बहुत नहीं सिर्फ दो कौए थे काले!

यह लाइन कवि भवानीप्रसाद मिश्र की इमरजेंसी के वक्त लिखी कविता की अनुकृति है। कल मैंने महाराष्ट्र की गटर राजनीति पर क्षोभ में लिखा था कि ऐसी गंदी राजनीति उस भाजपा से है, जिसके कभी एक नेता अटलबिहारी वाजपेयी हुआ करते थे।