बगावत है या नीतीश का खेल?

लखनऊ में हुए अमित शाह के भाषण ने बहुतेरों की नींद उड़ा दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चुनौती देते हुए कहा है कि नागरिकता संशोधन क़ानून किसी भी हालत में वापस नहीं होगा। जिस को जो करना है कर ले। वैसे शाहीन बाग़ के अलावा दश में कहीं कुछ हो भी नहीं रहा।… Continue reading बगावत है या नीतीश का खेल?

संवाद क्यों नहीं कर रही सरकार?

अजित कुमार- देश भर में संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में हजारों लोग पिछले एक महीने से धरने पर बैठे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। रिले धरना सा चल रहा है। लोग काम पर जाते हैं और फिर आकर धरने पर बैठ… Continue reading संवाद क्यों नहीं कर रही सरकार?

विपक्ष की सांस्थायिक एकजुटता जरूरी

सुशांत कुमार- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संशोधित नागरिकता कानून पर विचार के लिए विपक्षी पार्टियों की बैठक बुलाई थी। लोकसभा चुनाव के बाद एकाध मौकों पर विपक्षी पार्टियों ने एकता दिखाने का प्रयास किया पर यह पहला बड़ा प्रयास था, जो बहुत कामयाब नहीं हुआ। विपक्षी पार्टियों की बैठक की बजाए यह मोटे तौर… Continue reading विपक्ष की सांस्थायिक एकजुटता जरूरी

घोंसले का सत्य जानें, भावना में उड़ें नहीं!

बुढ़ी अम्माओं का धरना-2: उड़ना यों आजादी का सुख है और विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र की जिंदादिली। बावजूद इसके भ्रम, झूठ और बिना दिशा के उड़ना भटकना है। जीवन की, जमीन के घोंसले की हकीकत से कोसों दूर होना है। जरा शाहीन बाग (याकि आम मुस्लिम घर का मनोभाव) से रिपोर्ट हुए इन वाक्यों पर गौर करें-… Continue reading घोंसले का सत्य जानें, भावना में उड़ें नहीं!

नागरिकता मुद्दे पर जनता मोदी के साथ

सोनिया गांधी पूरी तरह छोटे मोटे विपक्षी दलों पर निर्भर हो गई हैं। वे समझती हैं कि जैसे यूपीए बना कर उन्होने 2004 में वाजपेयी सरकार को अपदस्थ करने में कामयाबी पाई थी तरह कभी न कभी मोदी को अपदस्थ कर देंगीं। लेकिन काठ की हांडी बार बार नहीं चढती। कांग्रेस की हालत तब इतनी… Continue reading नागरिकता मुद्दे पर जनता मोदी के साथ

विरोध से बेपरवाह सरकार

देशभर में विरोध के बीच विवादित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) 10 जनवरी से लागू हो गया। यानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों की कोई परवाह नहीं की। इसका यह भी मतलब हुआ कि सरकार सीएए समेत सभी मामलों में अपने नैरेटिव को लेकर आगे बढ़ने पर अड़ी हुई है। उसकी किसी संवाद या सहमति बनाने में… Continue reading विरोध से बेपरवाह सरकार

भाजपा का भस्मासुरी कानून

नागरिकता संशोधन कानून लगभग वैसी ही भूल है, जैसी मोदी सरकार ने नोटबंदी की भयंकर भूल की थी। इन दोनों कामों के करने के पीछे भावना तो बहुत अच्छी रही लेकिन इनके दुष्परिणाम भयावह हुए हैं। नोटबंदी से सारा काला धन सफेद हो गया। काले धनवालों ने उल्टे उस्तरे से सरकार की मुंडाई कर दी।… Continue reading भाजपा का भस्मासुरी कानून