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  • निशाना प्यादों पर क्यों?

    इंडिया ने नफरती एंकर कहा है, वे अगर वर्षों से ऐसा कार्य कथित रूप से करते रहे हैं, तो क्या इसके लिए सिर्फ वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हैं? या ऐसा करने का मंच उन्हें मीडिया घराने ने उपलब्ध कराया है? लोकतंत्र में आदर्श स्थिति तो यही होगी कि मीडिया को स्वतंत्र ढंग से काम करने का मौका मिले। पत्रकारों को खबरों की अंदर तक पड़ताल करने और सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठे लोगों से हमेशा निर्भय होकर सवाल करने के अवसर मिलें, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के सफल संचालन की अनिवार्य शर्त है। इसीलिए पत्रकारों और मीडिया घरानों को...