संस्थाएं जर्ज तो लोकतंत्र, आजादी ?

आजादी के अमृत महोत्सव का साल इस तरह नहीं शुरू होना चाहिए था। संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होना था और उसी दिन से अमृत महोत्सव के कार्यक्रम शुरू होने थे।

सदन में सांसदों की पिटाई?

विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा में सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे सांसदों की पिटाई कराई गई है। इसके विरोध में विपक्ष के नेताओं ने गुरुवार को संसद भवन से विजय चौक तक विरोध मार्च भी निकाला।

सोनिया करेंगी विपक्षी नेताओं के साथ बैठक

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्षी नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक करेंगी। पिछले दिनों संसद के मॉनसून सत्र के दौरान राहुल गांधी ने कई बार विपक्षी नेताओं के साथ बैठक की थी

ऐसी विधायिका की क्या जरूरत?

संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने वाला है। शुक्रवार 13 अगस्त को सत्र का आखिरी दिन होगा और अभी तक संसद में आम लोगों से जुड़े किसी भी एक मसले पर एक मिनट की भी चर्चा नहीं हुई है।

समय से पहले संसद सत्र समाप्त

संसद का मॉनसून सत्र निर्धारित समय से दो दिन पहले ही समाप्त हो गया। संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस सत्र बढ़ाने की मांग कर रही थी लेकिन सरकार ने इसे दो दिन पहले ही समाप्त कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के बाहर के 2 व्यक्तियों ने 370 के बाद से संपत्ति खरीदी है: केंद्र

सरकार ने आज संसद में कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और दो केंद्र शासित प्रदेशों को अलग कर दो साल में बाहर से केवल दो व्यक्तियों ने जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदी है।

तीन दिन मोदी करेंगे मंत्रिपरिषद की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद की लगातार तीन दिन तक बैठक करने वाले हैं। वे हफ्ते तीन दिन का बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि तीन दिन की इस बैठक के दौरान अगले तीन साल के लिए सरकार का एजेंडा तैयार किया जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जानिये सीनियर सिटीजन को रेलवे के किराए में कब मिलेगा कंशेसन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद में बताया कि टिकट किराये में कुछ श्रेणियों के लोगों को दी जाने वाली छूट या रियायतों को बहाल करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि कोरोना के मद्देनजर सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए दी जाने वाली छूट वापस ले ली गई है।

कांग्रेस में क्या संसदीय बोर्ड बनेगा?

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में कुछ बदलाव होने की संभावना है। यह बदलाव कब होगा, कोई नहीं कह सकता है क्योंकि कांग्रेस में फैसले आसानी से नहीं होते हैं और होते हैं तो उनको लागू करना और मुश्किल होता है

बिन ऑक्सीजन मौत.. इतना झूठ क्यों?

ऑक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुईं। भला ऐसे सत्य को कैसे झुठला सकते हैं, जिसकी फोटो हैं, जिसके मुंह जुबानी बोलते चेहरे हैं, जिसके रोते-बिलखते आंसू हैं! पूरी दुनिया ने, भारत के लोगों ने जब ऑक्सीजन की कमी से फड़फड़ाते लोगों को देखा है

सरकार का संसद में बड़ा ऐलान, 1 जनवरी 2022 से बैन हो जाएंगे प्लास्टिक के ये सामान..

सरकार का संसद में बड़ा ऐलान, 1 जनवरी 2022 से बैन हो जाएंगे प्लास्टिक के ये सामान..

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

संसद में देववाणी, मन की बात!

modi man ki baat : आंकड़े बोलते हुए हैं। मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं जोड़ रहा हूं। पिछले सात सालों में मोदी राज में खूब कानून बने। लेकिन कितनों पर संसदीय, सेलेक्ट कमेटी में विचार हुआ? कितनों पर संसद में लंबी लाइव बहस हुई? कितनी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण हुए? अक्टूबर 2020 में छपी एक रिपोर्ट का आंकड़ा है कि छह सालों में प्रधानमंत्री मोदी 22 दफा बोले। इतना कम दो साल प्रधानमंत्री रहने वाले एचड़ी देवगौड़ा का आंक़ड़ा है। ठीक विपरीत छह वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 77 दफा बोले। जिन डॉ. मनमोहन सिंह को नरेंद्र मोदी ने सन् 2012 में मौनमोहन सिंह कहा था उन्होंने दस साल के अपने कार्यकाल में 48 दफा बोला। यह आश्चर्य की बात हो सकती है क्योंकि इतने भाषण देने वाले नरेंद्र मोदी संसद में क्यों इतना कम बोलते हुए? इसलिए कि संसद में बोलना टोका-टोकी, बहसबाजी के बीच होता है। विषय विशेष पर सच बोलना या बताना होता है? जनसभा में भाषण, रेडियो-टीवी पर ‘मन की बात’ या संबोधन में क्योंकि बस बोलना और सुनाना है तो वह एकतरफा संवाद हुआ। भाषण किया, हेडलाइन बन गई और बात खत्म। लेकिन संसद में बोलना जी का जंजाल… Continue reading संसद में देववाणी, मन की बात!

कृषि कानून क्यों नहीं बदल रही सरकार?

changing the agriculture law : केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन शुरू होने के बाद संसद का दूसर सत्र शुरू होने वाला है। किसानों के साथ सरकार ने आखिरी बार 22 जनवरी को बात की थी। उसके बाद किसानों से बात करने और आंदोलन खत्म कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। सरकार की ओर से बार बार कहा जा रहा है कि कानूनों को रद्द करने के अलावा बाकी हर मुद्दे पर वह किसानों से बात करने को तैयार है। अब तो किसानों के हितैषी और विपक्ष के महत्वपूर्ण नेता शरद पवार ने भी कह दिया है कि कानून पूरी तरह से रद्द करने की जरूरत नहीं है, बल्कि जिन प्रावधानों से किसानों को आपत्ति है उन्हें बदला जाए। यह भी पढ़ें: राजद्रोह-कानूनः लोकतंत्र का कलंक तभी सवाल है कि केंद्र सरकार इन कानूनों को बदलने की पहल क्यों नहीं कर रही है? सरकार ने किसानों के साथ आखिरी बार बातचीत से पहले कुछ बदलावों पर सहमति जताई थी। तीनों कानूनों को मिला कर कोई एक दर्जन प्रावधान थे, जिन्हें बदलने को सरकार तैयार थी। सरकार ने खुद कहा था कि वह कांट्रैक्ट पर खेती की मंजूरी देने वाले कानून में अदालत… Continue reading कृषि कानून क्यों नहीं बदल रही सरकार?

संसद सत्र के दौरान किसान करेंगे प्रदर्शन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बनाए कृषि कानूनों के विरोध में सात महीने से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे किसानों ने संसद सत्र के दौरान प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को दिल्ली और हरियाणा की सीमा पर बैठक की। इस बैठक में फैसला किया गया कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान आंदोलनकारी संसद भवन पर प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा 19 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र से दो दिन पहले 17 जुलाई को सभी विपक्षी दलों के सांसदों को चेतावनी पत्र देकर संसद में चुप्पी तोड़ने या कुर्सी छोड़ने की मांग की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता और न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर कानून बनाने की बात नहीं होती, तब तक विपक्षी सांसद संसद न चलने दें। यह भी कहा गया कि 22 जुलाई से लगातार बार्डर से आंदोलनकारी संसद मार्ग पर जाकर प्रदर्शन करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया कि इसी तरह आठ जुलाई को देश भर में पेट्रोल, डीजल व गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हाईवे के किनारे 10 से 12 बजे तक गाड़ियों, गैस सिलेंडर के… Continue reading संसद सत्र के दौरान किसान करेंगे प्रदर्शन

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