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दिल्ली के साथ अनवरत मज़ाक

संविधान सभा के सदस्य भी बने, जहां उन्होंने दिल्ली की बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए संसद में delhi का प्रतिनिधित्व बढ़ाने और delhi को एक निर्वाचित व जवाबदेह सरकार देने की पैरवी की थी।

किसानों का उपद्रव : दीप सिद्धू, लखा सिधाना के खिलाफ भी एफआईआर

गणतंत्र दिवस पर राजधानी में हिंसा और लाल किले की घटना के संबंध में एक प्राथमिकी में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना का नाम दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है।

किसानों का पैसा पूंजीपतियों में बांट रही है सरकार : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार को किसानों की फिक्र नहीं है और वह उनकी पूंजी को अपने उद्योगपति मित्रों में बांट रही है।

दिल्ली में एक दिन में कोरोना के रिकॉर्ड 1295 मामले

राजधानी में कोरोना वायरस हर दिन विकराल रुप धारण करता जा रहा है और पिछले 24 घंटों में इसके रिकार्ड 1295 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 19 हजार को पार कर गया

एक राज्य, तीन राजधानियां!

आंध्र प्रदेश में तीन राजधानियां बनाने के मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी राज्य में तीन राजधानी बनाकर “विकास को विकेन्द्रीकृत” करना चाहते हैं। आंध्र प्रदेश में विधानसभा में तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें तीन राजधानियां बनाने की योजना को आकार देने संबंधी विधेयक पेश किया गया। लेकिन विपक्ष और कई सामाजिक संगठन सरकार के इस फॉर्मूले से सहमत नहीं हैं। पूरे आंध्र प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आंध्र पुलिस का कहना है कि विजयवाड़ा, गुंटूर और अमरावती के अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के 57 नेताओं को नजरबंद कर रखा गया है। वहीं विजयवाड़ा, अमरावती, गुंटुर में करीब आठ हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आलोचकों का कहना है कि 2015 में प्रदेश की राजधानी के तौर पर विकसित करने के लिए उस वस की सरकार ने कई समझौते किए थे। अब तीन-तीन राजधानी बनाना सिर्फ ध्यान भटकाने वाला काम है। एक शिकायत यह भी है कि जो विकास संबंधी कार्य होने चाहिए थे वो नहीं हो रहे हैं। नई राजधानी के विकास के लिए लंबा वक्त और पैसे… Continue reading एक राज्य, तीन राजधानियां!

सरकारी स्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क सरकार भरेगी: केजरीवाल

नई दिल्ली। राजधानी के सरकारी स्कूलों के छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क दिल्ली सरकार भरेगी। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। केजरीवाल ने इस संबंध में कहा, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली छावनी क्षेत्र के सरकारी स्कूल भी इस निर्णय के दायरे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के छात्रों के बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों का विश्लेषण किया गया है जिसमें पाया गया कि गणित और विग्यान के अलावा अन्य विषयों में 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों की संख्या अधिक रही है। गणित और विग्यान विषयों का परिणाम घटा है। गणित में 75 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले छात्रों की संख्या कम है। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार ने स्कूलों में अतिरिक्त कोचिंग कक्षाएं लगाने का फैसला किया है जिससे अन्य विषयों के साथ इन दोनों विषयों का परिणाम भी लाया जा सके। अतिरिक्त कोचिंग कक्षाएं उन छात्रों के लिए भी लगाई जायेंगी जिनकी कम्पार्टमेंट आई है अथवा जो बोर्ड परीक्षाओं से भागते हैं।

तीन राजधानी का विचार अच्छा है

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण का एक नायाब प्रस्ताव पेश किया है। वे चाहते हैं कि उनके राज्य की राजधानी तीन हिस्सों में बंटे। कार्यपालिका के लिए अलग राजधानी बने, विधायिका का राजधानी अलग हो और न्यायपालिका के लिए अलग राजधानी हो।

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