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कोरोना महामारी का सबक

कोरोना वायरस से फैली महामारी के संदर्भ में स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा गंभीरता से उठा है। इस पर दुनिया भर में बहस चल रही है। भारत के लिए भी ये बहस अहम है, क्योंकि अपने यहां इनकी हालत और भी लचर है। इस मुद्दे से जुड़ा सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर इस महामारी के कारण अलग-अलग देशों में पीड़ित लोगों के बीच मौतों की दर अलग-अलग क्यों रही है। इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे अहम सवाल यह है कि किसी देश की स्वास्थ्य सेवाएं कोरोना वायरस जैसी किसी महामारी का सामना करने के लिए कितनी तैयार हैं। साथ ही यह भी कि क्या वो संक्रमण की गति को रोकने में सक्षम हैं। गति रोकने का मतलब है कि कि क्या संक्रमण और मृत्यु दर को पूरी आबादी में रोग के फैलने के बाद भी स्थिर रखा जा सकता है। अनुभव यह है कि ऐसा करना संभव है, बशर्ते स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त हों। मसलन, कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को वेंटीलेटर मशीनों के सहारे मरने से रोका जा सकता है। जरूरी यह है कि पर्याप्त संख्या में जरूरी उपकरणों से लैस अस्पताल, बेड और मशीनें मौजूद हों। अगर बहुत कम इंटेंसिव केयर बेड और वेंटीलेटर… Continue reading कोरोना महामारी का सबक

विदेश से मंगा रहे मास्क, वेंटिलेटर

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार जरूरी मेडिकल सुविधाएं जुटाने में लगी है। इसके लिए सरकार विदेश से भी कई चीजें मंगा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने रविवार को कहा- हम विदेश से भी मास्क और वेंटिलेटर की सप्लाई ले रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में हेल्थ फैसिलिटी को अपग्रेड किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आयुष मंत्रालय के अधिकारियों के साथ चर्चा कर टेलीमेडिसीन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। कोरोना के खिलाफ पूरे देश में युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर ने कहा- देश भर में 113 लैब में कोरोना की टेस्टिंग हो रही है। 47 प्राइवेट लैब को भी जांच की मंजूरी दी गई है। ओड़िशा में वर्ल्ड क्लास टेस्टिंग मशीन भी कुछ दिन में मिल जाएगी। आईसीएमआर ने कहा कि संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। पीक सिचुएशन अभी आना बाकी है। अगर लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करेंगे, तो शायद ज्यादा गंभीर स्थिति से बच जाएं।

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