ट्रंप की भक्तीः भय-खौफ का मनोविकार!

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार कहा था- मैं फिफ्थ एवेन्यू (वाशिंगटन की सड़क) के बीच खड़े हो कर किसी को गोली मारू तब भी मुझसे मेरा वोटर नाराज नहीं होगा। हां, यही हकीकत है, एकदम अविश्वसनीय।

भावना है समस्या और समाधान है बुद्धी!

बड़ा मुश्किल है सोचना कि डोनाल्ड़ ट्रंप कैसे सवा सात करोड अमेरिकियों की भावना में भगवान बने! लोगों ने अंतर्दृष्टि, इन्टूइशन में उन्हे सच्चा मान महाबली समझा या राजनीति-नेताओं के पिछले अनुभव (अश्वेत ओबामा, उदारवाद आदि) ने उन्हे गौरों में सुरक्षादायी बनाया

भावना पहले फिर बुद्धी की दुम!

आधे से कुछ ही कम अमेरिकी मतदाता डोनाल्ड ट्रंप को विजेता मान रहे है! वे चुनाव नतीजों का सत्य मानने को तैयार नहीं है। वे ट्रंप को चुनाव जीता मानते है।

ट्रंप की भेड़ों से इंसान का सवाल

वक्त आधुनिक इंसान की बुद्धी पर गंभीर सवाल बनाता हुआ है। मनुष्य जानवर-भेड़ बकरी है या जीव जगत में दिमाग का बिरला विकास प्राप्त किए हुए प्राणी

झूठ की ट्रंप गंगौत्री और भक्त!

झूठ छूत है, संक्रमण है और उसका वाहक क्योंकि इक्कीसवीं सदी का मीडिया-सोशल मीडिया है तो इस महामारी का सर्वाधिक घोषित संक्रमित अमेरिका व अघोषित नंबर एक संक्रमित भारत ही होगा।

अमेरिका वापस आ गया है

जो बाइडेन अब अपने सहयोगी रहे देशों को संदेश दे रहे हैं कि ‘अमेरिका वापस आ गया है’। डोनल्ड ट्रंप के दौर की खास बात यह रही कि अमेरिका ने दशकों से पार्टनर रहे देशों को ठुकरा दिया।

उफ! झूठ की खेती में अमेरिका और भारत

डोनाल्ड ट्रंप के चार सालों में अमेरिका क्या बना और नरेंद्र मोदी के छह साल में भारत क्या बना? पूछ सकते हैं दोनों की भला एक साथ तुलना क्यों

अब विकेट गिराने लगा वक्त?

अंत हर चीज का है! सत्य और न्याय को छोड़कर। यही दोनों हमेशा मानवता को हौसला देते रहते हैं। मानव सभ्यता में विश्वास बनाए रखते हैं। एक साथ तीन बड़े विकेट गिर गए।

मुश्किल भरी बाइडेन की राह

वोटों की गिनती के आधार पर अमेरिकी मीडिया ने जो बाइडेन को राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित कर दिया है। लेकिन अभी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हार नहीं मानी है।

झूठ से ट्रंप का क्या बना तो अमेरिका का क्या?

अमेरिका पर ताली बजाएं या अमेरिका को लोकतंत्र का फ्रॉड, धोखा करार दें? डोनाल्ड ट्रंप की मानें तो उनके साथ धोखा हुआ। वे अमेरिकी चुनाव के फ्रॉड से हारे हैं।

अब अमेरिकी प्रतिष्ठा लौटेगी

कल मैंने लिखा था कि डोनाल्ड ट्रंप- जैसे आदमी को साढ़े चौदह करोड़ वोटों में से लगभग सात करोड़ वोट कैसे मिल गए

ट्रंप चले जाएंगे पर ट्रंपवाद रहेगा!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदाई हो गई है। अमेरिकी जनता ने उनके ब्रांड की राजनीति को खारिज कर दिया है। सोचें, पूरी एक सदी में वे सिर्फ तीसरे राष्ट्रपति हैं, जिन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिला है। सदी में सबसे ज्यादा मतदान के जरिए अमेरिका के लोगों ने उनको हराया है। लेकिन उनका हारना… Continue reading ट्रंप चले जाएंगे पर ट्रंपवाद रहेगा!

बाइडेन का पहला काम कोरोना रोकना

अमेरिका निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि बतौर निर्वाचित राष्ट्रपति उनका पहला काम कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए कदम उठाना है।

एनबीए स्टार केविन डुरेंट को कोरोनावायरस

एनबीए के स्टार केविन डुरेंट ब्रूकलिन नेट्स के उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं जिनकी कोरोनावायरस की जांच सकारात्मक पाई गई है। सीएनएन की रिपोर्ट में एक बयान के हवाले से बताया है

ट्रम्प ने की व्हाइट हाउस के नए चीफ ऑफ स्टॉफ की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि उत्तरी कैरोलिना के कांग्रेस सदस्य मार्क मीडोज व्हाइट हाउस के नए चीफ ऑफ स्टॉफ होंगे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव फरवरी में पाकिस्तान के दौरे पर

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरेस इस माह पाकिस्तान में होेने वाले शरणार्थी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

भारत को वित्तीय घाटे पर नियंत्रण रखना जरूरी: गोपीनाथ

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने देश में जारी आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाये गये