संघ-वीएचपी वालों शर्म करो! अरबों रुपए के चंदे में कुछ तो हिंदुओं को सांस देने पर खर्च करो!

मैं हिंदू हूं। सनातनी सत्व-तत्व की जीवन आस्थाएं लिए हुए हूं और हिंदू होने के गर्व में जीवन जीया है। लेकिन अब मैं सोचने को विवश हूं कि कैसे हम हिंदू, कैसा हिंदू काल, जिसमें हिंदू प्राणी की सांस पर भी वे लोग, वे संगठन, वे धर्म गुरू, संरक्षक जन जानवर की तरह ठूंठ हैं,… Continue reading संघ-वीएचपी वालों शर्म करो! अरबों रुपए के चंदे में कुछ तो हिंदुओं को सांस देने पर खर्च करो!