सरदार परमजीत, वाह

वाह! इसे संयोग ही कहे या कुछ औरजो सिखों, पंजाब व अकाली दल से मेरा शुरु से ही बहुत जुड़ाव रहा है। जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था तब उसे लगातार कवर किया। दुर्दांत आतंकवादियों से अपने संबंध रहे।