कुछ को अपनी पहचान से नफरत क्यों?

गत 30 दिसंबर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बहुसंख्यक मुसलमानों की भीड़ ने अल्पसंख्यक हिंदुओं के एक प्राचीन मंदिर को ध्वस्त करके जला दिया। इस प्रकार के जमींदोज का यह भारतीय उपमहाद्वीप में कोई पहला मामला नहीं था

पाकिस्तान में प्रगति

पाकिस्तान से इन दिनों सुखद आश्चर्य वाली खबरें आ रही हैं। एक हिंदू मंदिर तोड़ने की घटना के बाद जिस तरह पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर पुनर्निर्माण कराने का आदेश दिया और उसे वहां की सरकार ने स्वीकार किया, वह हैरतअंगेज ही है।

उल्टे टंगे जिन्ना के सपने

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वाह प्रांत में एक कृष्ण मंदिर को भीड़ ने ढहा दिया। उस भीड़ को भड़काया मौलाना मोहम्मद शरीफ ने, जिसका कहना था कि किसी मुस्लिम देश में मंदिरों को ढहाना तो पुण्य-कर्म है। ‘

अबू धाबी हिंदू मंदिर में ऑनलाइन ‘सत्संग’

अबू धाबी। कोरोनावायरस महामारी के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में धार्मिक सभाओं को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच अबू धाबी में एक हिंदू मंदिर हर शुक्रवार शाम साप्ताहिक ‘सत्संग सभा’ का एक वेबकास्ट आयोजित कर रहा है। शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रयास लोगों को शांत… Continue reading अबू धाबी हिंदू मंदिर में ऑनलाइन ‘सत्संग’

हिंदू मंदिर का मुस्लिम पुजारी

कर्नाटक से चमत्कारी खबर आई है। एक हिंदू मंदिर में एक मुसलमान पुजारी को नियुक्त किया गया है। यह मठ लिंगायत संप्रदाय का है। कर्नाटक में दलितों के बाद लिंगायतों की संख्या सबसे ज्यादा है। कर्नाटक के कई बड़े नेता जैसे बी.डी. जत्ती, निजलिंगप्पा, बोम्मई, येदियुरप्पा आदि लिंगायत ही हैं।