न्यायिक व्याख्या पर नजर

जब कभी कोई साहसी फैसला आता है, तो उस पर न सिर्फ ध्यान जाता है, बल्कि उससे न्यायपालिका का वो स्मरणीय दौर भी याद हो आता है। ऐसा ही इस हफ्ते हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया के अधिकारों के संदर्भ में राजद्रोह कानून की समीक्षा करेगा। न्यायपालिका… Continue reading न्यायिक व्याख्या पर नजर