इस गांव के एक ग्वाले को माता ने दिये थे दर्शन, पिंड स्वरूप में विराजमान है मां

कानपुर से करीब 40 किमी दूर स्थित घाटमपुर तहसील में मां कुष्मांडा को 1000 साल पुराना मंदिर है. इस मंदिर की नींव 1380 में राजा घाटमपुर दर्शन ने रखी थी. मंदिर के एक चबूतरे में मां की लेटी हुई मुर्ति स्थापित है. 1890 में घाटमपुर के एक कारोबारी चंदीदीन भुर्जी ने मंदिर का निर्माण करवाया… Continue reading इस गांव के एक ग्वाले को माता ने दिये थे दर्शन, पिंड स्वरूप में विराजमान है मां

चैत्र नवरात्र 2021 : मां कुष्मांडा ने देत्यों के विनाश करने के लिए लिया अवतार

नवरात्री के चोथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। कुष्मांडा देवी मां दुर्गा का चौथा रूप है। अपनी मंद हंसी के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से अभिहित किया गया है।इस दिन मां कूष्मांडा की उपासना से आयु, यश, बल, और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।… Continue reading चैत्र नवरात्र 2021 : मां कुष्मांडा ने देत्यों के विनाश करने के लिए लिया अवतार