कश्मीर में अब क्या होगा ?

कश्मीर की छह प्रमुख पार्टियों ने कल यह तय किया कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जो हैसियत 5 अगस्त 2019 के पहले थी, उसकी वापसी के लिए वे मिलकर संघर्ष करेंगे। इस संघर्ष का निर्णय 4 अगस्त 2020 को हुआ था, जिसे गुपकार घोषणा कहा जाता है।

कश्मीर के विपक्षी एजेंडे से भाजपा की मदद

जम्मू कश्मीर में विपक्षी पार्टियां एकजुट होने लगी हैं। फारूक अब्दुल्ला ने जेल से रिहा होने के तुरंत बाद अपने गुपकर रोड स्थिति आवास पर सभी विपक्षी पार्टियों के साथ बैठक की थी। इसे गुपकर समूह कहा जा रहा है और गुपकर प्रस्ताव के नाम से राजनीतिक एजेंडा भी तय हुआ है

ठगे गए कश्मीरी पंडित?

कश्मीर और कश्मीरी पंडित भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा चुनावी मुद्दा रहे। मगर उसके छह साल के शासन में कम-से-कम कश्मीरी पंडितों की हालत तो नहीं बदली। इसलिए वे आज खुद को ठगा महसूस करते हैं।

एक साल बाद श्रीनगर में हुई पीडीपी की पहली बैठक

पिछले वर्ष पांच अगस्त को केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित

बिहार में 370 और मंदिर का मुद्दा!

भारतीय जनता पार्टी ने भले ऐलान किया है कि बिहार में नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा और वे मुख्यमंत्री के दावेदार हैं पर असल में भाजपा के अपने उम्मीदवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम, चेहरे और काम पर चुनाव लड़ेंगे।

सन 2022-23 में चुनाव सब हों साथ!

हां,वक्त यदि वायरस का है तो क्योंकर बिहार में विधानसभा चुनाव हो? वायरस की हकीकत, जान-माल की बरबादी में आगामी सभी विधानसभा चुनाव टलने चाहिए। कोई फर्क नहीं पड़ेगा यदि विधानसभा के कार्यकाल के खत्म होने के बाद प्रदेशों में राष्ट्रपति शासन लगे।

कश्मीर की साझा लड़ाई कहां पहुंचेगी?

जम्मू कश्मीर में एक साझा लड़ाई की तैयारी हो रही है। राज्य की छह राजनीतिक पार्टियां एक साथ आई हैं और उन्होंने एक संकल्प पारित किया है। इसमें जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई है और साथ ही यह भी मांग की गई है कि अनुच्छेद 370 बहाल किया जाए।

अनुच्छेद 370 की पूर्व स्थिति बहाल करने की मांग : विहिप

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के विरुद्ध कुछ राजनीतिक दलों द्वारा संयुक्त घोषणा पत्र जारी करने को देश की जनभावना के विरूद्ध कार्य करार दिया।

कश्मीरी नेताओं से सीधा संवाद जरुरी

जम्मू-कश्मीर की छह प्रमुख पार्टियों ने एक बैठक में यह मांग की है कि धारा 370 और 35 को वापस लाया जाए और जम्मू-कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा दिया जाए। जो नेता अभी तक नजरबंद हैं, उनको भी रिहा किया जाए।

कश्मीर के दर्जे पर नहीं बोले पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने भाषण में जम्मू कश्मीर का जम कर जिक्र किया था क्योंकि स्वतंत्रता दिवस से दस दिन पहले ही उनकी सरकार ने राज्य का विशेष दर्जा खत्म किया था

कश्मीर के छात्र कैसे पढ़ें?

कश्मीर में भी 20 हजार से ज्यादा केस हैं। ऐसे में 4 जी इंटरनेट पर रोक कश्मीरी छात्रों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रही है। कश्मीरी छात्र पहले भी राजनीतिक अशांति, कर्फ्यू और प्रतिबंधों की मार झेलते रहे हैं।

कश्मीर में बहाल होगी 4जी सेवा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने की वजह से चल रहे अवमानना के मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि जल्दी ही राज्य में 4जी सेवा शुरू की जाएगी।

भाजपा चुनावी वादे पूरा कर रही है

यह बड़ा सनातन सा और भारतीय राजनीति में यक्ष प्रश्न जैसा है कि अगर कोई पार्टी अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करती है तो क्या उसके लिए उसकी आलोचना हो सकती है?

त्रासद है यह नया भारत

इतिहास रचने वालों को अपने खाते में वह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करनी होती है जो न केवल एक विरासत के रूप देखी जाती है, बल्कि इतिहास को भी नए सिरे से परिभाषित करती है।

इमरान ने फिर अलापा राग-कश्मीर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर कश्मीर राग अलापा है। इस बार उन्होंने इस काम के लिए 5 अगस्त का दिन चुना है, क्योंकि पिछले साल 5 अगस्त को ही भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर की विशेष हैसियत खत्म की थी और उसे दो हिस्सों में बांटकर केंद्र प्रशासित क्षेत्र बना दिया था।

अयोध्या से आगे अब क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला सवा साल भारतीय जनसंघ और भाजपा की ओर से किए गए गए वादों को पूरा करने का समय रहा। जनसंघ और भाजपा ने मुख्य रूप से तीन वादे किए थे। पहला और सबसे पुराना वादा अनुच्छेद 370 खत्म करने का था, जो जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय ने किया था।

क्या बिना स्टैट्स बदले कश्मीर में चुनाव?

अगले महीने पहले हफ्ते में जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म हुए एक साल हो जाएंगे।

कब तक दामाद बना रहेगा कश्मीर !

कश्मीर क्या है, यह समझ पाना आसान नहीं है और कश्मीर की समस्या कैसे सुलझाए यह यक्ष प्रश्न है।  साल पहले संविधान के अनुच्छेद 370 को निप्षप्रभावी करते हुए एक साहसी कदम उठाया गया था।

भारत अब कमजोर देश नहीं रहा : राजनाथ

लद्दाख सीमा पर चीन के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय गौरव के साथ कभी समझौता नहीं करेगा।

मोदी-वर्ष पर कोरोना के बादल

मोदी सरकार की दूसरी पारी का पहला साल पूरा हुआ लेकिन यह वैसा नहीं मनाया गया, जैसा कि हर साल उसकी वर्षगांठ मनाई जाती है।

सरकार के एक साल पर तारीफ, बधाई

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा और इस दौरान उत्पन्न चुनौतियों का निर्णायक एवं समय पर लिये फैसलों के माध्यम से सामना किया गया।

370 हटने के बाद हुईं आतंकवाद की 79 घटनाएं : रेड्डी

सरकार ने मंगलवार को कहा कि पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विशेष दर्जे वाला प्रावधान खत्म किए जाने के बाद आतंकवाद की कुल 79 घटनाएं हुई हैं।

फारुक अब्दुल्ला की रिहाई

कश्मीर के सवाल पर इधर कुछ अच्छी घटनाएं हो रही हैं। शेख अब्दुल्ला के बेटे और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारुक अब्दुल्ला की नजरबंदी से रिहाई और जम्मू-कश्मीर की अपनी पार्टी के नेताओं की नरेंद्र मोदी और अमित शाह से हुई भेंटों से एक नए अध्याय का सूत्रपात हो रहा है। फारुक अब्दुल्ला के अलावा… Continue reading फारुक अब्दुल्ला की रिहाई

मोदी के दूसरे कार्यकाल का क्या स्वरूप बना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने में अभी तीन महीने हैं। अगले महीने से सरकार एक साल पूरे होने के जश्न की तैयारियों में लगेगी और मंत्रालयों के रिपोर्ट कार्ड जारी होने लगेंगे।

370 मामला बड़ी पीठ को भेजने से इनकार

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान खत्म करने के केन्द्र के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंपने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ… Continue reading 370 मामला बड़ी पीठ को भेजने से इनकार

370 के कारण योजनाओं का लाभ नहीं मिला : नायडू

उप राष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण जम्मू-कश्मीर के लोगों को कल्याणकारी कार्यक्रमों

पाक की मंशा पर पानी

कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब की प्रतिक्रिया शुरुआत से नरम है। भारत इसका लाभ उठा सकता था, लेकिन इसकी कोई गंभीर कोशिश हुई, उसके संकेत नहीं हैं। बहरहाल, यह साफ है कि पाकिस्तान की मंशाएं सऊदी अरब ने पूरी नहीं होने दी है। इसका यह भी मतलब है कि कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय जगत में… Continue reading पाक की मंशा पर पानी

पाक को कश्मीर पर करारा झटका

इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से बौखलाये और विश्व के विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे पर पटखनी खाने के बाद पाकिस्तान को अब सऊदी अरब ने जोरदार झटका दिया है। पाकिस्तान कश्मीर के मसले को इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की बैठक में जम्मू-कश्मीर… Continue reading पाक को कश्मीर पर करारा झटका

370 हटने के बाद सुरक्षाबलों की शहादत में 73 प्रतिशत कमी

नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद 32 आतंकवादियों को मार गिराया गया है और 10 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षाबलों के वीरगति पाने के आंकड़ों में 73 प्रतिशत तक की कमी आई है। गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को… Continue reading 370 हटने के बाद सुरक्षाबलों की शहादत में 73 प्रतिशत कमी

कश्मीर में विभिन्न नेताओं के हिरासत के छह माह पूरे

केंद्र सरकार की ओर से गत वर्ष पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने के साथ ही घाटी में हिरासत में लिये गये