3 महीने से कम उम्र के गोद लिए बच्चे को ही दिया जाता है मैटरनिटी लीव – सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टी नियमों पर केंद्र को नोटिस जारी..

12 सप्ताह के मातृत्व लाभ का लाभ उठाने के लिए एक व्यक्ति को तीन महीने से कम उम्र के बच्चे का दत्तक ( Adoption ) माता-पिता होना चाहिए।

महिलाओं का प्रवेश स्थगित नहीं किया जा सकता, SC ने NDA परीक्षा पर केंद्र की याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि महिलाओं को इस साल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए।

कोरोना से हुई मौत के लिए दिशा-निर्देश जारी

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई मौतों का पता लगाने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

Historic Decision : महिलाओं को NDA में प्रवेश दिया जाएगा, केंद्र ने SC को बताया, रोडमैप के लिए समय मांगा

भारत के सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के लिए महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश दिया जाएगा। इसे ऐतिहासिक निर्णय कहा और दिशानिर्देश तैयार करने के लिए और समय मांगा।

केरल में कोवीशील्ड की डोज का अंतर घटेगा!

केरल में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच केरल हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को कोवीशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर घटाने को कहा है।

पंचाटों में बहाली 10 दिन में हो

देश भर के न्यायिक पंचाटों में नियुक्तियों में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है और सरकार को नियुक्ति करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अदालत ने इससे पहले अगस्त के पहले हफ्ते में पंचाट के सदस्यों की नियुक्ति में देरी को लेकर हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी।

ट्विटर से सुलझ गया केंद्र का मामला!

तो क्या अब माना जाए कि सोशल मीडिया की माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के साथ भारत सरकार का विवाद खत्म हो गया? क्या यह विवाद पिछले आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद की वजह से बढ़ा हुआ था और उनके हटने के एक महीने में ही सारी चीजें सामान्य हो गईं?

वैक्सीनेशन से भी अविश्वास!

दुनिया भारत को देख रही है। जिस समय कोरोना का दूसरी लहर फैली उस समय भी दुनिया देख रही थी कि कैसे भारत ने झूठे-सच्चे आंकड़ों से संक्रमितों और मरने वालों की संख्या छिपाई और अब जबकि देश में बहुत तेज रफ्तार से वैक्सीनेशन हो रहा है तो उसे भी दुनिया बहुत ध्यान से देख रही है कि आखिर भारत में क्या हो रहा है। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है। पिछले कई बरसों से दुनिया भारत के आंकड़ों को संदेह की नजर से देख रही है। कोरोना तो बाद में आया है उससे पहले आर्थिक विकास और दूसरी कई सरकारी योजनाओं के बारे में बताए जा रहे आंकड़ों पर भी दुनिया को अविश्वास रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अविश्वास उसी की एक कड़ी है। यह कहने का मतलब यह नहीं है कि भारत में जिन वैक्सीन को मंजूरी मिली है उनकी क्वालिटी खराब है या वे असरदार नहीं हैं। उसकी बजाय जिस तरह से वैक्सीनेशन हो रहा है, देश भर से फर्जी वैक्सीन लगाने की खबरें आ रही हैं, खाली सीरिंज लोगों को भोंकी जा रही है या आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर बताने की खबरें आ रही हैं, उससे दुनिया में अविश्वास हो रहा है।… Continue reading वैक्सीनेशन से भी अविश्वास!

ये अनलॉक की शुरूआत है या कोरोना की तीसरी लहर का स्वागत-दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली |  कोरोना की दूसरी लहर के मामलों में अब गिरावट होने लगी है। और सरकारों ने धीरे-धीरे अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। लेकिन छूट के साथ ही बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है। कुछ बाजारों की तस्वीरें वायरल हो रही है जिसमें लोग बिना मास्क के दिखाई दे रही है। कोरोना नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले का संज्ञान लिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही तीसरी लहर का आगमन बन सकती है। जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को इस संबंध में सचेत किया है। इस मामले में सख्त कदम उठाने को कहा है। कहा है कि आप सुनिश्चित करें कि कोई भी कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन ना करें। इस संबंध में दुकानदारों को जागरूक करें और बाजारों और विक्रेता संघों के साथ बैठक करें।  इस तरह की लापरवाही तीसरी लहर का कारण बन सकती है।   also read: Baba Ka Dhaba : बाबा का ढाबा संचालक कांता प्रसाद ने किया आत्महत्या का प्रयास, अस्पताल में भर्ती एम्स के डॉक्टर द्वारा भेजी गई तस्वीरें जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस आशा मेनन की अवकाश पीठ ने एम्स के एक… Continue reading ये अनलॉक की शुरूआत है या कोरोना की तीसरी लहर का स्वागत-दिल्ली हाइकोर्ट

वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि

नई दिल्ली। भारत में 16 जनवरी से चल रहे वैक्सीनेशन अभियान के दौरान वैक्सीन लगाने से हुई पहली मौत की पुष्टि हुई है। सरकार की ओर से बनाए गए विशेषज्ञों के पैनल ने 68 के एक बुजुर्ग की वैक्सीन लगाने से मौत होने की पुष्टि की है। हालांकि इससे पहले वैक्सीन लगवाने वाले अनेक लोगों की मौत हुई है लेकिन उनको वैक्सीन की वजह से हुई मौत नहीं माना गया। बहरहाल, बुजुर्ग को आठ मार्च को वैक्सीन की डोज दी गई थी, जिसके बाद उनमें एनाफिलैक्सिस जैसे साइड इफेक्ट दिखे थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। ये एक तरह का एलर्जिक रिएक्शन होता है। इससे शरीर में बहुत तेजी से दाने निकलने लगते हैं। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट्स वाले 31 लोगों के मामले का अध्ययन किया गया, इनमें से 28 की मौत हो गई थी। इनमें से सिर्फ एक व्यक्ति की मौत वैक्सीन की वजह से हुई और तीन लोग अस्पताल में भर्ती होने के बाद ठीक हो गए। वैक्सीन लगवाने के बाद इन तीन लोगों को गंभीर साइड इफेक्ट की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज से वे पूरी तरह ठीक होने के बाद… Continue reading वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि

सरकार के लिए भी महंगी होगी कोवैक्सीन

हैदराबाद। निजी अस्पतालों के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की कीमत सबसे ज्यादा रखी गई है। अब ऐसा लग रहा है कि सरकार को भी यह वैक्सीन महंगी कीमत पर खरीदनी पड़ेगी। कंपनी की ओर से कहा गया है कि उसके लिए बहुत दिन तक डेढ़ सौ रुपए प्रति डोज के हिसाब से सरकार को वैक्सीन उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। कंपनी की ओर से वैक्सीन को लेकर मंगलवार को एक बड़ा बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि कंपनी सरकार को डेढ़ सौ रुपए डोज के हिसाब से वैक्सीन दे रही है पर ऐसा लंबे समय तक नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने निजी अस्पतालों को सबसे महंगी कीमत पर वैक्सीन देने को सही ठहराते हुए कहा कि अलग कीमत इसे बनाने की लागत की भरपाई के लिए है। कंपनी ने कहा- अलग अलग कीमतें होने के बावजूद हमें लग रहा है कि कोवैक्सीन की एक डोज की औसत कीमत ढाई सौ रुपए आ रही है। हम जो भी वैक्सीन बना रहे हैं, उसका बड़ा हिस्सा केंद्र को जाएगा। केंद्र सरकार हमसे डेढ़ सौ रुपए में एक डोज खरीद रही है। भारत बायोटेक ने कहा- वैक्सीन की 25 फीसदी हिस्सा निजी अस्पतालों को जाएगा। केंद्र सरकार ने… Continue reading सरकार के लिए भी महंगी होगी कोवैक्सीन

विपक्ष सिर्फ एक बात करे

कोरोना वायरस की महामारी के बीच विपक्षी पार्टियां एक साथ आईं और सरकार को चिट्ठी लिख कर कई सुझाव दिए। विपक्ष का साथ आना और सरकार को सुझाव दोनों अच्छी बातें हैं। पर विपक्ष अपने सुझावों में विवादित राजनीतिक मुद्दों को शामिल करके अच्छी भली पहल को बेपटरी कर दे रहा है। सोनिया गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे तक और राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक अपने निजी बयानों में या प्रधानमंत्री से अपील में कह रहे हैं कि सेंट्रल विस्टा का काम रोक दिया जाए। इसी बात को 12 विपक्षी पार्टियों की ओर से लिखी गई चिट्ठी में भी  प्रमुखता से शामिल कर दिया गया। यह एक विवादित राजनीतिक मुद्दा है, जिसे कोरोना वायरस की महामारी के पहले से विपक्षी पार्टियां उठा रही हैं। जब से सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की चर्चा शुरू हुई है तब से विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। पहले इसका विरोध इस नाम पर था कि यह प्रोजेक्ट गैरजरूरी है, पैसे की बरबादी है, पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी बेकार है। दिल्ली की आर्किटेक्चर पर काम करने वाले कई लोगों ने सौंदर्यबोध के नजरिए से सुप्रीम कोर्ट में इसका विरोध किया तो पर्यावरणवादियों ने पर्यावरण के… Continue reading विपक्ष सिर्फ एक बात करे

सोनिया गांधी का आरोप, मोदी सरकार कर रही विपक्षी राज्यों के ​साथ भेदभाव, कहा 25 से अधिक उम्र वालों को लगे वैक्सीन

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने केंद्र सरकार पर कोरोना वायरस (CoronaVirus) से लड़ाई में विपक्षी शासन वाले राज्यों से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस कार्य समिति की शनिवार को हुई बैठक में सोनिया गांधी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि उसने महामारी के दौरान सिर्फ राजनीति की और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं में विकास के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने 25 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन की सुविधा शुरू करने की भी मांग की। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में केंद्र पर निशाना साधते हुए सोनिया ने कहा कि संक्रमण की पहली लहर के बाद केंद्र सरकार को एक साल का पूरा समय मिला, लेकिन सरकार ने मेडिकल सुविधाओं को ठीक करने के बजाए सिर्फ राजनीति की। कांग्रेस अध्यक्ष ने विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस के सहयोगी मुख्यमंत्रियों ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके विभागीय मंत्रियों को पत्र लिख कर जरूरी सामानों की मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार ने चुप्पी साध रखी है। सोनिया ने कहा- कई राज्यों में वैक्सीन नहीं है, वेंटिलेटर नहीं है, ऑक्सीजन नहीं… Continue reading सोनिया गांधी का आरोप, मोदी सरकार कर रही विपक्षी राज्यों के ​साथ भेदभाव, कहा 25 से अधिक उम्र वालों को लगे वैक्सीन

आपातकाल पर समग्रता से विचार हो

अगर सुप्रीम कोर्ट 45 साल पहले लगाए गए आपातकाल की संवैधानिकता की समीक्षा करने का फैसला करती है तो उसे पूरी समग्रता से इसकी समीक्षा करनी चाहिए।

आधार पर केंद्र सरकार को नोटिस

निजी कंपनियों को नागरिकों के आधार डाटा का इस्तेमाल करने की छूट देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही केंद्र ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, यूआईडीएआई को भी शुक्रवार को नोटिस जारी किया।

और लोड करें