आरक्षण का आधार बदल डालें

मुझे खुशी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने उसी बात पर मुहर लगा दी, जिसे मैं पिछले 30 साल से अकेला कहता चला आ रहा हूं। देश में किसी नेता या पार्टी की हिम्मत नहीं है कि वह आरक्षण का विरोध करे।

खोटा सिक्का निकले अजित पवार

हूँ-ब-हूँ कर्नाटक दोहराया गया। कर्नाटक में भी सुप्रीमकोर्ट ने ऐसे ही बी.एस.येद्दियुरप्पा को 24 घंटे में बहुमत साबित करने को कहा था। कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटें हैं और भाजपा को 104 सीटें मिलीं थी , बहुमत के लिए सिर्फ 8 विधायक चाहिए थे। खरीद-फरोख्त की बहुत कोशिश हुई , कांग्रेस-जेडीएस के कुछ विधायक मुम्बई भेजे भी गए।

बहुमत का फैसला 30 से पहले नहीं

शनिवार रात को सुप्रीमकोर्ट की दहलीज पर जाने और रविवार को अदालत खुलवाने वाली शिवसेना को सोमवार को भी कोई राहत नहीं मिली। मंगलवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी , ऐसा लगता है कि कोर्ट 30 नवम्बर तक ही बहुमत साबित करने के लिए कहेगी।

लूली-लंगड़ी सूचना का अधिकार

सूचना के अधिकार पर सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है, उसकी इतनी वाहवाही क्यों हो रही है, मुझे समझ में नहीं आया। यह ठीक है कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले पर मुहर लगाई और यह कहा कि अब देश की सबसे बड़ी अदालत और उसके मुख्य न्यायाधीश भी ‘सूचना के अधिकार’… Continue reading लूली-लंगड़ी सूचना का अधिकार