस बाद की जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दी।

नागरिकता कानून में देरी होगी, डेढ़ साल भी गृह मंत्रालय इसे लागू करने का नियम नहीं बना सका

दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से पास हुए नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के लागू होने में अभी और देरी होगी। कानून बनने के डेढ़ साल भी केंद्रीय गृह मंत्रालय इसे लागू करने का नियम नहीं बना सका है

अधीर रंजन का क्या करेगी कांग्रेस?

यह लाख टके का सवाल है कि पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का क्या होगा? विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बुरी तरह से हारने के बाद से ही उनके ऊपर तलवार लटकी है। लेकिन माना जा रहा था कि वे प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ देंगे और लोकसभा में नेता बने रहेंगे। अब कहा जा रहा है कांग्रेस आलाकमान ने उनको नेता पद से हटाने का फैसला किया है। उनकी जगह शशि थरूर या मनीष तिवारी को लोकसभा में पार्टी का नेता बनाया जा सकता है। कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी को खुश करने के लिए कांग्रेस यह कदम उठा रही है। सवाल है कि अगर लोकसभा के नेता पद से हटने के बाद अधीर रंजन चौधरी बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे तो ममता कैसे खुश होंगी? अगर कांग्रेस अगले लोकसभा के हिसाब से तैयारी कर रही है और यह मान रही है कि उस समय समूचा विपक्ष एक होकर लड़ेगा और बंगाल में उसे ममता के साथ तालमेल करना होगा तब अधीर रंजन की प्रदेश में क्या भूमिका होगा? सबको पता है कि वे और ममता बनर्जी एक-दूसरे को बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं।… Continue reading अधीर रंजन का क्या करेगी कांग्रेस?

संसदीय समितियों की मीटिंग का मुद्दा

कांग्रेस पार्टी ने संसदीय समितियों की बैठक बुलाने को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इस बहाने लोगों में यह दिखना चाहती है कि सरकार कुछ छिपा रही है इसलिए वह संसदीय समितियों की मीटिंग नहीं करा रही है। तभी कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने यह मुद्दा उठाना शुरू कर दिया है। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इस पर विचार हुआ था और यह रणनीति बनी थी कि पार्टी संसद की विशेष बैठक बुलाने की भी मांग करेगी और संसदीय समितियों की बैठक बुलाने पर जोर देगी। तभी कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के तुरंत बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद की लोक लेखा समिति की बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने साथ ही यह भी कह दिया कि लोक लेखा समिति की बैठक इसलिए जरूरी है ताकि सरकार की वैक्सीनेशन नीति की समीक्षा की जा सके। उनके साथ साथ ही राज्यसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राज्यसभा के सभापति से संसदीय समितियों की वर्चुअल बैठक बुलाने की अपील की। पहले ही तरह ही गोपनीयता का हवाला देते हुए पीठासीन पदाधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कराने से इनकार कर दिया।… Continue reading संसदीय समितियों की मीटिंग का मुद्दा

क्या विधायकी छोड़ेंगे प्रमाणिक और सरकार!

भारतीय जनता पार्टी के पांच सांसदों ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें से तीन हार गए थे। जीते हुए दो सांसदों ने भी विधानसभा सदस्यता की शपथ नहीं ली है। भाजपा के बाकी विधायक शपथ ले चुके हैं। लेकिन कूचबिहार से जीते निशिथ प्रमाणिक और नादिया की रानाघाट सीट के सांसद जगन्नाथ सरकार ने शपथ नहीं ली। तभी इन दोनों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इन दोनों को जल्दी फैसला करना होगा। नियमों के मुताबिक किसी नेता के दोनों सदनों का सदस्य चुने जाने के बाद 14 दिन के अंदर किसी एक सदन से इस्तीफा देना होता है। भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि दोनों को लोकसभा सीट से इस्तीफा दिलाना सही रणनीति नहीं होगी क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो विधायक ज्यादा होने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। अगर इन दोनों की विधानसभा सीट भाजपा हार भी जाती है तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर इन दोनों की खाली की हुई लोकसभा सीट पर उपचुनाव होता है और तृणमूल कांग्रेस जीत जाती है तो वह पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा। लोकसभा में तृणमूल की ताकत बढ़ेगी और उससे विपक्ष की 2024 की तैयारियों को गति मिलेगी। अभी जिस तरह… Continue reading क्या विधायकी छोड़ेंगे प्रमाणिक और सरकार!

उपचुनावों के नतीजे भाजपा के अनुकूल नहीं

राजस्थान में तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में दो सीटों पर कांग्रेस और एक पर भाजपा जीती है। इन तीनों सीटों…

लोकसभा में विपक्ष का आरोप: देश में बढ़ रही असमानता पर चुप है सरकार

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार की नीति सबको साथ लेकर चलने की नहीं है और उसके फैसलों से चंद लोगों को फायदा हो रहा है इसलिए समाज में आर्थिक असमानता बढ़ रही है लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के अमर सिंह ने लोकसभा में ‘वित्त विधेयक 2021’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि इस सरकार की सबसे बड़ी खराबी यह है कि वह सच्चाई स्वीकार नहीं करती और हर कमजोरी को असत्य के पर्दे से ढकने की कोशिश करती है। उनका कहना था कि देश की आर्थिक स्थिति कोरोना महामारी से पहले ही बहुत खराब थी और कोरोना काल में उसे ज्यादा नुकसान हुआ है लेकिन आश्चर्य यह है कि सरकार ने कभी स्वीकार नहीं किया कि देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में हर तरफ गिरावट ही देखने को मिल रही है। सरकार के राजस्व के संग्रहण का आंकडा हर क्षेत्र में और लगातार गिर रहा है। आयकर में तो एक लाख करोड़ रुपए का राजस्व घटा है और सरकार इन सब घाटों की भरपाई के लिए तेल आदि पर बेतहाशा उत्पाद शुल्क लगा रही है। उत्पाद शुल्क बढ़ने से महंगाई… Continue reading लोकसभा में विपक्ष का आरोप: देश में बढ़ रही असमानता पर चुप है सरकार

West Bengal Election: BJP के उम्मीदवारों की लिस्ट में TMC के नेता का नाम, कहा- मैंने तो ज्वाइन ही नहीं की भाजपा

Kolkata: बंगाल चुनाव (Bengal Election) में रोज ही कुछ ना कुछ ऐसा हो रहा है जिससे लोग आश्चर्य में पड़ जा रहे हैं. ताजा मामला भाजपा (BJP) की उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर है. गुरूवार को भाजपा ने 148 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी. लेकिन लिस्ट के जारी होने के बाद से एक नया हंगामा शुरु हो गया है. भाजपा द्वारा जारी किये गये इस लिस्ट में दो ऐसे लोगों के नाम हैं जिन्होंने भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है.  इनमें से एक ने तो यहां तक कह दिया कि मैं भाजपा में शामिल ही नहीं हुआ तो मेरा नाम उम्मीदवारों के लिस्ट में कैसे डाल दिया. इस गलती के बाद से भाजपा को भी काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा. बता दें कि भाजपा में जिन दो लोगों को नाम बतौर प्रत्याशी शामिल किया गया है उनमें टीएमसी (TMC) की विधायक माला के पति तरूण साहा और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सोमेन साहा का भी नाम है. इसे भी पढ़ें-  चार साल में निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है यूपी : योगी बंगाल में टिकट बटवारे के बाद से छिड़ा है घमासान बता दें कि भाजपा में टिकट बटवारे… Continue reading West Bengal Election: BJP के उम्मीदवारों की लिस्ट में TMC के नेता का नाम, कहा- मैंने तो ज्वाइन ही नहीं की भाजपा

एक साल में सभी टोल प्लाजा खत्म करने की सरकार की योजना

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में कहा है कि सरकार अगले एक साल में सभी टोल प्लाजा खत्म करने की योजना पर काम कर रही है।

बिना भेदभाव सबका विकास कर रही मोदी सरकार : नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज लोकसभा में कहा कि मोदी सरकार देश के सभी वर्गों का विकास करने के लिए बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है।

‘बीमार’ उपक्रमों का पुनरुद्धार करने के हो रहे प्रयास : जावडेकर

सार्वजनिक क्षेत्र की ‘बीमार’ इकाइयों (पीएसयू) के प्रति सरकार की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज लोकसभा में कहा कि सरकार द्वारा ऐसे उपक्रमों का पुनरुद्धार

चुनाव है भाई, लोकसभा को कौन पूछता है, प्रश्नकाल में मौजूद थे केवल एक सांसद

New Delhi: देश में चुनाव का सीजन चल रहा है. आने वाले कुछ दिनों में देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके लिए सभी पार्टियों ने अपना पूरा जोर लगा दिया है. चुनाव प्रचार के लिए पार्टियां लोकसभा सांसदों को भी बजट तक के लिए भी नहीं छोड़ रही है. ऐसे में आज तो हद ही हो गयी. लोकसभा चुनाव में बजट सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में सांसदों की उपस्थिति नाम मात्र की थी. हद तो तब हो गया जब प्रश्न काल में केवल एक ही सांसद मौजूद दिखाई दिया.  बता दें कि प्रश्नकाल में 7 सवाल पूछे जाने थे. लेकिन जब समय आया तो सदन मे प्रश्न पूछने वाला कोई नहीं था. सारी कुर्सियां खाली पड़ी थी. पूरे लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान केवल एक सांसद मौजूद थे. जब तस्वीरें बाहर आयी तो एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया में एक व्यक्ति ने लिखा कि  चुनाव है भाई अभी लोकसभा को कौन पूछता है. पिछले सप्ताह हो रहा था हंगामा, अभी उपस्थिति 20 प्रतिशत भी नहीं बता दें कि लोकसभा सदन की शुरुआत में काफी हंगामा हुआ था. कांग्रेस से लेकर भाजपा के सांसदों ने अच्छा-खासा शोर मचाया था. लेकिन जैसे-जैसे सदन की कार्रवाई आगे… Continue reading चुनाव है भाई, लोकसभा को कौन पूछता है, प्रश्नकाल में मौजूद थे केवल एक सांसद

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