Chakradhaari Srikrishana

  • सम्यक दृष्टि वाले चक्रधारी श्रीकृष्ण

    श्रीकृष्ण सुदर्शन चक्र धारी थे। और अपने सीधे हाथ की छोटी ऊँगली पर एक घूमता हुआ पहिया के समान सुदर्शन चक्र धारण किया करते थे। सुदर्शन चक्र अर्थात सम्यक् दर्शन अर्थात आत्म साक्षात्कार। दर्शन अर्थात दृष्टि, और सुदर्शन अर्थात सही दृष्टि। अर्थात मैं शुद्धात्मा हूँ, का दर्शनभाव। मैं शरीर नहीं बल्कि आत्मा हूँ- यह सही दृष्टि है। अज्ञानता के कारण ही लोग नाम से पहचाने जाने वाले इस शरीर व नाम के साथ इस संसार में भ्रांत और गलत दृष्टि से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं कि मैं शरीर हूँ, अथवा मैं नामधारी हूँ। लेकिन जब आत्म साक्षात्कार होता...