सारे फसाने में जिसका जिक्र न था!

फैज अहमद फैज की जिस नज्म पर इन दिनों भारत में बहस छिड़ी है और इक्का दुक्का  समझदार लोगों के अलावा तमाम अर्जी-फर्जी, अपढ़-कुपढ़ ‘विशेषज्ञ’ जिसकी व्याख्या कर रहे हैं उसके ऊपर फैज का ही एक शेर बड़ा मौजूं ठहरता है- वो बात सारे फसाने में जिसका जिक्र न था, वो बात उनको बहुत नागवार… Continue reading सारे फसाने में जिसका जिक्र न था!