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संघ-परिवार का उतरता रंग

इन दिनों संघ-परिवार पर हैरत बढ़ गई है। विशेषकर, शाहीनबाग पर सड़क कब्जा, जामिया-मिलिया से लेकर कई जगहों पर दिल्ली पुलिस पर हमले, लाल किला पर देश-विरोधी उपद्रव, और अब बंगाल में भाजपा समर्थकों का चुन-चुन कर मारा जाना, उन से लाखों रूपए की ‘जजिया’ वसूली, कुछ इलाकों को हिन्दुओं से खाली करा लेने, आदि पर संघ-भाजपा की निष्क्रियता ने सब को चकित कर दिया है। हालाँकि, यह सब पहली बार नहीं हो रहा। हिन्दू समाज की अनदेखी, बढ़-चढ़कर मुस्लिम-तुष्टीकरण, और चर्च-तुष्टिकरण के लिए वाजपेई सरकार की भी खिंचाई हुई थी। हज सबसिडी की रकम स्वतः बढ़ाने, और ‘दो करोड़ उर्दू शिक्षकों’ को नौकरी देने, आदि बयानों के बाद वाजपेई को ‘हाजपेई’ कहा गया था। परन्तु इस बार स्वयं रा.स्व.संघ के लोग भी सत्ता भोग रहे हैं। प्रधानमंत्री वाजपेई ने इन्हें सत्ता से दूर ही नहीं रखा, बल्कि उन की पूरी अनदेखी की थी। स्वयं संघ-प्रमुख कुप्प सुदर्शन ने शेखर गुप्ता के साथ टीवी इंटरव्यू में वाजपेई-अडवाणी की कड़ी आलोचना की थी। उस का पूरा पाठ इंटरनेट पर उपलब्ध है, जिसे पढ़ना चाहिए। दूसरा फर्क कि स्थिति और गंभीर हो चुकी है। पर संघ-भाजपा नेतृत्व नीरो की तरह वंशी बजाते हुए सब को उपदेश दे रहे हैं। मानो उपदेश देने… Continue reading संघ-परिवार का उतरता रंग

संघ-वीएचपी वालों शर्म करो! अरबों रुपए के चंदे में कुछ तो हिंदुओं को सांस देने पर खर्च करो!

मैं हिंदू हूं। सनातनी सत्व-तत्व की जीवन आस्थाएं लिए हुए हूं और हिंदू होने के गर्व में जीवन जीया है। लेकिन अब मैं सोचने को विवश हूं कि कैसे हम हिंदू, कैसा हिंदू काल, जिसमें हिंदू प्राणी की सांस पर भी वे लोग, वे संगठन, वे धर्म गुरू, संरक्षक जन जानवर की तरह ठूंठ हैं, जिन्होंने हिंदू नाम पर अरबों रुपए इकठ्ठे किए, दुकानें चलाईं, सत्ता-मुनाफा कमाया लेकिन इतने भी मानवीय नहीं जो मरते-तड़पते हिंदुओं के लिए ‘सांस लंगर’ लगाते!जो श्मशानों में हिंदू जन के अंतिम संस्कार करवा देते, जिससे परिवार सदस्य इस सुकून से लौटें कि मतृक आत्मा की संस्कारगत अंतिम यात्रा हुई। पंडित ने मृतक का नाम ले कर संस्कार किया, कपाल क्रिया से मुक्ति हुई! क्या हिंदू के लिए इतना भी सोचनाउस संघ-उस विश्व हिंदू परिषद्, उस रामदेव, उस रविशंकर, उस जग्गी वासुदेव, उन शंकाराचार्यों, महामंडलेश्वरों की बुद्धि, मानवता में नहीं, जो मोदी के हिंदू काल में वैभव को प्राप्त हैं, जिन्होंने हर तरह का धंधा किया, पैसा-मुनाफा-चंदा कमाया। ये पैसे का क्या दस-बीस-पच्चीस प्रतिशत हिस्सा निकाल कर उससे मौत काल में हिंदुओं को ऑक्सीजन नहीं दिलवा सकते? हिंदू को गरिमापूर्ण अंतिम यात्रा नहीं करवा सकते? हां, पिछले एक साल में संघ-विश्व हिंदू परिषद् ने पूरे देश… Continue reading संघ-वीएचपी वालों शर्म करो! अरबों रुपए के चंदे में कुछ तो हिंदुओं को सांस देने पर खर्च करो!

संघ है रचनात्मक और सकारात्मक

संघ का पूरा दर्शन ही ‘मैं नहीं तू ही’, ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’, ‘याची देही याची डोला’ के भाव पर अवलंबित है। संघ समाज के विभिन्न वर्गों-खाँचों-पंथों-क्षेत्रों-जातियों को बाँटने में नहीं, जोड़ने में विश्वास रखता है।

भूषण के खुलासे पर केजरीवाल की चुप्पी

सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने अरविंद केजरीवाल और 2011 में हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आंदोलन को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं।

सहमति से सरकार चलाने का गुण किसने सीखा

पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद उनके लिए जितनी श्रद्धांजलि लिखी गई है या उनके राजनीतिक योगदान पर जितना कुछ लिखा-कहा गया है उसकी केंद्रीय थीम यह है कि वे सहमति बनाने में माहिर राजनेता थे

संघ पदाधिकारियों के साथ मोदी की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की है। केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री का संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलना बहुत अहम है।

भाजपा में बाहरी नेताओं की मुश्किल

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की राजनीति में वैसे तो बहुत फर्क है। पर एक फर्क बहुत खास है। वह फर्क ये है कि न तो भाजपा से निकल कर कोई नेता सफल होता है

कोरोना के साए में ‘संघ’ की बैठक होगी या टलेगी..!

कोरोना काल में कार्यकारिणी की बैठक को लेकर संघ असमंजस में, दिल्ली कार्यालय में दो पदाधिकारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भोपाल में प्रस्तावित कार्यकारिणी की बैठक

सीएए पर सरकार को संघ का साथ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो टूक अंदाज में कहा था कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून पर एक इंच भी पीछे नहीं हटने जा रही है। यह बहुत सोचा समझा बयान था। वैसे भी नरेंद्र मोदी सरकार का रिकार्ड पीछे नहीं हटने का रहा है।

संघ पदाधिकारी न होते तो इंदौर में आग लगा देता: विजयवर्गीय

इंदौर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के आयुक्त से मुलाकात न होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर धमकाया और कथित तौर पर यहां तक कह डाला कि अगर संघ के पदाधिकारी शहर में मौजद न होते तो वह इंदौर में आग लगा देते। विजयवर्गीय का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। शहर की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के साथ विजयवर्गीय शुक्रवार को बैठक करना चाहते थे। इसके लिए भाजपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया था। इस बैठक में हिस्सा लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो विजयवर्गीय आक्रोशित हो गए। उसके बाद वह आयुक्त आकाश त्रिपाठी के आवास के सामने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उनके साथ सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य भाजपा नेता भी मौजूद थे। धरना और संभागायुक्त त्रिपाठी से मुलाकात के मुद्दे पर विजयवर्गीय की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोक-झोक हुई। इस नोक-झोक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी आईएएनएस पुष्टि नहीं करता है। यह भी पढ़ें:- एनआरसी पर फिलहाल केंद्र ने निर्णय नही लिया: विजयवर्गीय वीडियो में विजयवर्गीय कह रहे हैं, “यह चिट्ठी लिखी है कि हम मिलना चाहते हैं। उन्हें यह भी सूचना नहीं दोगे… Continue reading संघ पदाधिकारी न होते तो इंदौर में आग लगा देता: विजयवर्गीय

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