बंगाल हिंसा की जांच सीबीआई करेगी

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के कई हिस्सों में हुई कथित हिंसा की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

गुजरे जमाने की बात है!

सीबीआई की स्वायत्तता के बारे में मद्रास हाई कोर्ट ने जो कहा, वह सुप्रीम कोर्ट कई वर्ष पहले न सिर्फ कह चुका है, बल्कि उस बारे में उसने विस्तृत आदेश भी कई बार दिए।

जजों पर टिप्पणी करने वाले पांच गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना की टिप्पणी के बाद सीबीआई एक्शन में आई है। एजेंसी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

कश्मीर में फर्जी गन लाइसेंस में छापेमारी

फर्जी गन लाइसेंस के मामले में सीबीआई ने शनिवार को जम्मू कश्मीर में 40 ठिकाने पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि एजेंसी ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों- शाहिद इकबाल चौधरी और नीरज कुमार को भी जांच के दायरे में शामिल किया है।

फड़नवीस की पसंद को तरजीह

भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का कद लगातार बढ़ रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उनको पीछे धकेलने के लिए हो रही तमाम सियासत के बावजूद उनका कद छोटा नहीं हो रहा है। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद से हो रहा है। ध्यान रहे पिछले कई बरसों से यह अटकल है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पसंद चंद्रकांत पाटिल हैं, जिनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि फड़नवीस प्रधानमंत्री की पसंद हैं। यह भी कहा जा रहा है कि फड़नवीस के बढ़ते कद से उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी चिंतित हैं और उनको साइज में रखना चाहते हैं। यह भी पढ़ें: प्रियंका के ट्विट की अनदेखी! लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की वजह से फड़नवीस को साइज में रखने का अभियान सिरे नहीं चढ़ रहा है। उलटे वे अपनी पसंद के लोगों को अच्छी जगहों पर नियुक्त करा रहे हैं। भारत सरकार ने हाल में आशीष चंदोरकर को विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लुटीओ में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वे अगले तीन साल तक जिनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर तैनात रहेंगे। चंदोरकर को फड़नवीस का करीबी… Continue reading फड़नवीस की पसंद को तरजीह

SC में दायर की गई सामूहिक याचिका में छलका दर्द: पोते के सामने दादी का तो नाबालिग को घंटों बंधक बना दुष्कर्म करते रहे हैवान…

नई दिल्ली |  बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भी हिंसा कितनी भयंकर थी उसका एक उदाहरण सुप्रीम कोर्ट में सामने आया. बंगाल में हिंसा थमने के बाद महिलाओं का समूह सामने आया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सब को हिला कर रख दिया है. महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से दायर की गई इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि बंगाल की हिंसा के दौरान उनके साथ रेप किया गया. बता दें कि पीड़ित महिलाओं में हर उम्र की महिलाएं शामिल है जिसमें एक नाबालिग युवती भी है. इतना ही नहीं इन महिलाओं में कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं. महिलाओं ने बंगाल के हिंसा की एसआईटी जांच की मांग करते हुए यह याचिका दायर की है. इसके साथ ही याचिका में यह भी अपील की गई है कि सर्वोच्च अदालत सीबीआई या एसआईटी जांच का आदेश है और इसकी निगरानी भी सुप्रीम कोर्ट ही करे. पोते का सामने ही किया दुष्कर्म बताया जा रहा है कि याचिका दायर करने वालों में हर उम्र की महिलाएं शामिल है. कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है इनमें से एक याचिका 60 साल की महिला की है. बुजुर्ग महिला का कहना है कि हिंसा के दौरान… Continue reading SC में दायर की गई सामूहिक याचिका में छलका दर्द: पोते के सामने दादी का तो नाबालिग को घंटों बंधक बना दुष्कर्म करते रहे हैवान…

CBI के लिए जारी हुआ आदेश, नहीं पहन सकेंगे जींस और फैशनेबल जूते…

नई दिल्ली | CBI के नए निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल ने एक बड़ा फैसला लिया है. जयसवाल ने अबCBIमें भी ड्रेस कोड जारी करने के आदेश दिए हैं. दिए गए नए आदेश के अनुसार अब CBI के कर्मचारियों को फॉर्मल ड्रेस पहननी होगी. इसके साथ ही CBI के कर्मचारियों के जींस पहनने और फैशनेबल जूते पहनने पर रोक लग जाएगी.CBI के नए निदेशक ने इस आदेश को सभी कार्यालयों में सुपरवाइजर अफसरों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन बदलावों से CBI की छवि को और भी ज्यादा निखारा जा सकेगा. क्या है नए आदेश में नए आदेशों के अनुसार अब CBI के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में फॉर्मल कपड़े पहन कर ही आना होगा. आदेश में जींस के साथ ही फैशनेबल और कैजुअल जूतों के पहनने पर भी रोक लगा दी गई है. CBI के कर्मचारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि कई दिनों से देखा जा रहा था कि कर्मचारी कैजुअल ड्रेसेस पहनकर आ रहे थे जिससे देश की इतनी बड़ी संस्था की छवि के धूमिल होने का खतरा था. उन्होंने कहा कि इन बदलावों के कारण अब कर्मचारियों में अनुशासन भी आएगा. इसे भी पढ़ें-सलमान ने दी थी… Continue reading CBI के लिए जारी हुआ आदेश, नहीं पहन सकेंगे जींस और फैशनेबल जूते…

नारद मामले में जांच, सुनवाई सब पर सवाल

पश्चिम बंगाल में नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किए गए राज्य सरकार के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक पूर्व मेयर को हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है पर इस मामले ने सीबीआई की जांच और हाई कोर्ट की सुनवाई दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे पहला सवाल तो यही है कि कोरोना वायरस की महामारी के बीच सात साल पुराने इस मामले में ऐसी क्या हड़बड़ी थी तो सीबीआई ने मंत्रियों, विधायकों को गिरफ्तार किया? उसके बाद जब उनको विशेष अदालत से जमानत मिल गई तो आधी रात को हाई कोर्ट जाने और फिर हाई कोर्ट के नजरबंदी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की क्या जल्दी थी? अंततः सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी को हाई कोर्ट जाने के लिए ही कहा और एजेंसी को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी। दूसरा सवाल हाई कोर्ट के रवैए पर कलकत्ता हाई कोर्ट के जज जस्टिस अरिंदम सिन्हा ने उठाया है। जस्टिस सिन्हा ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल के साथ साथ सभी जजों को चिट्ठी लिख कर कहा है कि इस पूरे मामले ने अदालत को मजाक में बदल दिया है। उन्होंने पहला सवाल यह उठाया है कि जब विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी… Continue reading नारद मामले में जांच, सुनवाई सब पर सवाल

देश के भगोड़े Mehul Choksi को जल्द लाया जा सकता है भारत, विशेष ऑपरेशन में जुटी CBI की टीम

नई दिल्ली। पीएनबी स्कैम (PNB Scam) मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहे आरोपी और हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) को क्यूबा भागते वक्त रास्ते में ही डोमिनिका (Dominica) में क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार कर लिया गया है. डॉमिनिका पुलिस द्वारा उसे हिरासत में लेकर कई घंटों तक पूछताछ करने के बाद वापस एंटीगुआ भेजने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है. सीबीआई के सूत्रों मुताबिक मेहुल चौकसी को जल्द ही भारत लाया जा सकता है. इस विशेष ऑपरेशन के लिए सीबीआई की टीम इंटरपोल और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी सहित खुफिया एजेंसी के अधिकारी के साथ संपर्क बनाए हुए है. इसे भी पढ़ें:- नहीं रूके CM केजरीवाल, Modi सरकार पर जमकर बरसे, कहा- केंद्र सरकार का काम हम कैसे करें बता दें कि जनवरी की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा होने का खुलासा हुआ था. इस मामले में 30 जनवरी को सीबीआई (CBI) ने एफआईआर दर्ज की थी. लेकिन उससे पहले ही इस घोटाले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी भारत छोड़कर भाग निकले थे. तब से ही दोनों आरोपियों के प्रत्यर्पण की कोशिश की जा रही… Continue reading देश के भगोड़े Mehul Choksi को जल्द लाया जा सकता है भारत, विशेष ऑपरेशन में जुटी CBI की टीम

ममता दीदी को सुप्रीम कोर्ट का झटका, CBI को दिया निर्देश, कानून हाथ में लिया है तो मुख्यमंत्री के खिलाफ करें कार्रवाई

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और राज्य के कानून मंत्री मलय घटक की परेशानी और बढ़ा दी है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि मुख्यमंत्री या कानून मंत्री ने कानून अपने हाथ में लिया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़नी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के कानून मंत्री मलय घटक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के शासन को तोड़ने की कोशिश करने पर सीबीआई (CBI) ममता बनर्जी, उनकी सरकार के कानून मंत्री या अन्य किसी के भी खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है. ये भी पढ़ें:- Kisan Andolan: किसानों का आज काला दिवस, 12 प्रमुख विपक्षी दलों ने किसानों समर्थन किया सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देष नारद रिश्वत कांड में गिरफ्तार बंगाल के दो मंत्रियों सहित चार कद्दावर नेताओं को गृहबंदी रखने संबंधित कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान दिया है. ये भी पढ़ें:- Mamta Banerjee के लिए भवानीपुर के विधायक शोभनदेव ने साफ किया रास्ता, तस्वीर हुई साफ उक्त मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति बीआर गवई के खण्ड पीठ को बताया… Continue reading ममता दीदी को सुप्रीम कोर्ट का झटका, CBI को दिया निर्देश, कानून हाथ में लिया है तो मुख्यमंत्री के खिलाफ करें कार्रवाई

DLF Bribery Case: पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav को बड़ी राहत, CBI ने DLF रिश्वत मामले में दी क्लीन चिट

नई दिल्ली। DLF Bribery Case: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav ) को सीबाआई ( CBI ) ने एक मामले में बड़ी राहत प्रदान की है. सीबीआई ने डीएलएफ ( DLF ) रिश्वत मामले ( DLF Bribery Case ) में लालू प्रसाद यादव को क्लीन चिट दे दी है. बता दें कि इन दिनों लालू यादव जमानत पर जेल से बाहर हैं. उन्हें खराब स्वास्थ्य के आधार पर अप्रेल महीने में जमानत दी गई थी. लेकिन इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने करीब तीन साल जेल में बिताए. ये भी पढ़ें:- Rajasthan: बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से खतरा, शिक्षा राज्य मंत्री बोले- नहीं खोले जाएंगे स्कूल, अब ऐसे होगी पढ़ाई लालू यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपो के बाद सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने जनवरी, 2018 में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू की थी. इसी के साथ सीबीआई ने रियल एस्टेट डेवलपर डीएलएफ समूह के खिलाफ भी जांच शुरू की थी. ये भी पढ़ें:- WELCOME THIRD WAVE : स्वैग से करेंगे कोरोना की तीसरी लहर का स्वागत, रेड कार्पेट पर आई तीसरी लहर लालू यादव पर आरोप लगे थे कि डीएलएफ समूह मुंबई बांद्रा स्टेशन के अपग्रेडेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन… Continue reading DLF Bribery Case: पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav को बड़ी राहत, CBI ने DLF रिश्वत मामले में दी क्लीन चिट

Narada-CBI Case में कलकत्ता हाइकोर्ट से राहत मिलने के बाद घर लौटे फिरहाद हकीम, समर्थकों से की शांति बनाए रखने की अपील

Kolkata: नारद स्टिंग टेप मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये गये पश्चिम बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम और तीन अन्य नेताओं को नजरबंदी में रखे जाने के कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश के बाद वे अपने आवास लौट आये. हकीम कड़ी सुरक्षा के बीच शाम को अपने चेतला आवास पहुंचे. हाइकोर्ट ने फिरहाद हकीम, पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व महापौर शोभन चटर्जी को नजरबंदी में रखने का आदेश दिया. अदालत ने अपने पूर्व के आदेश को संशोधित किया, जिसके तहत सीबीआई कोर्ट द्वारा चारों नेताओं को दी गयी जमानत पर रोक लगायी गयी थी. हालांकि, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी तत्काल घर नहीं लौट सके, क्योंकि उनका स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं के कारण अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसलिए इन नेताओं ने तय किया है कि इलाज कराने के दौरान ये लोग अस्पताल में ही रहेंगे. हालांकि, कोर्ट ने सभी को घर पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गयी कैवियट हाइकोर्ट द्वारा गृहबंदी का फैसला सुनाये जाने के बाद मंत्री फिरहाद हकीम के अधिवक्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कैवियट दाखिल की गयी है. यह जानकारी फिरहाद की बेटी प्रियदर्शिनी हकीम… Continue reading Narada-CBI Case में कलकत्ता हाइकोर्ट से राहत मिलने के बाद घर लौटे फिरहाद हकीम, समर्थकों से की शांति बनाए रखने की अपील

भाजपा में चले गए तो डर काहे का!

केंद्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई ने कमाल किया। सात साल पुराने एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक अन्य नेता के खिलाफ छापेमारी करके चारों को गिरफ्तार किया। जब सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों को जमानत दे दी तो उसी दिन आधी रात को एजेंसी हाई कोर्ट में पहुंच गई, जमानत रद्द कराने और हाई कोर्ट ने भी निराश नहीं किया। सोचें, जब उच्च अदालतों का खुद का निर्देश है कि कोरोना वायरस की इस महामारी में बहुत  जरूरी हो तभी किसी को गिरफ्तार करना है, फिर भी हाई कोर्ट ने सात साल पुराने एक मामले में, चार ऐसे नेताओं की जमानत रद्द की, जो कहीं भागे नहीं जा रहे थे और जिनका इस समय गिरफ्तार होना बहुत जरूरी भी नहीं था। बहरहाल, यह कहानी की एक हिस्सा है। दूसरा हिस्सा ज्यादा दिलचस्प है। जिस नारद स्टिंग मामले में इन चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है उसी मामले में शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय भी आरोपी हैं। लेकिन चूंकि ये दोनों अब भारतीय जनता पार्टी में हैं इसलिए इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब पता चला है कि इन दोनों ने इस बार चुनाव लड़ते समय दायर किए गए हलफनामे में इस… Continue reading भाजपा में चले गए तो डर काहे का!

खुद को नंगा करना

अब सीबीआई और वह जिसका ‘तोता’ है, वो अपने सारे वस्त्र उतार चुके हैँ। इसलिए एक ऐसी एकतरफा कार्रवाई हुई है, जिसके पीछे तनिक भी सही मकसद का भ्रम नहीं रहा है। ये तो जग जाहिर है कि सीबीआई के आका सियासी हार पचा नहीं पाते। तो उसका बदला वे येन-केन-प्रकारेण लेने में यकीन करते हैँ। सीबीआई चाहती तो अपने बारे में कुछ भ्रम बनाए रख सकती थी। इसके लिए उसे बस इतना करना था कि नारदा स्टिंग घोटाले में जब उसने दो मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार किया, तो लगे हाथ तृणमूल से भाजपा में चले गए मुकुल राय और सुभेंदु मुखर्जी को भी हिरासत में ले लेती। लेकिन अब सीबीआई और वह जिसका ‘तोता’ है, वो अपने सारे वस्त्र उतार चुके हैँ। इसलिए एक ऐसी एकतरफा कार्रवाई हुई है, जिसके पीछे तनिक भी सही मकसद का भ्रम नहीं रहा है। ये तो जग जाहिर है कि सीबीआई के आका सियासी हार पचा नहीं पाते। तो उसका बदला वे येन-केन-प्रकारेण लेने में यकीन करते हैँ। इसका खुला खेल पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। इसीलिए जो सरकार के कट्टर समर्थक नहीं हैं, उन्हें तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर यकीन करने में कोई हिचक नहीं… Continue reading खुद को नंगा करना

बंगाल का तमाशा, ध्यान भटकाने की साजिश

पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियां जो कर रहे हैं वह चुनावी हार की फ्रस्ट्रेशन के अलावा एक सुनियोजित साजिश भी है। तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार करा कर या चुनाव बाद की हिंसा के बहाने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करके या कोरोना वायरस के कुप्रबंधन के बहाने प्रदर्शन करके भाजपा के नेता अपनी खीज और निराशा जाहिर कर रहे हैं पर उसके साथ साथ इन सारे मुद्दों से यह उम्मीद भी कर रहे हैं कि लोगों का ध्यान बंगाल पर लगा रहेगा और लोग कोरोना वायरस के कुप्रबंधन का मुद्दा नहीं उठाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपने आप इजराइल और हमास के झगड़े की ओर चला गया और प्रतिबद्ध घरेलू मीडिया को बंगाल के काम में लगा दिया गया है। यह भी पढ़ें: नई नियुक्ति या प्रियंका होंगी संकटमोचन? यह भी पढ़ें: कांग्रेस अब विपक्ष से भी जा रही है सोचें, देश में कोरोना वायरस की महामारी चरम पर है। केसेज भले कम होते दिखाए जा रहे हैं पर अब भी अनेक राज्यों में संक्रमण की दर 10 फीसदी या उससे ऊपर है। मरने वालों की दर सर्वाधिक है। सोमवार को भी चार हजार से ज्यादा लोग मरे। पूरी दुनिया में कोरोना से 10 हजार लोग… Continue reading बंगाल का तमाशा, ध्यान भटकाने की साजिश

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