वायु प्रदूषण पर चेतावनी

मध्य, पूर्वी और उत्तरी भारत में रहने वाले 48 करोड़ से ज्यादा लोग काफी बढ़े हुए स्तर के प्रदूषण में जी रहे हैं। इन इलाकों में देश की दिल्ली भी शामिल है।

सवाल साख का है

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अमेरिका की साख इतनी कमजोर है कि वहां से होने वाली घोषणाएं दिलचस्पी से ज्यादा सवाल पैदा करती हैं। इसीलिए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन के मुकाबले के लिए जो अमेरिकी योजना पेश की है, हालांकि वो प्रभावशाली है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता पर सवाल बने हुए हैँ। ये सवाल वाजिब है कि अगर 2024 के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी जीत गई, तो क्या होगा? इससे पहले दो मौकों पर डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों की जलवायु वचनबद्धता को उनके बाद निर्वाचित हुए रिपब्लिकन राष्ट्रपति तोड़ चुके हैँ। 1997 में बिल क्लिंटन ने अमेरिका को क्योतो प्रोटोकॉल का हिस्सा बनाया था। लेकिन साल 2001 में जीते जॉर्ज डब्लू बुश ने उससे अपने देश को निकाल लिया। बराक ओबामा ने 2015 में पेरिस संधि को संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। लेकिन 2017 में रिपब्लिकन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस संधि से अमेरिका को अलग कर लिया। तो मुद्दा यह है कि वही कहानी फिर नहीं दोहराई जाएगी, इसकी क्या गारंटी है? वैसे बाइडेन सचमुच ये योजना लागू कर पाएंगे, यह भी तय नहीं है। घोषित योजना पर अमल के लिए संसदीय मंजूरी की जरूरत होगी। सीनेट के समीकरण को देखते हुए ये हासिल करना भी बाइडेन प्रशासन के… Continue reading सवाल साख का है

जलवायु परिवर्तन की गहरी मार

भारत के बड़े शहर जलवायु परिवर्तन की गहरी मार झेल रहे हैं। अति वृष्टि से बाढ़ जैसी हालत बनने या जल की कमी की समस्या लगभग हर शहर में है।

दिल्ली-एनसीआर में सांस संबंधी बीमारी के मरीज बढ़े

राष्ट्रीय राजधानी में छाए हानिकारक धुंध (स्मॉग) के मद्देनजर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने रविवार को कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सांस संबधी बीमारियों के रोगियों में वृद्धि देखने

भला नागरिकों की “गैर-जिम्मेदारी” क्यों?

दमघोंटू वायु-प्रदूषण के कारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एक आदेश जारी करते हुए देशभर में 30 नवंबर तक पटाखे जलाने और उसके विक्रय पर रोक लगाई थी।

यूपी के 13 जिलों में पटाखे जलाने पर लगी रोक

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे स्मॉग और वायु प्रदूषण को देखते हुए राज्य सरकार ने लखनऊ व वाराणसी सहित 13 जिलों में आतिशबाजी पर रोक लगा दी है।

चुनौती वायु स्वच्छ करने की

दिल्ली और आसपास की हवा फिर बिगड़ चुकी है। यानी लॉकडाउन के समय जो लाभ हुआ था, वह अब गायब हो चुका है। वजह पराली जलाना मानी गई है। बहरहाल, कारण चाहे जो हो, असल मुद्दा है कि अपने लोगों को साफ-सुथरी हवा में रखने में अपना देश फिलहाल नाकाम है। दुखद यह है कि औद्योगिक रूप से अधिक विकसित और अधिक आबादी वाले चीन की तुलना में भी भारत की स्थिति बदतर है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर (सोगा)–2020 रिपोर्ट से सामने आया है कि वायु प्रदूषण से होने वाली सालाना मौतों में चीन और भारत अव्वल देश हैं। दुनिया में होने वाली उन कुल मौतों में इन दोनों देशों का हिस्सा 58 फीसदी है। चीन में पिछले साल करीब 14.2 लाख लोगों की मौत के पीछे वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारी एक वजह थी, वहीं भारत में इन मौतों का आंकड़ा 9.80 लाख रहा। मगर रिपोर्ट से ये भी साफ है कि सबसे अधिक मौतों के बावजूद प्रदूषण से लड़ने में चीन भारत की तुलना में बेहतर स्थिति में है। जानकार चीन में अधिक मौतों के पीछे वहां की बुजुर्ग आबादी को वजह मानते हैं। सोगा की रिपोर्ट में 30 सर्वाधिक प्रदूषित देशों में के बीच भारत नंबर एक… Continue reading चुनौती वायु स्वच्छ करने की

पराली नहीं अपनी किस्मत खाक कर रहे हैं आप

धान की कटाई शुरू हो चुकी है। रबी के सीजन में आम तौर पर कंबाइन से धान काटने के बाद प्रमुख फसल गेंहू की समय से बोआई के लिए पराली (डंठल) जलाना आम बात है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सरकार का महाअभियान

दिल्ली सरकार, दिल्ली में प्रदूषण पैदा करने वाली सभी गतिविधियों के खिलाफ 5 अक्टूबर से चौतरफा महाअभियान शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली में पराली को गलाने

हाई-ब्लडप्रेशर, हाईपरटेंशन में वायु प्रदूषण का योगदान : शोध

उत्तर भारत के एक बड़े क्षेत्रीय हिस्से के लिए वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है। वहीं बीते साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में स्वास्थ्य आपातकाल लगा दिया गया था।

लॉकडाउन ने दी वायु प्रदूषण से दिल्ली एनसीआर को राहत

कोरोना संकट के कारण पिछले एक महीने से लागू बंदी (लॉकडाउन) देश के उन 17 महानगरों के लिये वरदान साबित हुई है जो पिछले कुछ सालों से वायु प्रदूषण से सर्वाधिक प्रभावित थे।

प्रदूषण का गंभीर हाल

नई दिल्ली को लगातार दूसरे साल दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी घोषित किया गया।  2018 में दिल्ली को सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया था। यही स्थिति 2019 में भी जारी रही। वैसे दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद को बताया गया है। भारत के बारे में कुल सूरत यह उभरी है कि दुनिया के सबसे प्रदूषित 30 शहरों में 21 शहर अपने देश में ही हैं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद यह खुद जाहिर है कि प्रदूषण के मामले में भारत का क्या हाल है। स्विट्जरलैंड का एक गैर-सरकारी संगठन दुनिया भर के शहरों में प्रदूषण और हवा की गुणवत्ता पर नजर रखता है। वह इसके आंकड़े इकट्ठा करता है। इसी संगठन के अनुसंधान से ताजा जानकारी सामने आई है। आईक्यू एयरविजुअल नामक संगठन का कहना है कि पार्टिकुलेट मैटर 2.5 पर केंद्रित एक रिसर्च में मिले आंकड़ों से भारत में पर्यावरण की खराब हालत की पुष्टि होती है। पार्टिकुलेट मैटर 2.5 धूल के बेहद महीन कण हैं, जो हवा में घुले रहते हैं। ये सांस के साथ शरीर के अंदर जा कर फेफड़ों और दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचाते है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रॉन से कम होता है। हवा में इनकी मात्रा बढ़ने से कैंसर… Continue reading प्रदूषण का गंभीर हाल

प्रदूषण कम करने के लिए हरियाणा, पंजाब तक जाएगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने को प्राथमिकता देगी। गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण को लेकर एक अहम बैठक हुई। दिल्ली का वायु प्रदूषण एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। देश के सर्वोच्च न्यायलय को भी दिल्ली की जहरीली हवा पर टिप्पणी करनी पड़ी है। यहीं कारण है कि अब तीसरी बार सत्ता में आए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने को अपनी सरकार की बड़ी योजनाओं में शामिल किया है। दिल्ली सरकार के नए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राजधानी में प्रदूषण की समस्या पर गुरुवार को उच्च अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रदूषण को कम करने और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, प्रदूषण में कमी लाना केजरीवाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों और उनके समाधान हासिल करके प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण कम करने का मुद्दा आम आदमी पार्टी के चुनावी वादे में शामिल है। इसे केजरीवाल गारंटी कार्ड में शामिल किया गया है। यह खबर भी पढ़ें:- जेएनयू मामला: कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगी रपट… Continue reading प्रदूषण कम करने के लिए हरियाणा, पंजाब तक जाएगी दिल्ली सरकार

विश्व में होने वाली मौतों का वायु प्रदूषण पांचवा बड़ा कारण : रिपोर्ट

विश्व में होने वाली माैताें में सबसे बड़ा पांचवा कारण वायु प्रदूषण है और यह कुपोषण तथा शराब से होने वाली मौतों के आंकडे को भी पार कर गया है।

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