विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और शाहीनबाग की महिला प्रदर्शनकारियों के बीच मंगलवार को एक बार फिर वार्ता हुई। पुलिस अधिकारियों ने यहां नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरना दे रही महिलाओं से मुख्य सड़क मार्ग को खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस की अपील को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके फलस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच चल रही है वार्ता एक बार फिर से विफल हो गई। इससे पहले भी कई मर्तबा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शाहीनबाग की मुख्य सड़क पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों से बात करने आ चुके हैं। मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच वार्ता के लिए एक निष्पक्ष स्थान का चुनाव किया गया था। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से करीब 100 मीटर दूर स्थित चौराहे पर पुलिस और महिला प्रदर्शनकारियों के बीच यह बातचीत हुई। यहां पुलिस की ओर से स्थानीय एसएचओ और एसीपी जगदीश यादव मौजूद थे। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से करीब 20 महिलाएं इस वार्ता में शामिल हुईं। महिलाओं से बातचीत के दौरान एसीपी जगदीश यादव ने कहा “आप पिछले कई महीनों से यहां प्रदर्शन कर रही हैं, इस दौरान हमने आपको पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है। हमारा… Continue reading विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

आंतकी की तरह व्यवहार कर रहे शाहीनबाग प्रदर्शनकारी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शुरुआत से ही हमलावर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा ने एक बार फिर उन पर निशाना साधा। इस बार कोविड-19 के बढ़ते खतरे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, पहले उन्होंने हमारे यातायात को रोका, हमें स्कूल-अस्पताल और कार्यालय जाने से भी रोका। अब शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी आत्मघाती मिशन पर निकले आतंकवादियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, शाहीन बाग अब दिल्ली के लाखों नागरिकों के जीवन के लिए सीधा खतरा बन गया है। यह एक आपराधिक कृत्य है। हैशटैग कोरोना। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देशों को अनदेखा करते हुए कहा कि वह प्रदर्शनस्थल से नहीं हटेंगे। दिल्ली सरकार ने कोरोनवायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर 50 या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि शाहीन बाग में महिलाएं नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), प्रस्तावित नागरिको के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते… Continue reading आंतकी की तरह व्यवहार कर रहे शाहीनबाग प्रदर्शनकारी: कपिल मिश्रा

लोकतंत्र के हित में

इस निर्णय को स्वीकार करने के बजाय उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया। बेशक यह उसका अधिकार है। मगर ये गौरतलब है कि सरसरी नजर में उत्तर प्रदेश सरकार की संबंधित कार्रवाई अनुचित और संवैधानिक भावना के खिलाफ नजर आती थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इसे इसी नजरिए से देखा। राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के मामले में सरकारें ऐसी कार्रवाई करने लगें और उसे न्यायपालिका का समर्थन भी मिलने लगे, तो यही माना जाएगा कि देश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। फिलहाल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐसी आशंका को दूर किया है। यह भी गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामला का स्वतः संज्ञान लेते हुए पिछले रविवार को स्व एक विशेष सुनवाई की थी। उस दौरान उसने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हिंसा करने के आरोपियों की लखनऊ में पोस्टर लगाने को लेकर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित कदम है। अगले दिन अपने फैसले में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाना संबंधित लोगों की व्यक्तिगत… Continue reading लोकतंत्र के हित में

पोस्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुयी हिंसा और तोड़फोड़ के आरोपियों के पोस्टर हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ बुधवार को शीर्ष अदालत में अपील दायर की।

उप्र : लखनऊ में सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारी की मौत

लखनऊ। क्लॉक टॉवर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन कर रही एक महिला की यहां एक अस्पताल में हृदयाघात के कारण मौत हो गई। पिछले एक महीने में प्रदर्शनकारियों की मौत का यह दूसरा मामला है। 55 वर्षीय फरीदा बारिश में भीगने के बाद बीमार हो गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया था। रविवार को वहां उसकी मौत हो गई। एक और प्रदर्शनकारी, 20 वर्षीय तैयबा (बीए अंतिम वर्ष की छात्रा) की भी ऐसे ही हालात में 23 फरवरी को मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बारिश में भीगने के बाद वह बीमारी हो गई थी। डालीगंज निवासी फरीदा, महिलाओं के उस पहले समूह में शामिल थीं, जिन्होंने जनवरी में पहली बार विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। एक अन्य प्रदर्शनकारी, 45 वर्षीय रुबीना बेगम ने कहा वह कई बार रात में भी क्लॉक टॉवर में रहती थीं। क्लॉक टॉवर पर टेंट लगाकर प्रदर्शन करने की दलीलें शासन द्वारा ठुकराए जाने के बाद, प्रदर्शनकारी खुले आसमान के नीचे बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। दो महीनों से यहां प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं फरीदा की मौत से दुखी हैं। क्लॉक टॉवर पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन 17 जनवरी को शुरू हुआ था, जो कि… Continue reading उप्र : लखनऊ में सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारी की मौत

‘एक मुद्दे पर संतुष्ट नहीं हूं’: रजनीकांत

चेन्नई। अभिनेता से राजनेता बने रजनीकांत ने कहा कि रजनी मक्कल मंद्रम (आरएमएम) के जिला सचिवों के साथ हुई बैठक में एक मुद्दे को छोड़कर बाकी सब ठीक रहा। इस मुद्दे को लेकर वह व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट नहीं हैं। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रजनीकांत ने कहा कि बहुत सारे सवाल थे, जिनका उन्होंने जबाव दिया। इसके अलावा विचारों का भी आदान-प्रदान हुआ। एक मुद्दे को लेकर वो व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट नहीं है, जिसका वे बाद में खुलासा करेंगे। तमिलनाडु जमथुल उलमा सबई (टीएनजेयूएस) के नेताओं से हुई उनकी मुलाकात के बारे में पूछने पर रजनीकांत ने कहा कि, नेताओं ने उन्हें गृहमंत्री अमित शाह से मिलने और इस मुद्दे पर चर्चा करने का सुझाव दिया था। टीएनजेयूएस के नेताओं ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और एनआरसी के कारण मुस्लिमों को जो समस्याएं होंगी, उस बारे में भी रजनीकांत को अवगत कराया था। रजनीकांत ने इससे पहले कहा था कि वह तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करेंगे और उनकी पार्टी अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं, जिसके चलते रजनीकांत की आरएमएम के जिला सचिवों के साथ इस बैठक को अहम माना जा रहा है।

दिल्ली दंगों पर चर्चा की मांग पर लोकसभा 3 बार स्थगित हुई

नई दिल्ली। लोकसभा मंगलवार को तीन बार स्थगित हुई। ऐसा विपक्षी सदस्यों के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर दिल्ली में हुए दंगों पर चर्चा पर अड़े रहने के कारण हुआ। इन दंगों में 46 लोगों की जान गई और 260 से ज्यादा लोग घायल हैं। विपक्षी सदस्य सरकार द्वारा होली के एक दिन बाद 11 मार्च को इस मुद्दे पर चर्चा पर सहमति जताने के बाद भी अड़े रहे। सदन तीसरी बार जब अपराह्न् दो बजे शुरू हुआ तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि उन्होंने सरकार व विपक्षी सांसदों के साथ चर्चा की और सरकार दिल्ली दंगों पर होली के एक दिन बाद 11 मार्च को चर्चा कराने पर सहमत है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारा लगाना जारी रखा और दिल्ली दंगों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी व सदन में हंगामा करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन पटल पर रखे बैंकिंग रेग्युलेशन (अमेंडमेंट) बिल 2020 पर बोलती रहीं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, आप लोगों ने चर्चा की मांग की है और सरकार इस पर होली बाद चर्चा को सहमत है। इसलिए अपनी सीट पर जाएं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में भाग लें।… Continue reading दिल्ली दंगों पर चर्चा की मांग पर लोकसभा 3 बार स्थगित हुई

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की याचिका पर भड़की विहिप

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर विश्व हिंदू परिषद ने नाराजगी जताई है। विहिप ने कहा है कि किसी भी बाहरी को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, यूएनएचआरसी के पास हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। हम हैरान हैं कि यूएन मानवाधिकार आयोग को पाकिस्तान और अन्य तानाशाह देशों में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं दिखता। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी इस मसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में गैर मुसलमानों के साथ जानवरों से भी बुरा व्यवहार होता है। इन मुस्लिम देशों में अल्पसंख्यकों के नारकीय जीवन पर बेशर्मी भरी चुप्पी साधने वाले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को उनकी भारतीय नागरिकता पर पीड़ा होने लगी? सुप्रीम कोर्ट में सीएए के मसले पर दाखिल हस्तक्षेप याचिका में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त मिशेल बेचलेत जेरिया ने कहा है कि उन्हें एमिकस क्यूरे यानी अदालत के मित्र के तौर पर सुनवाई में शामिल होने के लिए मंजूरी दी जाए। इस याचिका पर भारती विदेश मंत्रालय… Continue reading संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की याचिका पर भड़की विहिप

शाहीनबाग में धारा 144 लागू

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर करीब 3 महीने से सड़क पर प्रदर्शन चल रहा है, जिससे ओखला में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ लोग दस्तावेज नहीं दिखाएंगे, लेकिन रामलला का सबूत मांगेंगे: रविशंकर प्रसाद

बड़ौदा। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे विपक्ष और लोगों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आजकल डिबेट में या अन्य जगहों पर कुछ लोग बोल रहे हैं कि वे दस्तावेज नहीं दिखाएंगे, लेकिन वे ही लोग अयोध्या में रामलला का सबूत मांगते थे। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पहले हमें चुनाव में हराओ और अपनी सरकार सरकार बनाओ। हमें सेक्युलरिज्म का पाठ मत पढ़ाओ। बड़ौदा में शनिवार को इंडिया फस्र्ट फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में अपने फैसले में तीन महत्वपूर्ण बातें कही थीं। पहला गिराया गया ढांचा ही ‘भगवान राम का जन्मस्थान है’ हिंदुओं की यह आस्था निर्विवादित है। दूसरा ‘मुस्लिम पक्ष विवादित जमीन पर अपना दावा साबित करने में विफल रहा। मस्जिद में इबादत में व्यवधान के बावजूद साक्ष्य यह बताते हैं कि प्रार्थना पूरी तरह से कभी बंद नहीं हुई। यह खबर भी पढ़ें:- रविशंकर प्रसाद ने मंदी पर लिया बयान वापिस मुस्लिमों ने ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया, जो यह दर्शाता हो कि वे 1857 से पहले मस्जिद पर पूरा अधिकार रखते थे’ और तीसरा ‘एएसआई की रिपोर्ट… Continue reading कुछ लोग दस्तावेज नहीं दिखाएंगे, लेकिन रामलला का सबूत मांगेंगे: रविशंकर प्रसाद

सीएए भारत का आंतरिक मामला: ट्रंप

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि इसके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। भारत की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक प्रश्न के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सीएए भारत का आंतरिक मामला है। ट्रंप ने कहा, हमने धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में बात की। प्रधानमंत्री मोदी धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम पर हिंसा के बारे में ट्रंप ने कहा, मैंने इसके बारे में सुना है, मगर हमने इस पर चर्चा नहीं की। उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में सीएए समर्थक व विरोधियों के बीच झड़प जारी है। यहां पिछले तीन दिनों से दोनों समूहों के बीच काफी हिंसा हो चुकी है, जो ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान ही हुई है। विवादास्पद कानून के समर्थक और विरोधी शनिवार रात आपस में भिड़ गए, जिसके बाद से तनाव और बढ़ गया। हिंसा में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

ओवैसी देशव्यापी सीएए विरोधी प्रदर्शन के नेता: भाजपा

नई दिल्ली। बेंगलुरू में असदुद्दीन ओवैसी की नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी रैली में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए जाने व उनके पार्टी सदस्य वारिस पठान द्वारा सांप्रदायिक बयान दिए जाने के एक दिन बाद भाजपा ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का ‘नेता’ बताया। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया, आज हम घृणा की राजनीति का एक उदाहरण दे रहे हैं, जो कुछ लोग पूरे देश में सीएए के विरोध के तौर पर कर रहे हैं। देश में हो रहे इन विरोधों का यदि कोई तथाकथित नेता है, तो वह असदुद्दीन ओवैसी हैं। उन्होंने कहा कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे गुरुवार को लगाए गए, जिस मंच पर ओवैसी मौजूद थे। पात्रा ने आरोप लगाया, कभी-कभी जो नेपथ्य में सिखाया जाता तो वह मंच पर सामने आ जाता है। जब वे मंच के पीछे पाकिस्तान को समर्थन देने की बात करते हैं और मंच पर संविधान व तिरंगे की मर्यादा बनाए रखने का नाटक करते हैं तो अक्सर सच्चाई मुंह से बाहर आ जाती है। गुरुवार को एक युवती को पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते देखा गया, जिसके बाद एआईएमआईएम नेता ने उसे रोकने की कोशिश की। यह घटना बेंगलुरु… Continue reading ओवैसी देशव्यापी सीएए विरोधी प्रदर्शन के नेता: भाजपा

दादियों-नानियों के कान कौन भर रहा?

शाहीन बाग़ में बैठे प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीमकोर्ट की ओर से भेजे गए वार्ताकारों साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े के सामने भी महिलाओं को आगे कर दियाऔर वे नागरिकता संशोधन क़ानून वापस लेने तक एक ईंच भी नहीं हटने पर अड़ी रहीं। नतीजा नहीं निकलना था और नहीं निकला। वार्ता अभी और चार दिन जारी रहेगी| देश की सहानुभूति हासिल करने के लिए अम्माओं, दादियों , नानियों वाला लेफ्ट का नरेटिव चला हुआ है। वार्ता कर के बाहर निकली साधना रामचंद्रन ने भी दादियों शब्द का इस्तेमाल किया। अनपढ़ बूढ़ी औरतों को सामने रख कर संविधान की लड़ाई लडी जा रही है तो देशवासी इस का मतलब समझ सकते हैं। यह बात खुल रही है कि वामपंथी एनजीओ धरने को गाईड कर रहे हैं। मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही विदेशी चंदे के दुरूपयोग की जांच शुरू करवा दी थी और चंदा हासिल करने के नियम सख्त बना दिए थे। तब से ये सारे एनजीओ कोई न कोई बलवा करते रहते हैं। सुप्रीमकोर्ट ने साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े को धरने का स्थान बदलने के लिए राजी करने का जिम्मा सौंपा था। लेकिन बुधवार को जब दोनों शाहीन बाग़ पहुंचने वाले थे तो उस से ठीक पहले तीस्ता सीतलवाड दादियों-नानियों के कान… Continue reading दादियों-नानियों के कान कौन भर रहा?

तमिलनाडु में सीएए के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

चेन्नई। चेन्नई समेत तमिलनाडु के कई प्रमुख शहरों में बुधवार को हजारों की संख्या में मुसलमान नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों की राज्य सरकार से मांग है कि वे विधानसभा में ऐसा प्रस्ताव लेकर आए, जिससे तमिलनाडु में सीएए लागू नहीं हो पाए। राज्य की राजधानी चेन्नई में बड़ी संख्या में मुसलमान महिला एवं पुरुष तमिलनाडु विधानसभा का घेराव करने के लिए कलाइवनार आरंगम से मार्च निकाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा थाम रखा है। वहीं कुछ राजनीतिक पार्टियां भी प्रदर्शन के समर्थन में उतर आई हैं। प्रदर्शन के कारण चेन्नई में अन्ना सलाई और कई प्रमुख मार्गो पर यातायात व्यवस्था बाधित रही। मद्रास हाईकोर्ट द्वारा प्रदर्शन की अनुमति मंगलवार को नहीं मिलने के बाद भी रैली निकाली गई है। विधानसभा के पास और रैली मार्ग के आसपास किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। परिस्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी भी लगाए हैं। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में जैसे कोयंबटूर, त्रिची, कडलूर, तिरुवन्नामलाई और अन्य जगहों पर भी सीएए विरोधी कई रैलियां आयोजित की जा रही हैं। वहीं विधानसभा में मंगलवार को… Continue reading तमिलनाडु में सीएए के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

शाहीन बाग पर वार्ताकारों की मुलाकात नहीं होगी

नई दिल्ली। शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकारों में से एक पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने मंगलवार को कहा कि वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन से मंगलवार को मेरी मुलाकात नहीं होगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपनी सुनवाई में वातार्कारों के एक पैनल का गठन किया, जिसमें वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, वकील साधना रामचंद्रन और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह को शामिल किया गया है। ये वार्ताकार सभी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे और जिस मार्ग पर ये प्रदर्शनकारी बैठें है उसको खुलवाने का भी प्रयास करेंगे। पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा, मुझे वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन से आज मुलाकात की कोई जानकारी नहीं है। वैसे भी साधना रामचंद्रन जी की तबीयत ठीक नहीं है। इनलोगों से मुलाकात तब होगी, जब मुझे कोई निर्देश आएगा, अभी तक मुझे कोई निर्देश नहीं मिला है। आखिर मुझे भी पता लगे कि मुझे वार्ताकार नियुक्त किया गया है या मुझे उनकी मदद करने के लिए नियुक्त किया गया है। जब तक मुझे जानकारी नही होगी मैं किस मुद्दे पर बात करूंगा। वजाहत हबीबुल्लाह भारत… Continue reading शाहीन बाग पर वार्ताकारों की मुलाकात नहीं होगी

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