मूंछे हो तो नत्थूलाल जैसी वरना न हों

90 के दशक की चर्चित हिन्दी फिल्म शराबी का मशहूर डायलाग ‘मूंछे हो तो नत्थूलाल जैसी वरना न हो’ ने यहां हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी जब बदलापुर महोत्सव में इसी डायलाग पर आधारित अनूठी प्रतियोगिता में 18 से अधिक मूंछधारियों में हिस्सा लिया।