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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से कोई फायदा नहीं

अमेरिका में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल  से कोई फायदा मिलता नहीं दिख रहा है।

मलेरिया की दवा से इलाज नुकसानदेह!

नई दिल्ली। मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। इस दवा को कोरोना के इलाज में मददगार बताए जाने पर एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि लैब से मिले कुछ आंकड़ों से पता चलता है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोविड-19 के संक्रमण में कुछ असर हो सकता है, लेकिन यह बात पुख्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोरोना वायरस के नजदीक संपर्क में रहे लोगों के लिए कुछ मददगार हो सकती है, लेकिन यह सभी के इलाज के लिए नहीं है। इससे हृदय से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। यह धड़कनों पर असर डाल सकती है। गुलेरिया नेकहा- दूसरी दवाओं की तरह इसके भी साइड इफेक्ट्स हैं। यह आम लोगों के लिए फायदे से ज्यादा नुकसानदेह हो सकती है।

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की पहली खेप अमेरिका पहुंची

भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की एक खेप शनिवार को अमेरिका पहुंची, जिसे कोविड-19 के उपचार के लिए संभावित दवा के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका को तो जरूर दवा देनी है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और खुद व्हाइट हाउस की प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन मांगी है।

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