तीन दिन मोदी करेंगे मंत्रिपरिषद की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद की लगातार तीन दिन तक बैठक करने वाले हैं। वे हफ्ते तीन दिन का बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि तीन दिन की इस बैठक के दौरान अगले तीन साल के लिए सरकार का एजेंडा तैयार किया जाएगा।

ममता की असल भूमिका क्या होगी?

ममता बनर्जी पांच दिन तक दिल्ली में विपक्ष को एकजुट करने की राजनीति करके लौट गई हैं। उन्होंने पांच दिन तक दिल्ली में जो मेल-मुलाकात की उसका लब्बोलुआब यह था कि वे भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक मोर्चा बनाना चाहती हैं

कांग्रेस अभी इंतजार के मूड में

कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर किसी जल्दी में नहीं है। ममता बनर्जी भले उसके लिए बहुत उत्साह दिखा रही हैं लेकिन कांग्रेस को हड़बड़ी नहीं है। कांग्रेस पार्टी अपना समय आने का इंतजार कर रही है। पार्टी को लग रहा है कि अगले साल होने वाले पांच राज्यों के चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति बदल जाएगी।

पवार, यशवंत और अब ममता

विपक्ष के नेताओं का म्यूजिकल चेयर चल रहा है। सारे नेता एक आभासी कुर्सी के ईर्द-गिर्द संगीत की धुन पर चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दिन पहले तक विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास कर रहे नेता शरद पवार थे।

संघीय मोर्चा बनाएंगी पार्टियां

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत के साथ ही संघीय मोर्चा बनाने की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले इसका गंभीर प्रयास हुआ था। तब तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने देश भर के प्रादेशिक क्षत्रपों को एकजुट करने का प्रयास किया था। उन्होंने अपने राज्य में चुनाव समय से थोड़ा पहले करा लिया था। इसलिए लोकसभा के चुनाव के समय उनको समय मिल गया था। वे ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता भी गए थे । उन्होंने टीडीपी के नेता और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से भी बात की थी और डीएमके नेता एमके स्टालिन से भी बात की थी। अब स्टालिन भी मुख्यमंत्री बन गए हैं और ममता बनर्जी भी लोकसभा में खराब प्रदर्शन के झटके से उबर कर फिर से राज्य की मुख्यमंत्री बन गई हैं। इसलिए अब संघीय मोर्चे का प्रयास फिर तेज होगा। कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी इसकी पहल करेंगी या उनकी तरफ से उनके चुनाव रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर इसकी पहल करेंगे। ध्यान रहे प्रशांत किशोर का सीधा संबंध जगन मोहन रेड्डी, एमके स्टालिन, अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे से है। इन चारों के लिए उन्होंने चुनाव प्रबंधन का काम किया है।… Continue reading संघीय मोर्चा बनाएंगी पार्टियां

संघीय मोर्चे से क्या भाजपा को फायदा ?

जिन राज्यों के नेताओं को लेकर संघीय मोर्चा बनना है वहां भाजपा का आधार नहीं है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल….

बिहार में छत्तीसगढ़ या झारखंड मॉडल चलेगा

बिहार में जितनी पार्टियां हैं या जितनी पार्टियां सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ हैं अगर उन सबको एक साथ करने का प्रयास किया गया तो उसका फेल होना तय है।

दिल्ली में आप की जीत के साथ प्रशांत किशोर फिर चमके

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत ने एकबार फिर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को चर्चा में ला खड़ा किया है, जिन्होंने सबसे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध ‘चाय पे चर्चा’ चुनाव अभियान से प्रचार की रूपरेखा में बदलाव किया था। किशोर ने बीते वर्ष दिसंबर में आप से हाथ मिलाया था और पार्टी को भाजपा के नकारात्मक अभियान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने की सलाह दी थी। भाजपा ने चुनाव के दौरान दिल्ली के शाहीनबाग में सीएए-विरोधी प्रदर्शन को मुख्य मुद्दा बनाया था। नवीनतम रुझानों में दिल्ली की 70 सीटों में से आप को 63 सीट मिलती दिखाई दे रही है। आप ने 2015 विधानसभा चुनाव में 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। रुझानों को देखते हुए, किशोर ने ट्वीट कर कहा, “भारत की आत्मा की रक्षा के लिए खड़ा होने पर दिल्ली को शुक्रिया। यह खबर भी पढ़ें- प्रशांत किशोर पर नीतीश का निशाना किशोर ने सितंबर 2018 में जनता दल-यूनाइटेड का दामन थामा था, लेकिन उन्हें विवादास्पद सीएए और एनआरसी के विरुद्ध बयान देने की वजह से पार्टी से निकाल दिया गया। उन्होंने आप के लिए दिल्ली चुनाव… Continue reading दिल्ली में आप की जीत के साथ प्रशांत किशोर फिर चमके

प्रियंका गांधी की सक्रियता पर अटकलें

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर वाराणसी का दौरा किया। वे एक महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर गईं। उत्तर प्रदेश और खास कर वाराणसी में उनकी दिलचस्पी और सक्रियता ने कई तरह की गपशप को जन्म दिया है।

सपा जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी : मायावती

लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी(सपा) की गठबंधन सयोगी रह चुकी बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की मुखिया मायावती ने अब सपा पर निशाना साधा और उसे जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी बताया।

गांधी परिवार जैसे तैसे ही प्रचार कर रहा है

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जो झटका लगा है उससे सोनिया गांधी का परिवार अब तक नहीं उबर पाया है। कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि पार्टी में किसी ने नहीं सोचा था कि इस बार भी सीट 50 के आसपास रह जाएगी।

महाबल मिश्रा कांग्रेस से निलम्बित

कांग्रेस ने अपने पूर्व सांसद महाबल मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है।
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश के प्रभारी

भाजपा को कांग्रेस की मजबूती से उम्मीद

दिल्ली में चुनाव लड़ रही भारतीय जनता पार्टी बहुत दम लगा रही है। पर पार्टी को अपनी तैयारियों और अपने प्रचार से ज्यादा इस बात से उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी अगर मजबूती से चुनाव लड़ती है तो भाजपा जीत सकती है। सोचें, भाजपा के इतने दिग्गज प्रचार में लगे हैं पर उम्मीद कांग्रेस की मजबूती से है।

दिल्ली में 55 फीसदी को आप, 57 फीसदी को केंद्र में भाजपा पसंद

नई दिल्ली। सर्वेक्षण आईएएनएस-सीवोटर दिल्ली पोल ट्रैकर 2020 के अनुसार, 54.6 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि अगर दिल्ली में आज चुनाव होता है तो वे आम आदमी पार्टी के लिए मतदान करेंगे। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि अगर लोकसभा चुनाव आज कराए जाए तो वे किसे वोट करेंगे तो इसका परिणाम विपरीत हो गया और 57.1 फीसदी उत्तरदाताओं ने भाजपा को वोट देने की बात कही। 8 फरवरी के विधानसभा चुनाव के लिए 54.6 फीसदी ने आप का पक्ष लिया, 27.3 फीसदी ने कहा कि वे भाजपा का समर्थन करेंगे और सिर्फ 3.7 फीसदी ने कहा कि वे कांग्रेस के लिए वोट करेंगे। इस बीच 1.3 फीसदी ने अन्य दलों को चुना, लेकिन बड़ी संख्या में 13.1 फीसदी लोग दुविधा में रहे। ट्रैकर 11 नवंबर 2019 से 14 जनवरी 2020 तक काम कर रहा था। इस बीच ट्रैकर ने एक दिन पाया कि आम आदमी पार्टी के लिए पसंद रेटिंग 50 फीसदी से नीचे जा रहा है, लेकिन यह बहुत मामूली था। सिर्फ 30 दिसंबर 2019 को आप की पसंद रेटिंग 49.9 फीसदी हुई। इसके बाद इसने 50 फीसदी से ज्यादा के स्तर को प्राप्त किया। इस बीच, इस अवधि में भाजपा की पसंद रेटिंग 23 फीसदी से 29… Continue reading दिल्ली में 55 फीसदी को आप, 57 फीसदी को केंद्र में भाजपा पसंद

ईवीएम पर होगी प्रत्याशियों की फोटो, जीपीएस से आयोग जानेगा लोकेशन

लोकसभा चुनाव की तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम पर प्रत्याशियों की फोटो लगी होगी। ईवीएम की आवाजाही पर नजर रखने के लिए आयोग जीपीएस की भी मदद लेगा।

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