शिव सेना नेता का एनसीपी पर हमला

ऐसा लग रहा है कि महाराष्ट्र में सरकार चला रही महाविकास अघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शिव सेना नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने एनसीपी और उसके नेता शरद पवार पर एक बयान दिया है, जिससे

भाजपा भावी सहयोगी- उद्धव

महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा को भावी सहयोगी बताया, जिसके बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है

एनसीपी से लड़ाई और संघ से शिव सेना का प्यार!

शिव सेना ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की तुलना तालिबान से किए जाने के मसले पर संघ का बचाव किया है।

Maharasthra : ‘थप्पड़’ के बाद अब फिल्मी बवाल, Reel पर हो रही है Real राजनीति…

नितेश राणे ने मल्टी स्टारर फिल्म राजनीति के एक सिंह को ट्वीट करते हुए शिवसेना को जवाब दिया है. नितेश का अंदाजा फिर सेना को कितना पसंद आता है यह तो देखने वाली बात होगी

उद्धव ने कांग्रेस, एनसीपी को मुश्किल में डाला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भले कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार चला रहे हैं लेकिन वे अपनी राजनीति नहीं छोड़ते हैं। वे अपने को कट्टर हिंदुवादी साबित करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं।

राज्यपाल कोश्यारी का नया मोर्चा

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी लगातार कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं, जिसकी वजह से उनके और राज्य सरकार के बीच तनाव बना रहता है। कोश्यारी ने महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए भेजे गए 12 नामों की सूची को नौ महीने से लटका रखा है।

भाजपा को लेकर शिव सेना की दुविधा

शिव सेना के नेताओं ने पिछले दिनों भाजपा के प्रति सद्भाव दिखाया था। पार्टी के सांसद  संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उनको सबसे लोकप्रिय नेता बताया था। दोनों तरफ से कई बार कहा गया कि दोनों पार्टियां अलग हो गई हैं लेकिन संबंध खत्म नहीं हुए हैं।

शिव सेना पर पवार का दांव

shiv sena sharad pawar : महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी में शामिल एनसीपी के नेता शरद पवार का कोई खास सद्भाव कांग्रेस के प्रति नहीं है। वे शिव सेना के प्रति अपना सद्भाव दिखाते रहते हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ उनकी मुलाकातें भी होती रहती हैं। लेकिन जहां राजनीति की बात आती है वहां वे शिव सेना की लगाम कसे रखते हैं। उनको पता है कि शिव सेना के पास मुख्यमंत्री का पद है और इसलिए विधानसभा स्पीकर का पद किसी हाल में उसके पास नहीं जाना चाहिए। इसलिए जैसे ही शिव सेना के नेताओं ने स्पीकर पद की मांग की वैसे ही पवार ने दो टूक कहा कि स्पीकर का पद कांग्रेस के पास ही रहेगा। ध्यान रहे कांग्रेस ने नाना पटोले को स्पीकर बनवाया था लेकिन बाद में पार्टी ने उनको प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। तब से स्पीकर का पद खाली है। दो दिन के विशेष सत्र में उपाध्यक्ष और शिव सेना के नेता भास्कर जाधव ने सदन का संचालन किया और हंगामा करने के नाम पर भाजपा के एक दर्जन विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। तब से शिव सेना के नेता स्पीकर पद की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि… Continue reading शिव सेना पर पवार का दांव

क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

shiv sena BJP : हो सकता है दोनों पार्टियों में खिचड़ी पकरने की अफवाहे भाजपा ही बनवा रही हो। इसलिए कि महाराष्ट्र जैसे कमाऊ-सियासी प्रदेश की सत्ता से बाहर होना मोदी सरकार को भी बैचेन बनाए रखने वाला है। तभी लगातार चर्चा है महा विकास अघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। यह सब कुछ ठीक नहीं चलने का सिलसिला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रधानमंत्री से मिलने के बाद शुरू हुआ। उसके तुरंत बाद शिव सेना के सबसे मुखर नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री को भाजपा और देश का सर्वोच्च नेता बताते हुए तारीफ की। खुद उद्धव ने भी कहा कि वे भले भाजपा से अलग हो गए हैं लेकिन मोदी से रिश्ते खत्म नहीं हुए हैं। यह भी पढ़ें: योजना में अटका है एमएलसी का मामला! अब खबर है कि संजय राउत और मुंबई महानगर के भाजपा अध्यक्ष रहे आशीष सेलार के बीच एक गुप्त मीटिंग हुई है। जब खबर आम हो गई तो राउत ने कहा कि दोनों एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं और इसलिए इस मुलाकात में ज्यादा कुछ नहीं देखना चाहिए। लेकिन इस मुलाकात की खबर के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का एक बयान आया, जिसमें उन्होंने कहा- शिव सेना हमारी दुश्मन… Continue reading क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

अतिरिक्त प्रभार वाली शासन व्यवस्था

modi government administration : ऐसा नहीं है कि भारत सरकार सिर्फ एक्सटेंशन पाए अधिकारियों के सहारे चल रही है, अतिरिक्त प्रभार वाले अधिकारी, मंत्री, राज्यपाल, प्रशासक आदि भी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। सरकार के पास समय ही नहीं है कि वह पूर्णकालिक नियुक्ति कर सके! दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव रिटायर हुए हैं तो केंद्र सरकार ने उनकी जगह बालाजी श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वे दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त का काम भी संभालेंगे। ठीक इसी तरह एसएन श्रीवास्तव को एक मार्च 2020 को दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिला था। उसके बाद वे मई 2021 तक अतिरिक्त प्रभार में ही काम करते रहे। रिटायर होने से एक महीना पहले उनको स्थायी नियुक्ति दी गई। अभी पिछले दिनों केंद्र सरकार ने बड़े शोर-शराबे के बाद सीबीआई का पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया। उससे पहले चार महीने तक प्रवीण सिन्हा एडिनशल चार्ज में सीबीआई निदेशक का काम देखते रहे थे। यह भी पढ़ें: कश्मीरी पंडितों की सरकार से नाराजगी केंद्र सरकार के कई अहम मंत्रालय अतिरिक्त प्रभार में चल रहे हैं। भाजपा की सहयोगी शिव सेना अलग हुई तो उसके कोटे के… Continue reading अतिरिक्त प्रभार वाली शासन व्यवस्था

शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

maharashtra politics mahavikas aghadi Sarkar : महा विकास अघाड़ी महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व कर रही शिव सेना क्यों कांग्रेस पार्टी को ज्यादा महत्व नहीं दे रही है? क्यों शिव सेना के नेता एनसीपी के शरद पवार को तरजीह दे रहे हैं और कांग्रेस के खिलाफ बयान देते रहते हैं? क्यों शिव सेना ने राहुल गांधी को शरद पवार से सीखने की सलाह दी? शिव सेना क्यों कांग्रेस नेताओं जैसे नाना पटोले या भाई जगताप के बयानों पर ध्यान नहीं दे रही है? इन सब सवालों का एक ही जवाब है कि शिव सेना को कांग्रेस की मजबूरी पता है। उसे पता है कि कांग्रेस महा विकास अघाड़ी छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाली है। कम से कम अगले दो साल तक कांग्रेस को किसी तरह से शिव सेना के साथ ही रहना है। शिव सेना छोड़ दे तो अलग बात है। यह भी पढ़ें: नरसिंह राव को याद करने का समय नहीं यह भी पढ़ें: स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी कुछ नियम बने! दूसरी ओर एनसीपी के साथ ऐसी मजबूरी नहीं है। एनसीपी को भाजपा के साथ राजनीति करने में भी कोई दिक्कत नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस बात की चर्चा हो रही है… Continue reading शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच : महाराष्ट्र में भाजपा और शिव सेना का तालमेल इसी बात पर टूटा था। शिव सेना के नेता कह रहे थे कि बंद कमरे में अमित शाह ने वादा किया था कि मुख्यमंत्री का पद ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों के बीच बंटेगा। दूसरी ओर भाजपा ने इससे इनकार किया, जिसके बाद शिव सेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार बनाई। पिछले दिनों फिर ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की बात अचानक उभरी, जिस पर शिव सेना ने कहा कि एनसीपी के साथ ऐसी कोई बात नहीं हुई है और पांच साल तक शिव सेना का ही मुख्यमंत्री रहेगा। यह भी पढ़ें: कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह अब एक बार फिर ढाई साल का पेंच सामने आया है। अगले साल अप्रैल में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री के तौर पर ढाई साल पूरे करेंगे। उसके बाद क्या होगा, इसका अंदाजा किया को नहीं है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उसके बाद वे अगले ढाई साल तक भाजपा के समर्थन से भी मुख्यमंत्री रह सकते हैं या उनके समर्थन से अगले ढाई साल के लिए भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है। हालांकि शिव सेना के नेता इससे इनकार कर रहे हैं… Continue reading महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह : महाविकास अघाड़ी बनने के बाद कांग्रेस और शिव सेना में कमाल का तालमेल दिखा था। दोनों के नेताओं ने एक दूसरे पर बहुत भरोसा दिखाया था। लेकिन अब वह भरोसा टूटता दिख रहा है। यही कारण है कि दोनों ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। सरकार बनने के थोड़े दिन बाद ही दोनों पार्टियों में अविश्वास पैदा होने लगा था। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना सांसद संजय राउत की पत्नी को ईडी का नोटिस जाने के बाद ज्यादा बदलाव हुआ है। उसके बाद शिव सेना का रुख भाजपा के प्रति नरम हुआ है। फिर जब उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तब घटनाक्रम में नया मोड़ आया। इसके तुरंत बाद संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। यह भी पढ़ें: रावत और ममता की चिंता अब शिव सेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिख कर कहा कि केंद्रीय एजेंसियां बहुत परेशान कर रही हैं और इसलिए शिव सेना को भाजपा के साथ तालमेल कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों शिव सेना को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस को इन बयानों का मतलब समझ… Continue reading कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

राउत ने भाजपा पर निशाना साधा

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के दो दिन बाद शिव सेना के सुर फिर बदल गए हैं। शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने शिव सेना को खत्म करने का प्रयास किया था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार में शिव सेना के साथ नौकरों जैसा व्यवहार किया जा रहा था। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के एक पुराने सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने भी भाजपा पर सहयोगियों के साथ नौकरों जैसा बरताव करने का आरोप लगाया है। बहरहाल, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक मुलाकात हुई थी। इसके बाद संजय राउत ने मोदी को भाजपा का और देश का सर्वोच्च नेता बताया था। लेकिन अब उन्होंने बयान बदल दिया है। राउत ने कहा कि पिछली महाराष्ट्र सरकार में भाजपा का शिव सेना के लिए व्यवहार नौकरों जैसा होता था। राउत का इशारा 2014 से 2019 के बीच के समय की ओर था, जब शिव सेना भाजपा के साथ महाराष्ट्र की सत्ता में थी। जलगांव में शिव सेना कार्यकर्ताओं के बीच राउत ने कहा- राज्य में जो पिछली… Continue reading राउत ने भाजपा पर निशाना साधा

डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरी बार उद्धव की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी। इस बार वे मराठा आरक्षण के मसले पर बात करने आए थे। इसके अलावा उन्होंने चक्रवाती तूफान ताउते से हुई तबाही के लिए मुआवजे के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात डेढ़ घंटे से ज्यादा चली। मुलाकात के बाद उद्धव ने कहा कि राजनीतिक रूप से वे भाजपा के साथ नहीं हैं पर मोदी से रिश्ता खत्म नहीं हो गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण लागू करने के लिए प्रधानमंत्री से मदद मांगी। उसके अलावा उन्होंने वैक्सीनेशन और तूफान से हुए नुकसान के मुआवजे के बारे में बात की। एक दिन पहले ही यह मुलाकात तय हुई है और दोनों ने मीटिंग अकेले में की। ये बातचीत करीब एक घंटा चालीस मिनट तक चली मुलाकात के बाद इस बारे में पूछे जाने पर उद्धव ने कहा- भले ही राजनीतिक रूप से साथ नहीं हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है… Continue reading डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

और लोड करें