प्रोफेट मुहम्मद की जीवनी अनुकरणीय नहीं

इस्लामी सीखों में बेढ़ब बातें अपवाद नहीं हैं। उन्हें सारी मानवजाति और ‘सदा के लिए’ एक मात्र ‘अनुकरणीय’ बताया जाता है!