महामारी के बीच सातवें चरण का मतदान आज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस की महामारी के बीच सोमवार को सातवें चरण का मतदान होगा। राज्य के चार जिलों की 26 सीटों पर सुबह सात बजे से वोट डाले जाएंगे। राज्य में छठे चरण के पहले चुनाव आयोग ने रैलियों, रोडशो आदि पर पाबंदी लगा दी थी इसके बावजूद राज्य में कोरोना का कहर जारी है। पश्चिम बंगाल में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से चार उम्मीदवारों की मौत हो चुकी है। उत्तर 24 परगना के खरदह विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार काजल सिन्हा की कोरोना वायरस से मौत हो गई। रविवार को काजल ने कोलकाता के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। उधर कोलकाता की टालीगज सीट से भाजपा के प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो संक्रमित हो गए हैं। उनकी पत्नी की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान कोविड-19 नियमों की जम कर धज्जियां उड़ी थीं। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राज्य की मुख्यमंत्री सहित तमाम नेता लाखों की भीड़ जुटाकर रैलियां, सभा और रोड शो कर रहे थे। इस दौरान संक्रमण बड़े पैमाने पर पूरे राज्य में फैला। इसकी वजह से अब तक चार प्रत्याशियों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से… Continue reading महामारी के बीच सातवें चरण का मतदान आज

बंगाल में हिंसा कब तक?

विरला ही कोई ऐसा भारतीय  होगा जो किसी-न-किसी क्षेत्र में बंगाल की असाधारण प्रतिभा एवं तीक्ष्ण बौद्धिकता से प्रभावित न हुआ हो! पर कैसी विचित्र विडंबना है कि जो बंगाल कला, सिनेमा, संगीत, साहित्य, संस्कृति की समृद्ध विरासत और बौद्धिक श्रेष्ठता के लिए देश ही नहीं पूरी दुनिया में विख्यात रहा हो, वह आज चुनावी हिंसा, अराजकता, रक्तपात के लिए जाना जाने लगा है। शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब वहाँ होने वाली हिंसक राजनीतिक झड़पें अख़बारों की सुर्खियाँ न बनती हों! राज्य विधानसभा के लिए चले रहे चुनाव-प्रचार के दौरान इस बार वहाँ भाषा की मर्यादा का जमकर उल्लंघन हुआ, नैतिकता एवं मनुष्यता को ताक पर रख दिया गया, संसदीय परंपराओं की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गईं, एक-दूसरे पर अनर्गल आरोपों-प्रत्यारोपों की झड़ी लगा दी गई, कोविड-बचाव के दिशानिर्देशों की घनघोर उपेक्षा एवं अवमानना की गई। और सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि सभी पक्षों ने किसी-न-किसी स्तर पर गंभीरता, जिम्मेदारी एवं सरोकारधर्मिता की कमी दर्शाई। ममता बनर्जी और तृणमूल काँग्रेस ने तो सख़्ती किए जाने पर उलटे चुनाव-आयोग एवं केंद्रीय सुरक्षा बल जैसी संस्थाओं की साख़ एवं विश्वसनीयता पर ही सवाल उछाल दिया। वहाँ छिड़ी चुनावी रंजिशों से उठती हिंसक लपटों ने स्त्री-पुरुष-बाल-वृद्ध-जवान किसी को नहीं बख़्शा। 82… Continue reading बंगाल में हिंसा कब तक?

ममता ने मीटिंग का मुद्दा बनाया

पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं और चुनाव के बीच कोई भी पार्टी आम लोगों से जुड़ी बातों का मुद्दा बनाने में पीछे नहीं रह रही है। तभी ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक को मुद्दा बना दिया। ध्यान रहे इस बैठक में ममता बनर्जी को नहीं बुलाया गया था क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार का मानना था कि पश्चिम बंगाल कोरोना से ज्यादा प्रभावित राज्य नहीं है। हालांकि राज्य में हर दिन अब 10 हजार या उससे ज्यादा केसेज आ रहे हैं। राज्य में 26 फरवरी को चुनाव की घोषणा हुई थी उस समय से अभी तक कोरोना के केसेज में ढाई हजार फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को ज्यादा प्रभावित राज्य क्यों नहीं माना यह समझ में नहीं आया। वैसे भी प्रधानमंत्री की बैठक 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से थी। जिन राज्यों में रोज 10 हजार से ज्यादा केसेज आ रहे हैं, ऐसे शीर्ष 10 राज्यों में पश्चिम बंगाल भी है। फिर भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को नहीं बुलाया गया। बाद में ममता बनर्जी ने कहा कि अगर उनको बुलाया जाता… Continue reading ममता ने मीटिंग का मुद्दा बनाया

बंगाल में डेढ़ सौ सीट जीतने का प्रचार

भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में गजब कर रही है। पांच चरण के मतदान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 122 सीट जीतने का दावा किया। पांच चरण तक 180 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें से शाह ने 122 सीट जीतने का दावा किया। अब छह चरण में 223 सीट का चुनाव हो गया तो भाजपा डेढ़ सौ सीट जीतने का प्रचार कर रही है। पार्टी के नेता जो प्रचार कर रहे हैं, उससे आगे बढ़ कर पार्टी ने सोशल मीडिया में कुछ अलग अलग लोगों से प्रचार शुरू कराया है। अपने को स्वतंत्र राजनीतिक विचारक और सैफोलॉजिस्ट के तौर पर पेश कर रहे कुछ लोगों ने छठे चरण के बाद प्रचार किया है कि भाजपा डेढ़ सौ सीट जीत रही है। सबसे पहली बात तो यह है कि चुनाव आयोग ने एक्जिट पोल पर रोक लगाई है। आखिरी चरण के मतदान से पहले किसी तरह से आंकड़ों का प्रोजेक्शन नहीं किया जा सकता है। लेकिन हैरानी की बात है कि कुछ लोग लगातार हर चरण के बाद सीटों का प्रोजेक्शन कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि चुनाव आयोग का रोक लगाने का फैसला सिर्फ टेलीविजन चैनलों या अखबारों के लिए है। यह… Continue reading बंगाल में डेढ़ सौ सीट जीतने का प्रचार

सीटों की ताजा भाजपाई हवाबाजी!

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में पांच चरण में जिन 180 सीटों पर मतदान हुआ है उसमें से भाजपा 122 जीत चुकी है। उनसे पहले चौथे चरण तक 135 सीटों के मतदान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि भाजपा शतक लगा चुकी है। इसका मतलब है कि पांचवें चरण की 45 में से भाजपा अधिकतम 22 सीट जीतने का दावा कर रही है। पहले तीन चरण के मतदान में भाजपा ने बड़े दावे किए थे लेकिन चौथे और पांचवें चरण में भाजपा ने पहले के मुकाबले कम सीटें जीतने का दावा किया। देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों जिस पोजिशन में हैं वहां बैठे नेता का इतना सटीक दावा कई सवाल खड़े करता है। जैसे यह कि आखिर दोनों इतने पक्के तौर पर सीटों की संख्या कैसे बता रहे हैं? अगर सचमुच इतनी ही सीटें आईं तो क्या इससे यह आरोप नहीं लगेगा कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है और इसलिए सरकार को पहले से पता था कि सरकारी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी? यह भी सवाल है कि अगर इतनी सीटें नहीं आती हैं तो क्या झूठे, गलत या भ्रामक दावे… Continue reading सीटों की ताजा भाजपाई हवाबाजी!

ज्यादा बड़ी लड़ाई बंगाल की है!

सब लोग पूछ रहे हैं कि प्रधानमंत्री कोरोना वायरस से लड़ाई पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं? क्यों वे पश्चिम बंगाल की चुनावी लड़ाई को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं? क्यों वे तमाम आलोचनाओं से बेपरवाह पश्चिम बंगाल में रैलियां कर रहे हैं? पिछली बार यानी कोरोना वायरस की पहली लहर के समय प्रधानमंत्री ने खुद कमर कसी थी और कोरोना के खिलाफ जंग की कमान संभाली थी। उन्होंने कई बार टेलीविजन पर आकर देश को संबोधित किया। लोगों को ढाढस बंधाई। ताली-थाली बजवाए और दीये भी जलवाए। जैसा भी हो एक आर्थिक पैकेज भी घोषित कराया। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। इस बार प्रधानमंत्री मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और उससे फुरसत मिलने पर कभी कभार अधिकारियों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों के साथ बैठक कर ले रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री, जिन्होंने पहली लहर में कोरोना संक्रमित होने के बावजूद वायरस के खिलाफ जंग में सक्रिय भूमिका निभाई थी और अस्पतालों तक का दौरा किया था, वे भी इस बार चुनाव प्रचार में ही बिजी हैं। सवाल है कि क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह यह नहीं समझ रहे हैं कि देश के सामने कोरोना वायरस का बहुत… Continue reading ज्यादा बड़ी लड़ाई बंगाल की है!

भाजपा ने जो चाहा, आयोग ने वो किया!

भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती थी कि पश्चिम बंगाल में बचे हुए चार चरणों का या कम से कम आखिरी तीन चरणों का मतदान एक साथ हो। तभी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के मांग करने और बाकी विपक्षी पार्टियों के परोक्ष समर्थन के बावजूद केंद्रीय चुनाव आयोग ने बंगाल में बचे हुए चऱणों का मतदान एक साथ कराने से इनकार कर दिया। चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों की बैठक में दो टूक अंदाज में कह दिया कि मतदान पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक आठ चरण में ही होंगे। असल में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुझाव दिया था कि बचे हुए चरणों का मतदान एक साथ करा लिया जाए। यह अच्छा और तार्किक सुझाव था, जिस पर चुनाव आयोग को खुले दिमाग से विचार करना चाहिए था। पर इसकी बजाय उसने भाजपा की बात सुनी, जिसने एक अजीब सा तर्क दिया कि पहले पांच चरणों में मतदाताओं को जो मौका मिला है वहीं मौका बाकी तीन चरणों में भी मतदाताओं को मिलना चाहिए। सवाल है कि पार्टियां प्रचार करती हैं तो उसमें जनता को क्या मिलता है? नेता प्रचार करते हैं, रैलियां करते हैं, भेड़ियाधसान भीड़ उसमें शामिल… Continue reading भाजपा ने जो चाहा, आयोग ने वो किया!

मतदान के दिन रैलियों पर रोक हो

वैसे तो चुनाव से जुड़े अनेक नियम और आचार संहिता के अनेक मुद्दे हैं, जिनमें बदलाव की सख्त जरूरत है लेकिन मतदान के दिन बड़े नेताओं के रैली करने का मुद्दा ऐसा है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। मतदान के दिन होने वाली रैलियां, रोड शो और चुनाव प्रचार वोटिंग को तो प्रभावित करता ही है साथ स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की संभावना को भी कम करता है। इसके अलावा मतदान के दिन होने वाली रैलियों से हिंसा फैलने की संभावना अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा होती है। पहले भी कई चरण में मतदान होते थे लेकिन मतदान को प्रभावित करने के लिए वोटिंग के दिन रैलियां करने का चलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया। जिस दिन मतदान होता है उस दिन वे अगले चरण के मतदान वाले किसी क्षेत्र में रैली करने पहुंच जाते हैं। जैसे शनिवार यानी 17 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पांचवें चरण का मतदान चल रहा था और उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया। इससे पहले भी तीन चरण के मतदान के दिन उन्होंने रैली की और एक चरण के मतदान के दिन बांग्लादेश में भाषण आदि दिए। उसका भी एक मकसद मतदान को ही प्रभावित करना था।… Continue reading मतदान के दिन रैलियों पर रोक हो

जहरीली और हिंसक होती राजनीति!

लोग चुनाव लड़ने के लिए राजनीति करते हैं। कुछ लोग राजनीति में आते ही चुनाव लड़ जाते हैं लेकिन बहुत से लोग जीवन भर राजनीति करते रह जाते हैं और चुनाव नहीं लड़ पाते। कुछ लोग पहली ही बार चुनाव लड़ कर विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बन जाते हैं और बहुत से लोग अनेक बार चुनाव लड़ कर भी जीत नहीं पाते। चुनाव लड़ना एक साध्य है, जिसका साधन राजनीति है। यानी केंद्रीय तत्व राजनीति है। राजनीति तब भी थी, जब राज्य नहीं थे और वहां भी है, जहां राज्य नहीं है। कारोबार में राजनीति है, नौकरी की जगह पर राजनीति है और यहां तक कि परिवार में, बेहद नजदीकी रिश्तों में भी राजनीति है। इसलिए जब राजनीति घृणा या हिंसा का पर्याय बन जाती है तो वह किसी भी समाज के लिए दुखद स्थिति होती है। राजनीति अच्छी, सच्ची और साफ-सुथरी भी हो सकती है। राज्य की और चुनाव की राजनीति भी संस्कारों के साथ की जा सकती है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राजनीति से उसके संस्कार खत्म हो गए हैं। उसकी अच्छाई खत्म हो गई। राजनीति सचाई से दूर चली गई है। अब राजनीति का मतलब खास कर चुनावी राजनीति का मतलब सिर्फ झूठ… Continue reading जहरीली और हिंसक होती राजनीति!

कांग्रेस और सहयोगियों की आपसी लड़ाई

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां आपस में भी जोर-आजमाइश कर रही हैं। पांचवें चरण में कई सीटों पर कांग्रेस, सीपीएम और इन दोनों की नई सहयोगी इंडियन सेकुलर फ्रंट के उम्मीदवार आमने-सामने लड़ रहे हैं। इस लड़ाई ने कांग्रेस की चिंता बढ़ाई है क्योंकि यह मुकाबला कांग्रेस के पारंपरिक और उसके प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के मजबूत असर वाले इलाके में है। माल्दा और मुर्शिदाबाद के इलाक में कांग्रेस बहुत अच्छे नतीजे की उम्मीद कर रही है पर इन इलाकों में इंडियन सेकुलर फ्रंट और सीपीएम दोनों ने कई सीटों पर कांग्रेस का खेल बिगाड़ा हुआ है। फरक्का, रानीनगर और मुर्शिदाबाद, इन तीन सीटों पर कांग्रेस के मुकाबले इंडियन सेकुलर फ्रंट के नेता पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने अपना उम्मीदवार उतार दिया है। मुस्लिम बहुल इन सीटों पर अब्बास सिद्दीकी अपनी नई पार्टी के लिए अच्छी संभावना देख रहे हैं। इसी तरह नोवडा सीट पर कांग्रेस के मुकाबले सीपीएम ने एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दिया है। इससे नाराज होकर कांग्रेस ने शमशेरगंज सीट पर सीपीएम के मुकाबले अपना उम्मीदवार उतारा है। इन पांच सीटों पर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की आपसी जोर-आजमाइश का असर आसपास की कई सीटों पर पड़ रहा है। हालांकि कोई पक्के… Continue reading कांग्रेस और सहयोगियों की आपसी लड़ाई

सिर्फ ममता गलत बाकि दूध के धुले

कहते हैं कि इंसान गलतियों का पुतला होता है। सबसे गलतियां होती हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल के चुनाव ने यह साबित किया है कि सिर्फ ममता बनर्जी गलतियों का पुतला हैं बाकी सब दूध के धुले हैं। देश की सारी एजेंसियां, सारे नेता, मंत्री, अधिकारी सब ममता की गलतियां पकड़ने में लगे हैं और हैरानी की बात है कि सब कोई न कोई गलती खोज ले रहे हैं। प्रधानमंत्री के हाथ तो ममता बनर्जी की कुछ ज्यादा ही गलतियां लग रही हैं। तभी हर सभा में वे ममता की गलती बताते हैं, उन्हें धिक्कारते हैं और लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करते हैं। गृह मंत्री अलग गलतियां निकाल रहे हैं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलग, आईटी सेल के प्रमुख अलग तो देश का चुनाव आयोग अलग यहां तक कि कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के नेता भी ममता की गलतियां निकालने में लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस की एक उम्मीदवार सुजाता मंडल ने किसी सभा में अनुसूचित जाति के लोगों को कथित तौर पर भिखारी कहा। इस पर प्रधानमंत्री दावा रहे हैं कि उस उम्मीदवार ने यह बात ममता बनर्जी से पूछे बगैर नहीं कही होगी और इस आधार पर प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी को दलित विरोधी और भीमराव… Continue reading सिर्फ ममता गलत बाकि दूध के धुले

चुनाव आयोग के खिलाफ ममता ने दिया धरना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव प्रचार करने पर 24 घंटे की पाबंदी लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मंगलवार को कोलकाता में महात्मा गांधी की मूर्ति के आगे धरना दिया। ममता बनर्जी दोपहर 12 बजे धरना शुरू किया और तीन घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। उनकी पार्टी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से लगाई गई पाबंदी की सीमा रात आठ बजे खत्म हो गई, जिसके बाद उन्होंने दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया। बरासात में चुनावी रैली में ममता ने केंद्र पर जम कर निशाना साधा और कहा कि भाजपा को हार दिख रही है इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। इस बीच ममता बनर्जी के धरने का समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने समर्थन किया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए ट्विटर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगवाना दरअसल चुनाव हारती हुई भाजपा की हताशा का प्रतीक है। उन्होंने कहा- सपा ममता बनर्जी जी के धरने में सांकेतिक रूप से साथ है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि श्मशान-कब्रिस्तान के धार्मिक बंटवारे के बयान देने वालों पर भी निष्पक्ष चुनाव… Continue reading चुनाव आयोग के खिलाफ ममता ने दिया धरना

शुभेंदु अधिकारी कहां चले गए?

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ओर से सबसे ज्यादा प्रचार जिस नेता का हुआ वे शुभेंदु अधिकारी हैं। लेकिन अब किसी को पता नहीं चल रहा है कि वे और उनका परिवार कहां है। तीसरे चरण में उनकी नंदीग्राम सीट पर मतदान हुआ था। उसके अगले दिन से ही उनका अता-पता नहीं है। हो सकता है कि वे स्थानीय स्तर पर कहीं प्रचार के काम में लगे हों, लेकिन अब राष्ट्रीय या प्रदेश के मीडिया में उनको नहीं दिखाया जा रहा है। यहां तक कि उसके बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह की सभाओं में भी वे नहीं दिखे हैं। ऐसा लग रहा है कि भाजपा जिस मकसद से उनको ले आई थी वह पूरा हो गया और उसके बाद अब पार्टी को उनकी कोई खास जरूरत नहीं है। उनको पार्टी में लाया गया था कि वे मेदिनीपुर के इलाके में ममता बनर्जी के वर्चस्व को तोड़ेंगे। हालांकि ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ कर सारे समीकरण बिगाड़ दिए। फिर भी अगर उस इलाके में भाजपा लड़ती हुई दिखी तो कारण शुभेंदु अधिकारी और उनका परिवार ही था। लेकिन इसे लेकर भाजपा के अंदर बहुत विरोध हो गया था। पार्टी के पुराने नेताओं ने अधिकारी परिवार का विरोध… Continue reading शुभेंदु अधिकारी कहां चले गए?

आयोग से कौन बचाएगा विपक्ष को?

केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस बार वह काम किया है, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। उसने पश्चिम बंगाल के चुनाव में शहीद जवानों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। आयोग ने एक विज्ञापन छपवाया है, जिसमें अमर जवान ज्योति की फोटो लगी है और कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का कॉमन मैन वहां श्रद्धांजलि देता दिख रहा है। इस फोटो के साथ आयोग ने यह भी लिखवाया है कि ‘वे देश के लिए अपना जीवन बलिदान करते हैं, आप देश के लिए वोट नहीं कर सकते’। यह समझना मुश्किल है कि विज्ञापन चुनाव आयोग ने दिया है या भाजपा ने? कोई भी पार्टी शहीद सैनिकों या सेना का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए करती है तो आयोग से उसकी शिकायत की जाती है। लेकिन यहां तो आयोग ने ही शहीद सैनिकों के नाम का इस्तेमाल करके देश के लिए वोट डालने को कहा है! अब तक भारतीय जनता पार्टी शहीद सैनिकों के नाम पर वोट मांगती थी। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में मंच की पृष्ठभूमि में पुलवामा के शहीद सैनिकों की फोटो लगा कर वोट मांगे गए थे। यह भी क्या संयोग है कि छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में सुरक्षा बलों के 23 जवान… Continue reading आयोग से कौन बचाएगा विपक्ष को?

मोदी और ममता में जुबानी जंग

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बंगाल के बर्धमान में चुनावी सभा को संबोधित किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी नंदीग्राम में बोल्ड हो गई हैं और भाजपा ने सेंचुरी मार ली है। गौरतलब है कि राज्य में चार चरण में अभी तक 135 सीटों पर मतदान हुआ है। बर्धमान की सभा में प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी पर दलितों का और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने का भी आरोप लगाया। इसके जवाब में ममता बनर्जी ने भी तीखा हमला किया और कहा कि सीमा लांघने वाला ऐसा प्रधानमंत्री उन्होंने कभी नहीं देखा। इससे पहले प्रधानमंत्री तृणमूल कांग्रेस की एक नेता के अनुसूचित जाति का अपमान करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों से दीदी की नफरत बढ़ती जा रही है। मोदी  ने कहा- दीदी के लोग बंगाल के अनुसूचित जाति के लोगों को गाली देने लगे हैं। उन्हें भिखारी कहने लगे हैं। दीदी की पार्टी ने बाबा साहेब का अपमान किया है। गौरतलब है कि तृणमूल नेता और आरामबाग विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी सुजाता मंडल ने कहा था कि अनुसूचित जाति के लोग स्वभाव से भिखारी होते हैं। उन्होंने कहा था कि बंगाल में… Continue reading मोदी और ममता में जुबानी जंग

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