अंधे हैं लेकिन पता नहीं अंधे हैं!

भारत की समस्या हिंदू हैं। हिंदू की समस्या बुद्धि है। बुद्धि की समस्या गुलामी से बनी प्रवृत्तियां हैं। हिंदू की प्रवृत्तियां, उसका चेतन-अचेतन-अवचेतन का वह मनोभाव है

भारत में मुसलमानों पर जुल्म ?

कल रात लंदन के एक वेबिनार में मैंने भाग लिया। उसमें चर्चा का विषय कश्मीर था और भाग लेनेवालों में दोनों तरफ के कश्मीरी और पाकिस्तानी सज्जन भी थे।

यह मामला हिंदू-मुसलमान का नहीं

जमाते-तबलीगी का दोष बिल्कुल साफ-साफ है लेकिन इसे हिंदू-मुसलमान का मामला बनाना बिल्कुल अनुचित है। जिन दिनों दिल्ली में तबलीग का जमावड़ा हो रहा था, उन्हीं दिनों पटना, हरिद्वार, मथुरा तथा कई अन्य स्थानों पर हिंदुओं ने भी धार्मिक त्यौहारों के नाम पर हजारों लोगों की भीड़ जमा कर रखी थी।

सांप्रदायिक उन्माद फैलाना क्या है, दिल्ली-अधीश?

आज अखबार में पूरा पेज विज्ञापन देख कर साहिर लुधियानवी का “तुम को सब मुआफ, जुल्म हो कि लूट / तुम कहो तो सच, हम कहें तो झूठ …” याद आया। विज्ञापन दिल्ली विधान सभा की किसी कमेटी का है। इस में ‘साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने’ के विरुद्ध लोगों से शिकायत करने कहा गया है। उस… Continue reading सांप्रदायिक उन्माद फैलाना क्या है, दिल्ली-अधीश?

राष्ट्र की, हमारी बदरंग नियति

राष्ट्र, कौम, सभ्यता बनाम व्यक्ति की मौत में यों फर्क हुआ करता है। वैसे हम हिंदू पुनर्जन्म में विश्वास रखते हैं और हमारी सभ्यता सनातनी है बावजूद इसके इतिहास की दास्तां में हिंदू का बतौर राष्ट्र, कौम जीना मर-मर कर जीते हुए जीना है। हम स्थायी बदरंगी इतिहास, सनातनी बदरंग अस्तित्व का श्राप लिए हुए… Continue reading राष्ट्र की, हमारी बदरंग नियति

हिंदू बना रहे मस्जिद

भारत के कुछ हिंदू और मुस्लिम नेता दोनों संप्रदायों की राजनीति जमकर कर रहे हैं लेकिन देश के ज्यादातर हिंदू और मुसलमानों का रवैया क्या है ? अदभुत है। उसकी मिसाल दुनिया में कहीं और मिलना मुश्किल है। कुछ दिन पहले मैंने तीन लेख लिखे थे। एक में बताया गया था कि वाराणसी में संस्कृत… Continue reading हिंदू बना रहे मस्जिद

नीलकंठ की अनुपस्थिति के बावजूद

कल, महाशिवरात्रि पर मैं इंदौर में था। शहर के जिस हिस्से में हमारा पारिवारिक बसेरा है, उसके पूरब में मुस्लिम बस्ती है, पश्चिम में चिड़ियाघर है, उत्तर में बड़े सरकारी नौकरशाहों के बंगले हैं और दक्षिण में एक छोटा-सा मंदिर है। इस चोहद्दी के बीच, पता नहीं कितने प्राचीन एक बरगद के बगल में, कोई… Continue reading नीलकंठ की अनुपस्थिति के बावजूद

सामयिक और प्रासंगिक चेतावनी

आज जो माहौल है, उसमें जस्टिस चंद्रचूड़ की टिप्पणियों का बहुचर्चित हो जाना असामान्य नहीं है। मगर जस्टिस चंद्रचूड़ ने ऐसा कुछ नहीं कहा, जो असामान्य हो। इसीलिए कई हलकों से सवाल उठाया गया कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों में जस्टिस चंद्रचूड़ के ये विचार और उनकी भावनाएं क्यों जाहिर नहीं हुई हैं? सुप्रीम… Continue reading सामयिक और प्रासंगिक चेतावनी

कसाब को दिखाना था हिंदू आंतकी

मुंबई। मुंबई पुलिस के चर्चित अधिकारी रहे राकेश मारिया ने नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि हमले की साजिश करने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा ने ऐसी योजना बनाई थी ताकि मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को एक हिंदू के तौर पर… Continue reading कसाब को दिखाना था हिंदू आंतकी

हिंदू कौन है ?

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी. वाय. चंद्रचूड़ ने गुजरात राष्ट्रीय विवि विध्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को चुना अपनी बात कहने के लिए। देश का नेतृत्व आज गुजराती भाइयों के हाथ में हैं। उनका नाम लिए बिना चंद्रचूड़ ने उन्हें ही संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यदि इसमें एक भाषा,… Continue reading हिंदू कौन है ?

मुसलमानों से सीधे संवाद का समय

भारत की अधिकांश विकट समस्याएं हिन्दू-मुस्लिम संबंधों से जुड़ी रही हैं। खलीफत आंदोलन से शुरू होकर, सांप्रदायिक दंगे, देश-विभाजन, कश्मीर, पाकिस्तान से चार युद्ध, जिहादी आतंकवाद, सेक्यूलर-सांप्रदायिक विवाद, अयोध्या-काशी-मथुरा पर अतिक्रमण, अल्पसंख्यक तुष्टीकरण से लेकर अभी चल रहे नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध, हर समस्या की मूल फाँस वहीं है। लेकिन जिसे यथावत् छोड़कर सारी… Continue reading मुसलमानों से सीधे संवाद का समय

जातिवाद का खात्मा कैसे हो?

अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ढाई लाख रु. का अनुदान देती है याने यह पैसा उनको मिलता है, जो अनुसूचित जाति या वर्ग के वर या वधू से शादी करते हैं लेकिन खुद होते हैं, सामान्य वर्ग के ! सामान्य का अर्थ यहां ऊंची जाति ही है। याने ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य… Continue reading जातिवाद का खात्मा कैसे हो?

सरकार को ‘लव जिहाद’ के बारे में पता नहीं

नई दिल्ली। ‘लव जिहाद’ को लेकर भले भारतीय जनता पार्टी के नेता और दूसरे संगठन शोर मचाते रहे हैं पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कहा है कि उसकी जानकारी में ‘लव जिहाद’ का कोई मामला नहीं आया है। इतना ही नहीं सरकार ने मंगलवार को संसद में यह भी कहा कि ‘लव… Continue reading सरकार को ‘लव जिहाद’ के बारे में पता नहीं

धरना सेकुलर तो विरोध से ध्रुवीकरण कैसे?

शाहीन बाग़ के धरने से हिन्दू विरोधी सेकुलर जमात बहुत गदगद थी। इस जमात का वह सपना भी पूरा हो गया था कि शाहीन बाग जैसे धरने देश के हर शहर में हो| अब मुम्बई, लखनऊ, भोपाल, जयपुर आदि जगहों पर भी धरने शुरू हो गए हैं| शाहीन बाग़ धरने के आयोजक शरजिल इमाम गिरफ्तारी… Continue reading धरना सेकुलर तो विरोध से ध्रुवीकरण कैसे?

लव-जिहाद कितना सच और कितना फसाना?

गत दिनों कैथोलिक बिशप की सर्वोच्च संस्था ‘द सायनॉड ऑफ साइरो-मालाबार चर्च’ ने केरल में योजनाबद्ध तरीके से ईसाई युवतियों के मतांतरण का मुद्दा उठाया। लगभग उसी कालांतर में पाकिस्तान स्थित सिंध में तीन और नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण, जिसमें एक का मतांतरण के बाद जबरन निकाह कर दिया गया।

समस्या का पुर्नजन्म और विकास

द्रह अगस्त 1947 के बाद हिंदु बनाम मुसलमान की दुश्मनी का एक फलक भारत और पाकिस्तान में रिश्ते हंै।

हिंदू उड़ा और मुसलमान पिंजरे में!

नंबर एक मसला, हिंदू-मुस्लिम-2: बूझें-सोचें आप कि सन 1947 में आजादी के बाद भारत का क्या आइडिया था? वह क्या विचार, क्या संकल्प था, जो नागरिकों के लिए था या जिसमें लोगों को ढलना था? भारत को बनना था? अपनी राय में पहला, मूल विचार यह बोध था कि अब हम आजाद हैं। मैं अब… Continue reading हिंदू उड़ा और मुसलमान पिंजरे में!

मंदिर निर्माण में हर हिंदू करेगा सहयोग : दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण शासकीय कोष से नहीं होना चाहिए।

नागरिकता कानून पर राज्यों की पोजिशनिंग

नागरिकता कानून के विरोध में राज्यों में पार्टियां और उनकी सरकारें जबरदस्ती पोजिशनिंग करने में लगी हैं। वे अपने समर्थकों खास कर अल्पसंख्यकों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही हैं। ऐसा ही एक प्रयास केरल में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने किया है।

मुस्लिम देश 57, हिन्दू 1 भी नहीं?

लगता है कि भारत के अनेक प्रभावी बुद्धिजीवी और पत्रकार, विदेशी लोग यहाँ की 80 प्रतिशत जनता के हिन्दू होने, उस की भावना, दुःख और उस पर होते भेद-भाव से निरे अनजान, बेपरवाह हैं। वे भूलकर भी नहीं बताते कि मुस्लिम देशों में रहने वाले हिन्दुओं के साथ क्या बर्ताव होता है। किस तरह पाकिस्तान… Continue reading मुस्लिम देश 57, हिन्दू 1 भी नहीं?

सारे भारतीय हिंदू ही हैं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने आज वही बात खुले-आम कह दी है, जो मैं बरसों से कहता रहा हूं। यह वह बात है, जिस पर मैं गहन चर्चा विगत संघ-प्रमुख गुरु गोलवलकर, देवरसजी, रज्जू भय्या और सुदर्शनजी से भी करता रहा हूं। मोहनजी ने कहा है कि जिसका भी जन्म भारत में… Continue reading सारे भारतीय हिंदू ही हैं

भागवत के बयान से अठावले सहमत नहीं

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है। उन्होंने बुधवार को कहा था कि संघ भारत की 130 करोड़ आबादी को हिंदू समाज के रूप में मानता है, चाहे उनका धर्म और संस्कृति कुछ भी हो। केंद्र सरकार में शामिल आरपीआई के नेता रामदास… Continue reading भागवत के बयान से अठावले सहमत नहीं

कांग्रेस की धारणा बदलवाने की कोशिश

कांग्रेस पार्टी संशोधित नागरिकता कानून और संभावित एनआरसी को लेकर भाजपा और मीडिया के बनाए नैरेटिव को बदलने का प्रयास कर रही है। सीएए और एनआरसी को लेकर ऐसी धारणा बनी है, जैसे यह हिंदू-मुस्लिम का मामला है।

‘पाकिस्तानी हिंदुओं व सिखों को भारतीय नागरिकता नहीं चाहिए’

कराची। पाकिस्तान के हिंदू व सिख समुदाय ने भारत द्वारा अपने एक कानून के तहत उन्हें दी जाने वाली नागरिकता के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। सुत्रों के मुताबिक यह दावा किया गया है। भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेने… Continue reading ‘पाकिस्तानी हिंदुओं व सिखों को भारतीय नागरिकता नहीं चाहिए’

मोदी-शाह बना रहे 2024 की पिच

सौ टका सिर्फ और सिर्फ हिंदू बनाम मुस्लिम भावनाओं का खेल। एक वक्त ऐसा दंगों से हुआ करता था अब राष्ट्र-राज्य के हर मुद्दे, नैरेटिव में संस्थागत तौर पर पंचवर्षीय योजना के अंदाज में इस मैसेजिंग से हो रहा है कि मुसलमान को किस-किस तरह से हैंडल करना है!

नागरिकता कानून वोट नुस्खा?

नागरिकता कानून में बदलाव क्या भाजपा के लिए चुनाव जीतने का रामबाण नुस्खा होगा? भाजपा के नेता ऐसा ही मान रहे हैं। उनको लग रहा है कि इससे हिंदू और मुसलमान का मुद्दा मुख्यधारा का मुख्य मुद्दा बनेगा। सामाजिक विभाजन बढ़ेगा, जिससे अंततः ध्रुवीकरण होगा और भाजपा को फायदा होगा।

भाजपा का घोषणापत्र फिर से पढ़ने का समय

नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद भाजपा का एक और पुराना एजेंडा पूरा हो गया है। ध्यान रहे भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ दोनों कहते रहे हैं कि सारी दुनिया के हिंदुओं की मातृ भूमि, पितृ भूमि और पुण्य भूमि भारत है।

हिंदू महासभा की भी अयोध्या पर याचिका

नई दिल्ली। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सोमवार को हिंदू पक्ष की तरफ से पहली पुनर्विचार याचिका दाखिल हुई। अखिल भारतीय हिंदू महासभा की तरफ से वकील विष्णु शंकर जैन ने यह याचिका दायर की। याचिका में मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने का विरोध किया गया… Continue reading हिंदू महासभा की भी अयोध्या पर याचिका

जड़ कारण है भूख, भय और मंद बुद्धि!

नामुमकिन, असाध्य सा है भारत और भारत की भीड़, हिंदुओं के दिमाग को समझ सकना! जितनी कोशिश करेंगे उलझते और भटकते जाएंगे! हमें अपनी सुध नहीं है और दुनिया ने जैसे हमें समझा हुआ है उसका हमें भान नहीं है! सोचें, विदेशियों की निगाह में हम हिंदू क्या अर्थ लिए हुए थे या हैं?

हिंदू व मुस्लिमः दोनों जीत गए

अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, उससे मैं बहुत प्रसन्न हूं। पहली बात तो यह कि यह फैसला सर्वसम्मति से आया है और फिर बड़ी बात यह कि देश के हिंदुओं और मुसलमानों के सम्मान की रक्षा करता है।