bjp victory

  • मोदी युग के अंत की हुई शुरुआत

    चुनावी राजनीति का एक हद तक सामान्य रूप रूप में लौटने का संकेत ही इस आम चुनाव की विशेषता है। इसका अर्थ यह है कि नरेंद्र मोदी परिघटना (phenomena) पर विराम लग गया है। यह धारणा टूट गई है कि नरेंद्र मोदी का करिश्मा चुनावों में उसकी सफलता की गारंटी बना रहेगा। इस आम चुनाव में वास्तव में यही कथित करिश्मा जख्मी हुआ है। साल 2024 में आकर राष्ट्रीय जनादेश एक बार फिर खंडित रूप में सामने आया है। वैसे 2014 और 2019 में भी जनादेश इलाकाई आधार पर खंडित रहा था। तब उत्तर और पश्चिमी भारत में भाजपा का...

  • बीजेपी की कढ़ाई उतर गई और कांग्रेस दफ्तर!

    नई दिल्ली। दिल्ली में मंगलवार को नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों के मुख्यालयों में जीत का जश्न मनाया गया।आखिरचुनावल नतीजा ही ऐसा है जिसमें लगभग हर पार्टी अपने आपको विजेता बता सकती है और उसे आप गलत भी नहीं कह अकते। सबसे पहले बीजेपी। करीब 8 बजे ट्विटर पर ऐसे वीडियों की बहार आ गई जिनमें भाजपा कार्यकर्ताओं को हलुआ-पूरी तैयार करते दिखाया गया था। मगर करीब 10 बजे तक हलुआ-पूरी की कढाईयां चूल्हे से उतार दी गईं। पत्रकार भाजपा मुख्यालय से एक-एक कर बाहर निकलने लगे। सूरज ढलते भाजपा की सीटों की संख्या 240 पर अटक गई...

  • अंहकार हारा, वानर सेना जीती!

    भारत के लोकतंत्र ने फिर इतिहास रचा। मर्यादा की वानर सेना अहंकार को हरा कर जीत गई। अयोध्या में श्रीराम की उंगली पकड़ उन्हें उनके घर लौटाने का दंभ हार गया। कोई न माने इस बात को लेकिन मेरा मानना है कि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के समय नरेंद्र मोदी जिस दर्प, अभिमान और अभिनय में अपना अहंकार गुंजाते हुए थे उसी के कारण उत्तरप्रदेश के गरीब-गुरबों ने जब सुना कि अबकी बार चार सौ पार है तो वे चौकन्ने हुए। उन्होंने माना कि संविधान खतरे में है। नतीजतन  वह चमत्कार कर दिखाया जो सत्ता के अहंकार का मारा कोई...