बिहार से महासचिव लायक कोई नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि बिहार प्रतिभा का पावरहाउस है। उन्होंने कहा कि जहां देखिए बिहार के चमकते चेहरे देश के लिए कुछ नया करने को बेताब दिखेंगे।

नड्डा की टीम पर किसकी छाप?

भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के आठ महीने बाद जेपी नड्डा ने अपनी टीम बनाई तो ये अटकलें शुरू हो गईं कि इस टीम पर किसकी छाप है? यह टीम कितनी नड्डा की है और कितनी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की और कितनी पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की

संसदीय बोर्ड में नियुक्ति नहीं हुई

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव के साथ ही पार्टी की सर्वोच्च इकाई संसदीय बोर्ड में नए सदस्यों की नियुक्ति की चर्चा भी थी। परंतु पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसदीय बोर्ड में नियुक्ति नहीं की है। इसके अलावा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी ऐलान नहीं किया गया है।

बाहरी लोगों को भी खूब मौका मिला

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम बाहर से यानी दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को भी खूब मौका मिला है। आमतौर पर भाजपा बाहर से आने वालों को एमपी, एमएलए की टिकट तो दे देती है पर संगठन में जिम्मेदारी नहीं देती है।

पूरे देश की पार्टी बनाने का प्रयास

भाजपा की नई बनी राष्ट्रीय टीम को देख कर लग रहा है कि भाजपा ने गंभीरता से साथ पार्टी को पूरे देश की पार्टी बनाने का प्रयास किया है। वैसे संगठन के लिहाज से भाजपा का विस्तार पूरे देश में हो चुका है और हर चुनाव में भाजपा को अब हर राज्य में अच्छा खासा वोट मिलता रहा है।

संगठन में बिहार चुनाव का कनेक्शन

जेपी नड्डा ने ऐन बिहार चुनाव से पहले अपनी टीम का ऐलान किया है। इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे बिहार चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। बिहार और झारखंड की कम से कम तीन नियुक्तियों से बिहार चुनाव में कुछ असर होने की संभावना देखी जा रही है।

नड्डा ने बनाई अपनी नई टीम

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की घोषित केन्द्रीय कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश के 10 चेहरों को शामिल किया गया है। सूबे के पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल को पार्टी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है