जान से बड़ा कुछ भी नहीं

आपने भी सुना होगा अच्छा सोचो, शुभ-शुभ सोचो, पॉजिटिव बनो! बकौल मोहन भागवत…. जो चले गए वो एक तरह से मुक्त हो गए,….ये जीवन मरण का चक्र चलता रहता है, जैसे मनु्ष्य मैले और पुराने कपड़े त्याग कर नए कपड़े बदलता है, वैसे पुराना शरीर छोड़ कर नया शरीर धारण करके आता है….हम अपने मन… Continue reading जान से बड़ा कुछ भी नहीं