तवलीन सिंह की मायूसी

पत्रकार और स्तंभकार तवलीन सिंह को भरोसा था कि चूंकि उन्होंने पिछले पांच साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है, इसलिए उनकी गुजारिश अनसुनी नहीं हो सकती। मगर ऐसा ही हुआ। इस पर तवलीन सिंह निराश हैं और ये निराशा उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर जताई है।