Corona Update : चार लाख के करीब मौतें, तीन महीने में दो लाख से ज्यादा मौत

Corona Update Close to four lakh deaths : नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण मरने वालों की संख्या भारत में चार लाख के करीब ( Corona Update Close to four lakh deaths ) पहुंच गई है। भारत से पहले अमेरिका और ब्राजील में चार लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। दुनिया में सबसे ज्यादा छह लाख 20 हजार के करीब मौतें अमेरिका में हुई हैं। ब्राजील में कोरोना वायरस के संक्रमण से पांच लाख 16 हजार मौतें हुई हैं। भारत में बुधवार को खबर लिखे जाने तक तीन लाख 99 हजार 404 लोगों की मौत हो चुकी थी। इनमें से ज्यादातर मौतें इस साल अप्रैल में कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू होने के बाद हुई है। पिछले तीन महीने में दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। भारत में एक चौथाई से ज्यादा मौतें अकेले महाराष्ट्र में हुई हैं। बुधवार तक महाराष्ट्र में एक लाख 21 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं। राज्य में 60 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका है। महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा 35 हजार लोगों की मौत कर्नाटक में और 32 हजार मरीजों की मौत तमिलनाडु में हुई है। राजधानी दिल्ली में संक्रमण से 25 हजार लोगों… Continue reading Corona Update : चार लाख के करीब मौतें, तीन महीने में दो लाख से ज्यादा मौत

मई की मौत जून में बता रहे हैं राज्य

corona death may june : देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या जिस अनुपात में कम हुई है उस अनुपात में मौतों की संख्या नहीं घटी है। जिन राज्यों में अब दो संक्रमितों की संख्या दो अंकों में आ गई है उनमें से कई राज्यों में मरने वालों की संख्या भी दो अंकों में है। जैसे मध्य प्रदेश में रविवार को सिर्फ 39 नए मरीज मिले लेकिन 21 लोगों की मौत हुई। सोचें, संक्रमितों की संख्या के आधे से ज्यादा संख्या मरने वालों की थी। इसी तरह उत्तर प्रदेश में रविवार को 212 नए केसेज मिले और 75 लोगों की मौत हुई। संक्रमितों की संख्या के लिहाज से देखें तो मृत्यु दर 33 फीसदी से ज्यादा है। हरियाणा में 115 मरीज मिले और 17 मरीजों की मौत हुई है। यह भी पढ़ें: सरकार वैक्सीन का अपना कोटा बढ़ाए इसी तरह महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या 10 हजार से नीचे आ गई है लेकिन मरने वालों की संख्या चार से पांच सौ के बीच है। रविवार को भी 405 मरीजों की मौत हुई। उससे पहले कई दिन मरने वालों की संख्या पांच सौ से ऊपर थी। सवाल है कि संक्रमितों की संख्या कम होने के बावजूद मरने वालों की संख्या… Continue reading मई की मौत जून में बता रहे हैं राज्य

Corona update 2nd wave  : खत्म नहीं हुई है दूसरी लहर, ICMR ने किया आगाह

Corona update 2nd wave : नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में लगातार आ रही कमी के बीच केंद्र सरकार ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि वायरस की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। अब भी देश में हर दिन 50 हजार के करीब नए केस मिल रहे हैं। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने शुक्रवार को देश के लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अभी दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि लेकिन अच्छी बात ये है कि कोवीशील्ड और कोवैक्सीन अब तक सभी वैरिएंट के ऊपर कारगर सिद्ध हुए हैं। डॉ. भागर्व ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी 12 देशों में मौजूद है। भारत में अब तक 11 राज्यों में इसके 50 मामलों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी इस पर रिसर्च जारी है। डॉ. भार्गव ने कहा- अब तक के वैरिएंट- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के आधार पर ही डेल्टा प्लस के लिए वैक्सीन के कारगर की पहचान की जा रही है। इसके परिणाम अगले सात से 10 दिनों में मिल… Continue reading Corona update 2nd wave : खत्म नहीं हुई है दूसरी लहर, ICMR ने किया आगाह

Corona update India : छह लाख से कम हुए एक्टिव केस

Corona update India नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के एक्टिव केसेज की संख्या घट कर छह लाख से नीचे आ गई है। मार्च के आखिरी हफ्ते में देश में एक्टिव केसेज की संख्या बढ़ कर छह लाख पहुंची थी। आंकड़ों के मुताबिक 85 दिन के बाद देश में एक्टिव केसेज की संख्या घट कर छह लाख से नीचे आई है। पिछले एक हफ्ते से हर दिन 12 से 13 हजार एक्टिव केस हर दिन कम हो रहे हैं। देश में पूर्वोत्तर के दो-तीन राज्यों को छोड़ दें ज्यादातर राज्यों में हर दिन मिलने वाले केसेज की संख्या के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। देश में सबसे बेहतर तरीके से कोरोना वायरस की महामारी का प्रबंधन करने वाले केरल में बड़ी संख्या में आ रहे कोरोना के केसेज चिंता की बात हैं। शुक्रवार को केरल में ठीक होने वाले मरीजों के मुकाबले पांच सौ ज्यादा नए मरीज मिले। मरने वालों की संख्या भी वहां लगातार एक सौ से ऊपर बनी हुई है। राज्य में एक दिन की कमी के बाद एक्टिव केसेज की संख्या फिर से एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। केरल के अलावा महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी एक्टिव केसेज की संख्या एक… Continue reading Corona update India : छह लाख से कम हुए एक्टिव केस

Rahul Gandhi ने केंद्र से पूछे तीन सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने पिछले दिनों कोरोना वायरस की महामारी के ऊपर अपनी पार्टी की ओर से एक श्वेत पत्र जारी किया था। अब उन्होंने केंद्र सरकार से तीन सवाल पूछे हैं। उन्होंने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर सरकार से सवाल पूछा है। उन्होंने ट्विटर के जरिए सरकार से जानना चाहा है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर सरकार के पास क्या योजना है। राहुल ने इस वैरिएंट के ऊपर वैक्सीन के असर के बारे में भी जानकारी मांगी है। यह भी पढ़ें: समस्याएं सुलझ नहीं, बढ़ रही हैं! डेल्टा प्लस वेरिएंट पर मोदी सरकार से प्रश्न- – इसकी जाँच व रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टेस्टिंग क्यों नहीं हो रही? – वैक्सीन इसपर कितनी प्रभावशाली हैं व पूरी जानकारी कब मिलेगी? – तीसरी लहर में इसे नियंत्रित करने का क्या प्लान है? — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 25, 2021 राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने शुक्रवार को ट्विट करके कहा- डेल्टा प्लस वैरिएंट पर मोदी सरकार से प्रश्न- इसकी जांच व रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टेस्टिंग क्यों नहीं हो रही? वैक्सीन इस पर कितनी प्रभावशाली हैं व पूरी जानकारी कब मिलेगी? तीसरी लहर में… Continue reading Rahul Gandhi ने केंद्र से पूछे तीन सवाल

Corona Update: Delta Plus वैरिएंट का खतरा बढ़ा, इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में

Corona Update Delta Plus : नई दिल्ली। कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट का देश में खतरा बढ़ रहा है। इस वैरिएंट के 40 केस अब तक देश में मिल चुके हैं और इस वैरिएंट से संक्रमित एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित हुई एक महिला की मौत मध्य प्रदेश में हुई है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पहली मौत की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि महिला को टीका नहीं लगा था। उज्जैन के कलेक्टर ने बताया है कि मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें से तीन भोपाल में और दो उज्जैन में हैं। इनमें से एक महिला की मौत हो गई है और चार लोग इलाज से ठीक हो गए हैं। गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर डेल्टा वैरिएंट की वजह से आई थी और अब यह वायरस रूप बदल कर डेल्टा प्लस के रूप में सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। केंद्र सरकार के मुताबिक, देश में इसके अब तक 40 मामले रिकार्ड किए गए हैं। इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा… Continue reading Corona Update: Delta Plus वैरिएंट का खतरा बढ़ा, इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में

Corona Update : 22 राज्यों में हालात काबू में, अगले महीने संभव तीसरी लहर

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर देश के ज्यादातर राज्यों में काबू पा लिया गया है। देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पांच सौ से कम केसेज आए हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में शनिवार को सिर्फ 257 नए केसेज आए। राज्य में एक्टिव केसेज की संख्या घट कर पांच हजार से नीचे आ गई है। देश में अब सिर्फ 10 राज्य ही ऐसे हैं, जहां एक्टिव मरीजों की संख्या 10 हजार से ज्यादा है। इनमें से पांच राज्य- तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दक्षिण भारत के हैं। इनके अलावा पूर्वोत्तर के पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और असम में एक्टिव केसेज की संख्या 10 हजार से ज्यादा है और महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ में भी 10 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। जम्मू कश्मीर और मणिपुर में एक्टिव केसेज की संख्या नौ हजार से ऊपर है। देश भर में एक्टिव मरीजों की संख्या घट कर सात लाख पहुंच गई है। अब देश में सिर्फ तीन ही राज्य हैं, जहां एक लाख से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं। इनमें भी एक या दो दिन में केरल में एक्टिव केसेज की संख्या एक लाख से नीचे पहुंच जाएगी। उसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक ही बचेंगे,… Continue reading Corona Update : 22 राज्यों में हालात काबू में, अगले महीने संभव तीसरी लहर

Corona Update: पूर्वोत्तर में बढ़ रहा है कोरोना,  14 जिलों में  संक्रमण दर 25 फीसदी से ज्यादा

नई दिल्ली। Corona Update increasing Infection : कोरोना वायरस की पहली लहर में लगभग सुरक्षित रहे पूर्वोत्तर के राज्यों में दूसरी लहर तेजी से फैल रहा है और एक तरफ जहां देश भर में वायरस का संक्रमण कम हो रहा है तो पूर्वोत्तर के राज्यों में संक्रमण की दर बढ़ रही है। मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम और नगालैंड उन चुनिंदा राज्यों में से हैं, जहां अब भी नए संक्रमितों की संख्या ठीक हो रहे मरीजों से ज्यादा है। देश के 14 जिले ऐसे हैं, जहां संक्रमण की दर 25 फीसदी से ज्यादा है। इन 14 में से नौ जिले पूर्वोत्तर के चार राज्यों में हैं। अरुणाचल प्रदेश के चार जिले ऐसे हैं, जहां संक्रमण की दर 25 फीसदी से ऊपर है। इसके अलावा मेघालय और मणिपुर के दो-दो और नगालैंड के एक जिले में संक्रमण की दर 25 फीसदी से ऊपर है। Corona Update increasing Infection :  पूर्वोत्तर के अलावा ओड़िशा के भद्रक जिले में भी संक्रमण की दर 25 फीसदी से ज्यादा है। राजस्थान में वायरस पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है लेकिन इसके चार जिलों में भी संक्रमण की दर काफी ऊंची है। असल में देश के 114 जिले ऐसे हैं, जहां अब भी संक्रमण… Continue reading Corona Update: पूर्वोत्तर में बढ़ रहा है कोरोना, 14 जिलों में संक्रमण दर 25 फीसदी से ज्यादा

डेल्टा वैरिएंट है ‘चिंताजनक’ :अमेरिका

वाशिंगटन। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यानी सीडीसी ने भारत में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा वैरिएंट को ‘चिंताजनक’ बताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुएचओ ने पहले ही इस वैरिएंट को चिंताजनक बता दिया था। सीडीसी ने एक बयान में कहा है- अमेरिका में पाए जा रहे वायरस के स्वरूप बी.1.1.7 यानी अल्फा, बी.1.351 यानी बीटा, पी.1 यानी गामा, बी.1.427 यानी एप्सिलन, बी.1.429 यानी एप्सिलन और बी.1.617.2 यानी डेल्टा चिंता का विषय हैं। अमेरिका में अब तक ऐसा कोई वैरिएंट नहीं है, जिसका प्रभाव बहुत अधिक हो। सीडीसी ने अपने बयान में कहा है कि डेल्टा स्वरूप में तेजी से फैलने की क्षमता है। गौरतलब है कि वायरस के किसी भी वैरिएंट को चिंताजनक तब बताया जाता है जब वैज्ञानिक मानते हैं कि वह अधिक संक्रामक है और गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। चिंताजनक स्वरूप की पहचान करने वाली जांच, उपचार और टीके भी इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं। इससे पहले सीडीसी ने डेल्टा वैरिएंट के बारे में कहा था कि इस स्वरूप के बारे में और अनुसंधान की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 10 मई को डेल्टा को चिंताजनक स्वरूप बताया था। सीडीसी के अनुमान के मुताबिक, पांच… Continue reading डेल्टा वैरिएंट है ‘चिंताजनक’ :अमेरिका

लड़ते हैं बाहर जाके ये शेख ओ बिरहमन . . .

ऐसे उदाहरणों की भरमार है जहां कृत्रिम बनाया हुआ हिंदू–मुसलमान का विभाजन जरा भी नहीं चला। हिंदू मृतक को श्मशान ले जाने के लिए परिवार वाले नहीं आए तो पड़ोसी मुसलमानों ने अपना कंधा दिया। हिंदू संस्कारों के हिसाब से मृतक का अंतिम संस्कार किया। उधर मुसलमान का अस्पताल में दम अटका था कि कोई उसके कान में कलमा सुना दे तो वह इत्मीनान से आंखें मूंद ले तो हिंदू डाक्टर ने उसके कान में कलमा पढ़ दिया। संघ भी काम संघ मुसलमानों के साथ मिलकर करता है, बस हिंदूओं को बेवकूफ बनाता है कि मुसलमानों ऐसे होते हैं, वैसे होते हैं! यह ज्ञान अयोध्या और फैजाबाद के हिंदू-मुसलमान दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने पर हुआ। राम मंदिर के जमीन खरीद घोटाले पर हुई बातों के दौरान एक दोस्त की टिप्पणी सबसे मजेदार थी की हिंदू मुसलमान के बिना मिले इस देश में कुछ नहीं हो सकता। न अच्छा काम न बुरा काम! सही बात है। एक गलत काम के जरिए सही संदेश। घोटाला हमारा राष्ट्रीय चरित्र है। मगर इसमें दो बातें खास हैं। एक राम मंदिर में भी घोटाला दूसरे मुसलमान के साथ मिलकर। मुसलमान के साथ मिलकर देश निर्माण का जो अच्छा काम चल रहा था उसे तो… Continue reading लड़ते हैं बाहर जाके ये शेख ओ बिरहमन . . .

लुप्त होती संवेदनाएं, छीजते जीवन मूल्य

कोरोना की दूसरी लहर के बीच जीवनरक्षक दवाइयों-उपकरणों और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी के कारण हमारी पूरी दुनिया में थू-थू हुई। रेमडेसिवीर दवा की मुँहमाँगी कीमत वसूली गई, निजी अस्पतालों में जीवन-मृत्यु से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों का भयावह आर्थिक शोषण किया गया। किसी भी समाज एवं राष्ट्र की वास्तविक परीक्षा युद्ध या संकट-काल में ही होती है। विपदाएँ केवल चुनौतियाँ लेकर ही नहीं आतीं, बल्कि एक समाज एवं राष्ट्र के रूप में वह हमारी सोच-सामर्थ्य-संभावनाओं-संवेदनाओं को भी वैश्विक निकष पर कसती-तौलती हैं। पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर के दौरान संपूर्ण विश्व ने हमारी धीरता, गंभीरता, कुशलता एवं संवेदनशीलता को देखा, परखा और सराहा। तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों के जिम्मेदार एवं कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारियों-कर्मचारियों ने अग्रिम पंक्ति के योद्धा की भूमिका निभाई। चिकित्सकों से लेकर स्वास्थ्य-सेवा में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों, पुलिसकर्मियों, मीडियाकर्मियों, बैंक के कर्मचारियों आदि ने सेवा एवं कर्त्तव्यपरायणता की अद्भुत मिसाल पेश की। समाज के संपन्न एवं सरोकरधर्मी लोगों द्वारा किए जा रहे परोपकारी कार्यों की चारों दिशाओं में सराहना हुई। केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रयासों की भी प्रशंसा हुई। विभिन्न सरकारों ने सावधानी एवं सतर्कता बरतते हुए ऐहतियातन अनेक कदम उठाए और जनसाधारण ने भी कमोवेश उनका समर्थन किया। गत वर्ष ऐसा… Continue reading लुप्त होती संवेदनाएं, छीजते जीवन मूल्य

अब कितनी होगी तैयारी?

आशंका यह है कि तीसरी लहर आई, तब भी उससे बचाव की तैयारियां आधी-अधूरी ही रहेंगी। स्वास्थ्यकर्मियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बदस्तूर जारी रहेगी। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को लेकर समय-समय पर इसे लेकर हाय-तौबा मचती है, लेकिन फिर बातें पृष्ठभूमि में चली जाती हैं। कोरोना की दूसरी लहर अभी थमी नहीं है। इस बीच तीसरी लहर को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि देश में चिकित्सा तैयारियों को अब पुख्ता किया जा रहा है। बल्कि इस दिशा में कोई हल होने के संकेत नहीं है। आशंका यह है कि अगर तीसरी लहर आई, तब भी उससे बचाव की तैयारियां आधी-अधूरी ही रहेंगी। डॉक्टरों, पारामेडिकल स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बदस्तूर जारी रहेगी। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को लेकर समय-समय पर इसे लेकर हाय-तौबा मचती है, जैसा कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान देखने को मिला। लेकिन लहर कमजोर पड़ते ही वे बातें अब पृष्ठभूमि में चली गई हैं। नतीजा है कि असल हालत में कोई खास परिवर्तन नहीं आ रहा है। प्रश्न है कि आखिर इस देश में हेल्थ वर्करों की इतनी कमी क्यों है? फिर जितने भी डॉक्टर मौजूद हैं, क्या उन्हें पर्याप्त… Continue reading अब कितनी होगी तैयारी?

Corona New Variant ‘Delta Plus’: कोरोना का नया वेरियंट आया सामने, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

दिल्ली | Corona New Variant ‘Delta Plus’ : दुनिया में महामारी फैलाकर लाखों लोगों की जान लेने वाला आजतक का सबसे खतरनाक कोरोना वायरस अपना रूप बदलने में भी माहिर है। दुनिया के कई देशों में अलग-अलग रूप बदलकर इस वायरस ने तहलका मचाया है। भारत में भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरियंट को (Delta Plus) जिम्मेदार बताया गया है। लेकिन वैज्ञानिकों ने फिर से एक खुलासा करते हुए बताया है कि कोरोना के इस डेल्टा वायरस (Delta Virus) ने एक बार फिर से रूप बदल लिया है। हर बार की तरह वायरस का नया वेरियंट और खतरनाक रूप लेकर सामने आ रहा है। डेल्टा के इस नए वेरियंट का नाम ‘डेल्टा प्लस’ या ‘एवाई 1’ है। ये भी पढ़ें:- जब मुंह का बिगड़ने लगे स्वाद, तो हो जाए सावधान, इस गंभीर बीमारी के हो सकते हैं लक्षण हालांकि, वैज्ञानिकों ने माना है कि भारत में इसे लेकर चिंतित होने की कोई बात नहीं है क्योंकि देश में अब इसके बेहद कम मामले हैं। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि ये ‘डेल्टा प्लस’ वेरियंट, वायरस के डेल्टा या बी1.617.2 प्रकार में उत्परिवर्तन होने से बना है जिसकी पहचान पहली बार भारत में हुई थी और यह… Continue reading Corona New Variant ‘Delta Plus’: कोरोना का नया वेरियंट आया सामने, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

सच सामने आता ही है

कोर्ट की पहल पर बनी कमेटियों को मौतों का सही आकलन करने का काम दिया गया। इन्हीं समितियों की रिपोर्ट को अब जारी किया गया है। सवाल है कि क्या ऐसा प्रयास सारे देश में नहीं होना चाहिए? ये बात आखिर सरकारों को कब समझ में आएगी कि सच देर सबेर सामने आ ही जाता है? तो अब बिहार में ये सरकार ने भी मान लिया कि कोरोना काल में मौतों के आंकड़े वहां दबाए गए। वहां मृतकों की संख्या में अब आधिकारिक रूप से बढ़ोतरी कर दी गई है। अब सूरत यह है कि पहले गलत आंकड़ों के सहारे कोरोना से 0.76 प्रतिशत मौत के साथ बिहार देश में 16वें स्थान पर था। बीते हफ्ते संशोधित आंकड़ों के मुताबिक राज्य में मौत की दर 1.07 फीसद हो गई है। अब तक यहां कोरोना महामारी से 9,375 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पहले सात जून तक 5424 लोगों की मौत बताई जा रही थी। आंकड़ो में संशोधन का तात्पर्य यह है कि 72.84 प्रतिशत मौतों से राज्य सरकार अनजान थी या जानबूझ कर अनजान बनी हुई थी। ये जो बिहार की कहानी है, वह सारे देश की है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कुछ गुजराती और हिंदी… Continue reading सच सामने आता ही है

कोरोनाः भारत की बदनामी?

‘न्यूयार्क टाइम्स’ ऐसी बेसिर-पैर की खबर छाप सकता है, इसका विश्वास मुझे नहीं होता। उसमें 12 विशेषज्ञों के हवाले से यह छापा है कि भारत में पिछले साल भर में कोरोना से लगभग 42 लाख लोगों की मौत हुई है और 70 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित या बीमार हुए हैं। क्या भारत के हर दूसरे आदमी को कोरोना हुआ है? यह आंकड़ा कितना बनावटी है, इसका अंदाज आप इसी से लगा सकते हैं कि यह सर्वेक्षण करनेवा लों में पहले समूह ने माना है कि 40 करोड़ लोग संक्रमित हुए और सिर्फ 6 लाख लोग मरे। यह भी पढ़ें: स्वतंत्रताः बताने की या छिपाने की? इसी सर्वेक्षण के दूसरे समूह ने कहा कि 53 करोड़ रोगी हुए और 16 लाख मरे। अब आप ही बताइए किसे सच मानें ? कहाँ 6 लाख और कहाँ 42 लाख ? इन डाक्टरों ने छलांग भी छोटी-मोटी नहीं लगाई। वे पूरे सात गुनी ऊँचाई पर उछल पड़े। इतनी ऊँची छलांग तो कोई भांग खाकर ही लगा सकता है। वह जान-बूझकर भी लगाई जा सकती है। यह भी पढ़ें: सरकार और किसान बात करें ‘न्यूयार्क टाइम्स’ अमेरिका का सबसे बड़ा अखबार है। यह यहूदियों का अखबार है। उसे भारत से यह शिकायत हो सकती… Continue reading कोरोनाः भारत की बदनामी?

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