इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में

इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में : आजाद भारत के इतिहास में वामपंथी पार्टियां हमेशा तीसरे मोर्चे की राजनीति का केंद्र रही हैं। जब कांग्रेस की सरकार होती थी और दूसरी धुरी भारतीय जनसंघ या स्वतंत्र पार्टी जैसी पार्टियां होती थीं तब तीसरा मोर्चा कम्युनिस्टों का होता था। समाजवादी पार्टियों के साथ टकराव के… Continue reading इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में

संघ-परिवार: बड़ी देह, छोटी बुद्धि

संघ के सदाशयी लोगों को समझना होगा कि हिन्दू समाज और सच्ची चेतना मूल शक्ति है। कोई संघ/दल नहीं। चेतना ही संगठन का उपयोग करती है। इस का उलटा असंभव है। घोड़े को गाड़ी के पीछे लगाने से गंतव्य तक पहुँचना असंभव है। यह भी पढ़ें: संघ-परिवार: एकता का झूठा दंभ बंगाल की घटनाओं ने… Continue reading संघ-परिवार: बड़ी देह, छोटी बुद्धि

अमेरिका में वामपंथी अराजकता

अमेरिकी पुलिस भेद-भाव करने के लिए बदनाम नहीं है। किसी काले अपराधी पर काले पुलिसमैन तो गोली चलाते हैं, मगर गोरे इस से बचते हैं। यह रिकॉर्ड है। वैसे भी, काफी समय से पश्चिम ‘रेसिज्म’ के प्रति संवेदनशील होता गया है।

समाज विज्ञान शिक्षा में जहर, कचरा

अमेरिका में पुलिस के हाथों एक अश्वेत की मौत पर आरंभिक प्रदर्शनों के बाद, जल्द ही राजनीतिक स्वार्थ हावी हो गए। दोषी पुलिस वाले को दंड मिल जाने के बाद भी लूट-पाट, आगजनी, हत्या और विध्वंस चल रहा है।

यह गांधी-गोडसे नहीं, गांधी-सुभाष है

आज़ादी के बाद से एकतरफ़ा इतिहास पढाया जाता रहा। हालांकि शुरू में जनमत के दबाव में स्कूली पाठ्यक्रम की किताबो में सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, राज गुरु, सुखदेव, चन्द्रशेखर आज़ाद जैसे लोकप्रिय क्रान्तिकारियों का गांधी के बराबर ही जिक्र होता था। इतिहास की पाठ्य पुस्तकों में  गैंदा लाल दीक्षित , राम प्रशाद बिस्मिल, रास… Continue reading यह गांधी-गोडसे नहीं, गांधी-सुभाष है

वामपंथियों को पहली बार जैसा का तैसा!

वामपंथियों में एक खासियत रही है। अब आप इसे खासियत समझें या क़ानून को चुनौती देना। वे अपने आंदोलनों में सारी ताकत झोंक देते हैं। सडकें लाल झंडों से पाट देते हैं और रेलमार्ग ठप्प कर देते हैं। उनका किसान आन्दोलन हो , मजदूर आन्दोलन हो. छात्र आन्दोलन हो , सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के… Continue reading वामपंथियों को पहली बार जैसा का तैसा!

गुंडों को पकड़ने में नाकाम पुलिस

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में घुस कर छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट करने वाले नकाबपोश गुंडों को पकड़ने में दिल्ली पुलिस नाकाम रही है। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस यह दावा ही करती रही कि वह नकाबपोश गुंडों की पहचान कर रही है। सूत्रों के हवाले से पुलिस ने… Continue reading गुंडों को पकड़ने में नाकाम पुलिस

मुस्लिम देश 57, हिन्दू 1 भी नहीं?

muslim country in the world : लगता है कि भारत के अनेक प्रभावी बुद्धिजीवी और पत्रकार, विदेशी लोग यहाँ की 80 प्रतिशत जनता के हिन्दू होने, उस की भावना, दुःख और उस पर होते भेद-भाव से निरे अनजान, बेपरवाह हैं। वे भूलकर भी नहीं बताते कि मुस्लिम देशों में रहने वाले हिन्दुओं के साथ क्या… Continue reading मुस्लिम देश 57, हिन्दू 1 भी नहीं?

चिराग पासवान और परिवारवाद

सुनने में यह उपमा कुछ अजीब-सी लग सकती है मगर कुछ और याद ही नहीं आ रहा है। बचपन में एक चुटकुला पढ़ा था कि अध्यापक ने राम से पूछा कि श्यामू चोरी करता है इसका भविष्यकाल क्या होगा? जवाब में उसने कहा कि जेल जाएगा।