केजरीवाल के सामने अनेक चुनौतियां

अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनमें और प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी में कई समानताएं हैं।

ईश्वर के लिए अमित शाह सोचें!

अंतर्मन से उन सभी से प्रार्थना है, जिन्होंने हिंदू की चिंता में अपने आपको राजनीति में, देश-राष्ट्र-राज्य के सरोकारों में समर्पित किया हुआ है।

आप के दफ्तर में जब बनी बैचेनी!

अरविंद केजरीवाल और उनके साथी ग्यारह फरवरी 2020 का दिन शायद ही कभी भूल पाएं। और शायद केजरीवाल को चाहने वाले, उनके समर्थक कार्यकर्ता भी नहीं। जीत और खुशी का आप दफ्तर का मंगलवार का माहौल दिल्ली के राजनैतिक दफ्तरों के हालिया अनुभवों में अलग था। सन् 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा मुख्यालय में रिकार्ड जीत का जश्न भारी था लेकिन आप के दफ्तर में आज जीत-हार के साथ कार्यकर्ताओ-समर्थकों-नौजवानों ने जिस स्वंयस्फूर्तता, खुशी, बैचेनी, भरोसेमें मतगणना को लिया और जाहिर किया उसे इस राजनैतिक पार्टी पहचान, नई शुरूआत में भी देखा जा सकता है। सुबह, मतगणना की शुरुआत में आप के दफ्तर में भीड़ सामान्य थी। पार्टी दफ्तर के लॉन के एक कोनेमें खड़ा सौमेंद्र धाकट टीवी की बड़ी स्क्रीन पर बार-बार बुदबुदाते हुए नजरे गढ़ाए खड़ा था। टीवी पर आप की बढ़त की पट्टी आती तो वह खुशी, निश्चितता के साथ मुस्कराता, खुशी जाहिर करता। मतगणना के आंकड़े बढ़ने लगे। कोई साढ़े दस बजे टीवी स्क्रीन पर पट्टियों ने खाई पलटी। अचानक सीटों की बढ़त में भाजपा की संख्या बीस से ऊपर बढ़ने लगी तो सोमेंद्र और उसके अगल-बगल के साथी का मूड भी पलटा। सौमेंद्र बैचेनी से बुदबुदाया। लगा वह आंखे बंद कर मौन प्रार्थना… Continue reading आप के दफ्तर में जब बनी बैचेनी!

नए प्रधानमंत्री की दस्तक

दिल्ली के चुनाव में भाजपा की हार देश में नयी राजनीति की शुरुआत कर सकती है। मुझे 2013 के गुजरात विधानसभा के चुनाव की याद आ रही है। जब उसके चुनाव परिणाम घोषित हो रहे थे तो मुझे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पांच-छह टीवी चैनलों ने घेर लिया। वे पूछने लगे कि मोदी की 5-10 सीटें कम हो रही हैं, फिर भी आप कह रहे हैं कि गुजरात का यह मुख्यमंत्री अब प्रधानमंत्री के द्वार पर दस्तक देगा। यही बात आज मैं अरविंद केजरीवाल के बारे में कहूं, ऐसा मेरा मन कहता है। आप पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में पाच-छह सीटें कम मिलें तो भी उसका प्रचंड बहुमत है। यह प्रचंड बहुमत याने 70 में से 60 सीटों से भी ज्यादा तब है, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने दिल्ली प्रदेश के इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, अपनी पूरी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी थी। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने चुनाव-प्रचार के दौरान अपना स्तर जितना नीचे गिराया, उतना गिरता हुआ स्तर मैंने 65-70 साल में कभी नहीं देखा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को मैं दाद दूंगा कि उन्होंने अपना स्तर ऊंचा ही रखा। अपनी मर्यादा गिरने नहीं दी। भाजपा ने… Continue reading नए प्रधानमंत्री की दस्तक

केजरीवाल मॉडल पर दिल्ली की मुहर

राजनीति के नरेंद्र मोदी मॉडल पर देश की मुहर लगी है और अरविंद केजरीवाल के मॉडल पर दिल्ली के लोगों ने मुहर लगा दी है। नरेंद्र मोदी का मॉडल दिल्ली में नहीं चला, केजरीवाल का मॉडल देश में चलेगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी है। पर इतना तय है कि इस मॉडल में लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है। जैसे नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल को लेकर पूरे देश में उत्सुकता थी और उसे प्रत्यक्ष देखने के लिए लोगों ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा को वोट दिया, संभव है कि उसी किस्म की उत्सुकता अब केजरीवाल मॉडल को देखने की हो। पर इसका जवाब वक्त की गर्भ में है कि देश के लोग उस मॉडल को कैसे लेते हैं। फिलहाल दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल मॉडल को उतनी ही मजबूती से स्वीकार किया है, जितनी मजबूती से पिछली बार किया था। इस बार 2015 के मुकाबले सीटें जरूर चार कम हैं पर वोट उतने ही हैं, जितने पिछली बार मिले थे। फिर भी आंकड़ों की बजाय केजरीवाल की दिल्ली की कहानी अगर उनकी सरकार के कामकाज के नजरिए से देखें तो तस्वीर बेहतर ढंग से दिखाई देगी और समझ में भी आएगी। केजरीवाल ने… Continue reading केजरीवाल मॉडल पर दिल्ली की मुहर

अरविंद केजरीवाल का करिश्मा

अरविंद केजरीवाल ने सचमुच चमत्कार कर दिखाया। भारत में आज के माहौल में कोई पार्टी या नेता अपने काम पर वोट मांग कर चुनाव जीते, तो इसे एक सुखद आश्चर्य ही कहा जाएगा।

जन्म हुआ काम की राजनीति का

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में 62 सीटें जीत कर विशाल बहुमत हासिल करने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में एक नई राजनीति का जन्म हुआ है, जिसका नाम है ‘काम की राजनीति’। उन्होंने आप की जीत के बाद मंगलवार को दोपहर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने जीत के लिए दिल्ली के लोगों का आभार भी जताया। बाद में वे कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर तक गए और वहां माथा टेका। ध्यान रहे चुनाव प्रचार के दौरान भी वे हनुमान मंदिर गए थे। केजरीवाल ने कहा- दिल्लीवालों! गजब कर दिया आपने। आई लव यू दिल्ली। ये दिल्ली के हर उस परिवार की जीत है, जिसने मुझे अपना बेटा मान कर हमें जबरदस्त समर्थन दिया। ये उन परिवारों की जीत है, जिनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लगी है, जिनके लोगों का दिल्ली में अस्पतालों में अच्छा इलाज होने लगा है। दिल्ली के लोगों ने आज देश में एक नई राजनीति को जन्म दिया है, जिसका नाम काम की राजनीति है। केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- दिल्ली वालों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वोट उसी को, जो हमारी सुनेगा, जो… Continue reading जन्म हुआ काम की राजनीति का

कांग्रेस का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव इस बार अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है। कांग्रेस इस बार दिल्ली की 70 में से 66 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और चार सीटें बिहार की अपनी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल के लिए छोड़ी थी। अपनी लड़ी 66 में से 63 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। सिर्फ तीन ही उम्मीदवार जमानत बचा पाए। कांग्रेस किसी भी सीट पर दूसरे स्थान पर नहीं रही। उसे चार फीसदी से थोड़ा ज्यादा वोट मिला। शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली में 15 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खोल पाई। पार्टी के तीन सिर्फ उम्मीदवार- गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, बादली से देवेंद्र यादव और कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त ही अपनी जमानत बचा पाए हैं। गौरतलब है कि अगर किसी उम्मीदवार को चुनाव क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का छठा हिस्सा नहीं मिलता है, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। कांग्रेस के ज्यादातर उम्मीदवारों को पांच फीसदी से भी कम वोट मिले हैं। कांग्रेस की ओर से सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बादली के उम्मीदवार देवेंद्र यादव को… Continue reading कांग्रेस का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन

मोदी, नड्डा, राहुल ने दी बधाई!

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ही रूझानों में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलने की खबरों के बाद ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को देश भर से बधाई मिलने लगी। सभी पार्टियों के नेताओं ने केजरीवाल को दिल्ली में मिली भारी भरकम जीत के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित देश के कई मुख्यमंत्रियों और बड़े नेताओं ने केजरीवाल को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल को बधाई देते हुए ट्विट किया- दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के लिए आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल जी को बधाई। मैं दिल्ली के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। केजरीवाल और उनकी पार्टी को बधाई देते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्विट कर कहा- भाजपा को उम्मीद है कि आप सरकार राष्ट्रीय राजधानी के सर्वांगीण विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी की जीत के लिए उन्होंने दिन-रात काम किया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आप की जीत पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बधाई दी। उन्होंने ट्विट कर कहा- श्री केजरीवाल और आप को दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने पर… Continue reading मोदी, नड्डा, राहुल ने दी बधाई!

दिल्ली को नहीं जीता तो क्या जीता!

समझ में नहीं आता कि इसको क्या कहा जाए? जिस नरेंद्र मोदी के जरिए दुनिया के सबसे बड़े मजबूत राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चुनाव में उनकी मदद चाहते हो वहीं मोदी अपने देश पर राज करने के बावजूद उस देश की राजधानी दिल्ली में अपनी सरकार नहीं बना पा रहे हैं। सच कहूं तो उनकी यह स्थिति तो मुझे अक्सर बिना ताज वाले महाराजा सरीखी लगती है। नई दिल्ली पर महाभारत काल से ही सत्तारूढ़ लोगों का काबिज होने का प्रयास रहा है। पांडवों की राजधानी भी दिल्ली इंद्रप्रस्थत थी। फिर मुगलों ने और उसके बाद अंग्रेजो ने इस पर शासन किया। मगर जहां भाजपा की केंद्र में सरकार हैं वहीं देश की राजधानी दिल्ली की सरकार पर आप का कब्जा है। दिल्ली की राजनीति शुरू से कुछ अलग रही है। पहले दिल्ली में विधानसभा नहीं थी व पूरे केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की नई दिल्ली सीट सबसे ज्यादा अंहमियत रखती थी। इतिहास बताता है कि आजादी के बाद देश में पहले लोकसभा चुनाव जब हुए तो इस सीट से सुचेता कुपलानी जीती जोकि पहले अपने आचार्य कृपलानी के साथ कांग्रेस में रह चुकी थी। सुचेता कृपलानी कांग्रेस की जगह अपने पति की पार्टी किसान मजदूर पार्टी… Continue reading दिल्ली को नहीं जीता तो क्या जीता!

और लोड करें