जलवायु परिवर्तन की गहरी मार

भारत के बड़े शहर जलवायु परिवर्तन की गहरी मार झेल रहे हैं। अति वृष्टि से बाढ़ जैसी हालत बनने या जल की कमी की समस्या लगभग हर शहर में है।

भला नागरिकों की “गैर-जिम्मेदारी” क्यों?

दमघोंटू वायु-प्रदूषण के कारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एक आदेश जारी करते हुए देशभर में 30 नवंबर तक पटाखे जलाने और उसके विक्रय पर रोक लगाई थी।

यूपी के 13 जिलों में पटाखे जलाने पर लगी रोक

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे स्मॉग और वायु प्रदूषण को देखते हुए राज्य सरकार ने लखनऊ व वाराणसी सहित 13 जिलों में आतिशबाजी पर रोक लगा दी है।

चुनौती वायु स्वच्छ करने की

दिल्ली और आसपास की हवा फिर बिगड़ चुकी है। यानी लॉकडाउन के समय जो लाभ हुआ था, वह अब गायब हो चुका है। वजह पराली जलाना मानी गई है। बहरहाल, कारण चाहे जो हो, असल मुद्दा है कि अपने लोगों को साफ-सुथरी हवा में रखने में अपना देश फिलहाल नाकाम है। दुखद यह है कि औद्योगिक रूप से अधिक विकसित और अधिक आबादी वाले चीन की तुलना में भी भारत की स्थिति बदतर है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर (सोगा)–2020 रिपोर्ट से सामने आया है कि वायु प्रदूषण से होने वाली सालाना मौतों में चीन और भारत अव्वल देश हैं। दुनिया में होने वाली उन कुल मौतों में इन दोनों देशों का हिस्सा 58 फीसदी है। चीन में पिछले साल करीब 14.2 लाख लोगों की मौत के पीछे वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारी एक वजह थी, वहीं भारत में इन मौतों का आंकड़ा 9.80 लाख रहा। मगर रिपोर्ट से ये भी साफ है कि सबसे अधिक मौतों के बावजूद प्रदूषण से लड़ने में चीन भारत की तुलना में बेहतर स्थिति में है। जानकार चीन में अधिक मौतों के पीछे वहां की बुजुर्ग आबादी को वजह मानते हैं। सोगा की रिपोर्ट में 30 सर्वाधिक प्रदूषित देशों में के बीच भारत नंबर एक… Continue reading चुनौती वायु स्वच्छ करने की

पराली नहीं अपनी किस्मत खाक कर रहे हैं आप

धान की कटाई शुरू हो चुकी है। रबी के सीजन में आम तौर पर कंबाइन से धान काटने के बाद प्रमुख फसल गेंहू की समय से बोआई के लिए पराली (डंठल) जलाना आम बात है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सरकार का महाअभियान

दिल्ली सरकार, दिल्ली में प्रदूषण पैदा करने वाली सभी गतिविधियों के खिलाफ 5 अक्टूबर से चौतरफा महाअभियान शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली में पराली को गलाने

हाई-ब्लडप्रेशर, हाईपरटेंशन में वायु प्रदूषण का योगदान : शोध

उत्तर भारत के एक बड़े क्षेत्रीय हिस्से के लिए वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है। वहीं बीते साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में स्वास्थ्य आपातकाल लगा दिया गया था।

बहुत जानलेवा है वायु प्रदूषण

कई अध्ययनों ने यह दिखाया गया है कि कोरोना महामारी उन लोगों के लिए अधिक जानलेवा है, जो वायु प्रदूषण का शिकार हैं। वायु प्रदूषण मनुष्य की प्रतिरक्षण क्षमता को कम कर देता है, जो कई बीमारियों और असमय मौत की वजह बनता है।

लॉकडाउन ने दी वायु प्रदूषण से दिल्ली एनसीआर को राहत

कोरोना संकट के कारण पिछले एक महीने से लागू बंदी (लॉकडाउन) देश के उन 17 महानगरों के लिये वरदान साबित हुई है जो पिछले कुछ सालों से वायु प्रदूषण से सर्वाधिक प्रभावित थे।

प्रदूषण कम करने के लिए हरियाणा, पंजाब तक जाएगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने को प्राथमिकता देगी। गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण को लेकर एक अहम बैठक हुई। दिल्ली का वायु प्रदूषण एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। देश के सर्वोच्च न्यायलय को भी दिल्ली की जहरीली हवा पर टिप्पणी करनी पड़ी है। यहीं कारण है कि अब तीसरी बार सत्ता में आए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने को अपनी सरकार की बड़ी योजनाओं में शामिल किया है। दिल्ली सरकार के नए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राजधानी में प्रदूषण की समस्या पर गुरुवार को उच्च अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रदूषण को कम करने और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, प्रदूषण में कमी लाना केजरीवाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों और उनके समाधान हासिल करके प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण कम करने का मुद्दा आम आदमी पार्टी के चुनावी वादे में शामिल है। इसे केजरीवाल गारंटी कार्ड में शामिल किया गया है। यह खबर भी पढ़ें:- जेएनयू मामला: कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगी रपट… Continue reading प्रदूषण कम करने के लिए हरियाणा, पंजाब तक जाएगी दिल्ली सरकार

विश्व में होने वाली मौतों का वायु प्रदूषण पांचवा बड़ा कारण : रिपोर्ट

विश्व में होने वाली माैताें में सबसे बड़ा पांचवा कारण वायु प्रदूषण है और यह कुपोषण तथा शराब से होने वाली मौतों के आंकडे को भी पार कर गया है।

बेतुकेपन पर आक्रोश वाजिब

नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री बेतुकी बात करें, अब इसमें कोई हैरत नहीं होती। लेकिन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हाल में जो कहा, उस पर लोगों में हिकारत के बजाय आक्रोश ज्यादा पैदा हुआ। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पर आपत्ति जताई है।

ईपेलेटर की शुद्धवायु के साथ भागीदार

नई दिल्ली। वायु प्रदूषण के खतरे से निपटने में मदद के उद्देश्य से ऑनलाइन वित्त उपलब्ध कराने वाली कंपनी ईपेलेटर ने शुद्धवायु टेक्नोलॉजीज के साथ अपनी तरह की पहली साझेदारी की है। कंपनी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि शुद्धवायु ऐसे एयर प्यूरीफायर बनाता है, जिन्हें सार्वजनिक परिवहन में उपयोग किया जा सकता है। ये उपकरण चलते वाहन की गतिज ऊर्जा का इस्तेमाल करके हवा को साफ करते हैं। एक कार के 100 किलोमीटर चलने से वह 20 मंजिला इमारत के बराबर एयर वॉल्यूम को पूरी तरह से साफ कर सकती है। अगर सभी सार्वजनिक क्षेत्र के परिवहनों में इसका उपयोग करना शुरू कर दिया जाए, तो पूरे शहर में हवा की गुणवत्ता सुधर सकती है। ईपेलेटर ने इस उद्देश्य का समर्थन करने का फैसला लिया है। ईपेलेटर कुछ प्यूरिफायर को प्रायोजित करेगा जो वाहनों पर लगाए जाएंगे। स छत्तीसगढ़ जे के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि अनुपूरक बजट महत्वपूर्ण होता है और इसकी चर्चा में विपक्ष को भाग लेना चाहिए।

स्वच्छ हवा प्रदान नहीं करने पर लोगों को मुआवजा दिया जाए : सुप्रीम कोर्ट

देश में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया

संसद में फिर हुई प्रदूषण पर चर्चा

संसद के शीतकालीन सत्र में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को पर्यावरण और प्रदूषण के मसले पर चर्चा हुई। शुक्रवार को दोनों सदनों में प्लास्टिक के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।

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