World Environment Day 2021: जानें किस कानून के तहत हुई थी विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत

NI Desk | हर साल दुनियाभर में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। विश्व पर्यावरण दिवस या वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे को आप मदर नेचर यानी मां प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने का दिन भी कह… Continue reading World Environment Day 2021: जानें किस कानून के तहत हुई थी विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत

खुरदुरे यथार्थ की समझ वाले थे बाबा साहेब

डॉ भीमराव आंबेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञों की तुलना में राजनीति के खुरदुरे यथार्थ की ठोस एवं बेहतर  समझ रखते थे। नारों एवं तक़रीरों की हकीक़त वे बख़ूबी समझते थे। जाति-भेद व छुआछूत के अपमानजनक दंश को उन्होंने केवल देखा-सुना-पढ़ा ही नहीं, अपितु भोगा भी था। तत्कालीन जटिल सामाजिक समस्याओं पर उनकी पैनी निग़ाह थी।… Continue reading खुरदुरे यथार्थ की समझ वाले थे बाबा साहेब

मोदी ने यूएन में सुधार की जरूरत बताई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधारों की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि व्यापक सुधारों के अभाव में संयुक्त राष्ट्र पर भरोसे की कमी का संकट मंडरा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गरीब विरोधी सिद्ध हुई मोदी सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को गरीब विरोधी करार देते हुए कहा है कि उसके पास गरीबी से निपटने की कोई योजना नहीं है और संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी मान लिया है कि भारत में गरीबों की संख्या बढ़ रही है।

नव-जाग्रत चेतना की मिसाल

संयुक्त राष्ट्र में घटी एक घटना बताती है कि भले ये दुनिया की राजनीति में धुर दक्षिणपंथ का दौर हो, लेकिन जो मानवीय चेतना लोगों के मानस में उतर चुकी है, वह अब एक स्थायित्व प्राप्त कर चुकी है। इस घटना में नस्लवाद को लेकर संयुक्त राष्ट्र ही घिर गया।

यूएन की सीट के लिए भारत का अभियान

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, यूएनएससी के अस्थायी सदस्यों में अपनी एक सीट सुनिश्चित करने के लिए भारत ने शुक्रवार को अपने अभियान की शुरुआत की।

क्या यूएन में कोविड-19 पर बात होगी?

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में आए दिन ऐसी-वैसी बातों पर चर्चा होती रहती है। पर हैरान करने वाली बात यह है कि अभी तक कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

ममता का यूएन सुझाव था आत्मघाती

ममता बनर्जी ने बहुत बड़ी गलती की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में संयुक्त राष्ट्र संघ की देख रेख में जनमत संग्रह कराने की बात कही। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि संयुक्त राष्ट्र के अलावा न्यायालय या किसी और स्वतंत्र एजेंसी के जरिए जनमत संग्रह कराया जा सकता है कि लोग नागरिकता कानून के समर्थन में हैं या विरोध में।