chinese company

  • प्राथमिकी से तो सरकार घिरी

    प्राथमिकी में इल्जाम है कि श्योमी और वीवो जैसी चीनी कंपनियां भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलपब्ध कराने का माध्यम बनीं। तो सवाल है कि इन कंपनियों को भारत में कारोबार करने की इजाजत किसने दे रखी है? न्यूजक्लिक के खिलाफ दायर एफआईआर में इस वेबसाइट पर दिल्ली पुलिस ने गंभीर अभियोग लगाए हैं, लेकिन जिन आधार पर इन्हें लगाया गया है, उनसे कई गंभीर सवाल भारत सरकार पर उठ खड़े हुए हैँ। अगर एफआईआर के तर्कों को आगे बढ़ाया जाए, तो यह धारणा बन सकती है कि भारत में आतंकी गतिविधियों को फंडिंग उपलब्ध कराने में सरकार...